बिजनौर: समाधान दिवस में उमड़ी फरियादियों की भीड़, 36 शिकायतें पहुंचीं डीएम तक; 10 का मौके पर निस्तारण
डीएम उमेश प्रताप सिंह ने अधिकारियों को दी सख्त हिदायत, बोले- शिकायतों का सिर्फ कागजों में नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए समाधान; फरियादियों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें
अवनीश त्यागी | Target TV Live
बिजनौर। सरकारी दफ्तरों में शिकायत लेकर पहुंचने वाले लोगों को बार-बार चक्कर न काटने पड़ें और उनकी समस्याओं का सही समाधान मिले, इसके लिए जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। अधिकारी केवल कागजों में कार्रवाई पूरी करने के बजाय शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत पहुंचाना सुनिश्चित करें।
शनिवार को तहसील नजीबाबाद के कवि दुष्यंत कुमार सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 36 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 10 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण करा दिया गया, जबकि शेष 26 शिकायतों को संबंधित अधिकारियों के सुपुर्द कर समयसीमा के भीतर समाधान करने के निर्देश दिए गए।
जांच के नाम पर न हो खानापूर्ति
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन शिकायतों में मौके पर जाकर जांच करना जरूरी है, उनमें संबंधित अधिकारी स्वयं पहुंचें और वास्तविक स्थिति की जांच करें। जांच में किसी पक्ष के दबाव में आए बिना निष्पक्षता बरती जाए तथा सही तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
उन्होंने कहा कि शिकायतों को गंभीरता से लेना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। वर्तमान में प्राप्त शिकायतों के साथ पहले से लंबित मामलों का भी प्राथमिकता से निस्तारण किया जाए। किसी फरियादी को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
शिकायतकर्ता की संतुष्टि के बिना समाधान अधूरा
डीएम ने स्पष्ट किया कि शिकायत का निस्तारण तभी सार्थक है, जब शिकायतकर्ता को उससे राहत मिले। केवल रिपोर्ट लगाकर या औपचारिक कार्रवाई करके शिकायत का निस्तारण दिखाना पर्याप्त नहीं है। अधिकारियों को हर मामले में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयसीमा का ध्यान रखना होगा।
उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि आम जनता को सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों का लाभ मिले। कोई भी पात्र व्यक्ति जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए।
अब 26 शिकायतों पर रहेगी नजर
समाधान दिवस में 36 शिकायतों में से 10 का मौके पर निस्तारण जरूर हुआ, लेकिन शेष 26 शिकायतों का समाधान अभी संबंधित विभागों को करना है। ऐसे में अधिकारियों के सामने इन शिकायतों को तय समय में निपटाने की जिम्मेदारी है।
समाधान दिवस की असली सफलता शिकायतों की संख्या कम करने में नहीं, बल्कि लोगों की समस्याओं का स्थायी समाधान करने में है। अब देखना होगा कि अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के बाद शेष शिकायतकर्ताओं को कितनी जल्दी राहत मिलती है।
अवनीश त्यागी | Target TV Live TargetTvLive.com | बिजनौर












