आवास विहीन परिवारों के लिए मोबाइल ऐप आधारित सर्वेक्षण: नई तकनीक से लाभार्थियों को सुविधा

BIJNOR. भारत सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में आवास विहीन परिवारों को घर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक अभिनव पहल शुरू की है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत 2024 में प्रारंभ किए गए इस सर्वेक्षण का उद्देश्य 2025 तक सभी पात्र परिवारों को आवासीय सुविधा प्रदान करना है। इस पहल में आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए डेटा संग्रहण के लिए मोबाइल ऐप को मुख्य माध्यम बनाया गया है।
सर्वेक्षण की प्रक्रिया और प्रौद्योगिकी का उपयोग
सर्वेक्षण को सफलतापूर्वक क्रियान्वित करने के लिए 380 सर्वेयर नियुक्त किए गए हैं। प्रत्येक सर्वेयर का आधार और फेस आईडी से सत्यापन किया गया है, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और सुरक्षित बन सके। प्रत्येक सर्वेयर को तीन गांवों की जिम्मेदारी दी गई है। यह जानकारी परियोजना अधिकारी ज्ञानेश्वर तिवारी द्वारा दी गई है।
इस प्रक्रिया में पात्र लाभार्थियों की पहचान के लिए मोबाइल ऐप पर डेटा एकत्र किया जाएगा। इसके अलावा, ई-केवाईसी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग सुनिश्चित करेगा कि वास्तविक पात्र परिवारों को ही योजना का लाभ मिले।
पात्रता और प्राथमिकताएं
सर्वेक्षण में उन परिवारों को शामिल किया जाएगा जो भूमि विहीन हैं या अस्थायी घरों में रह रहे हैं। महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे समाज के वंचित वर्गों को सशक्त बनाया जा सके।
समस्याओं का समाधान और पारदर्शिता
अगर किसी पात्र परिवार का नाम सर्वेक्षण में छूट जाता है, तो उनके लिए पुनः अपील की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी परिवार सरकारी सहायता से वंचित न रह जाए।
अभिनव दृष्टिकोण: तकनीक और प्रभाव
मोबाइल ऐप आधारित यह सर्वेक्षण सरकार के डिजिटल इंडिया मिशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पारंपरिक कागजी प्रक्रियाओं की जगह तेज़, सटीक और पारदर्शी समाधान प्रदान करेगा।
यह पहल न केवल ग्रामीण परिवारों को आवासीय सुविधा प्रदान करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, बल्कि प्रौद्योगिकी के उपयोग से सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन को सशक्त और पारदर्शी बनाने का उदाहरण भी है। यदि इस योजना का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन होता है, तो यह लाखों परिवारों के जीवन में स्थायी परिवर्तन ला सकती है।












