“प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना: जनपद बिजनौर को मिला 72 यूनिट का लक्ष्य”

BIJNOR. आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत केंद्र सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा ‘प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना’ (PMFME) लागू की गई है। इस योजना का उद्देश्य सूक्ष्म खाद्य उद्योगों को विकसित कर उन्हें आर्थिक सहायता और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करना है, जिससे उनके उत्पादों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा बढ़ सके।
जिला उद्यान अधिकारी के अनुसार, जनपद बिजनौर को इस योजना में 72 यूनिट का लक्ष्य दिया गया है। इच्छुक व्यक्ति योजना का लाभ लेने के लिए विकास भवन स्थित उद्यान विभाग से संपर्क कर सकते हैं और विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
योजना की मुख्य विशेषताएं:
1. सब्सिडी का प्रावधान: सूक्ष्म खाद्य उद्योगों को 35% सब्सिडी (अधिकतम 10 लाख रुपये तक) दी जाएगी।
2. लाभार्थियों का योगदान: कुल परियोजना लागत का 10% लाभार्थी को स्वयं वहन करना होगा।
3. पात्र उद्योग: योजना में 45 प्रकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग शामिल हैं, जैसे दाल मिल, राइस मिल, बेकरी, मसाला निर्माण, तेल उत्पादन, जैविक उत्पाद आदि।
बिजनौर के लिए विशेष दिशा-निर्देश:
जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि इस योजना का लाभ लेने के इच्छुक उद्यमी mofpi.nic.in वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं। साथ ही, योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी और मार्गदर्शन के लिए विकास भवन स्थित उद्यान विभाग से संपर्क किया जा सकता है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करना और भारतीय खाद्य उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है। बिजनौर के उद्यमियों को इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।












