Target TV Live | विशेष रिपोर्ट
दीपावली से पहले बिजनौर में खाद्य सुरक्षा विभाग का अभियान तेज, 7 दुकानों से मिठाई, दूध और नमकीन के नमूने लिए
नगीना से किरतपुर तक खाद्य प्रतिष्ठानों पर पहुंची टीम, चीनी के खिलौने, रसगुल्ला, बर्फी, बताशे और मिश्रित दूध की जांच के लिए नमूने संग्रहित; विभाग ने व्यापारियों को दी साफ-सफाई और शुद्धता बनाए रखने की हिदायत
रिपोर्ट : अवनीश त्यागी Target TV Live
बिजनौर। दीपावली के त्योहार पर मिठाइयों और खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग के बीच मिलावट की आशंका को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने निगरानी अभियान तेज कर दिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जिले में विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों से सात नमूने संग्रहित किए। इनमें मिठाइयों के साथ नमकीन और मिश्रित दूध भी शामिल हैं।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए की जा रही इस कार्रवाई का उद्देश्य त्योहार के दौरान आमजन को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। हालांकि, संग्रहित नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही उनकी गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप होने की स्थिति स्पष्ट होगी।
इन सात प्रतिष्ठानों से लिए गए नमूने
जिला प्रशासन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अभियान के दौरान निम्न खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए—
* असगर स्वीट हाउस, लाल सराय, नगीना – चीनी का खिलौना।
* तुलाराम प्लाजा, नगीना – रसगुल्ला।
* महेंद्र सिंह, बढ़ापुर – नमकीन।
* मोहम्मद फरमान स्वीट शॉप, कोतवाली – रसगुल्ला।
* रामकिशोर स्वीट शॉप, स्योहारा – बर्फी।
* अमन डेयरी, किरतपुर – मिश्रित दूध।
* असगर स्वीट हाउस, मुनीम चौक, नगीना – बताशे।
इन नमूनों को नियमानुसार जांच के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया के तहत संग्रहित किया गया है। जांच रिपोर्ट से ही पता चलेगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ निर्धारित गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।
त्योहार पर मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ गुणवत्ता की चुनौती
दीपावली के दौरान मिठाई, खोया, दूध और अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री में तेजी आती है। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, निर्माण की स्वच्छता और भंडारण की उचित व्यवस्था महत्वपूर्ण हो जाती है। विशेष रूप से दूध और उससे तैयार होने वाली मिठाइयों की गुणवत्ता पर निगरानी जरूरी है।
खाद्य सुरक्षा विभाग का यह अभियान इसी दिशा में उठाया गया कदम है। हालांकि, केवल नमूने लेने तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई भी सुनिश्चित होनी चाहिए। इससे उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ेगा और खाद्य कारोबारियों में नियमों के पालन के प्रति जवाबदेही भी बनेगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम में ये अधिकारी शामिल
अभियान में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राम अशीष मौर्य के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह, डीके वर्मा, राजीव कुमार, नरेश कुमार, शंभू दयाल, अनिल कुमार और रेणु सिंह शामिल रहे।
विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा।
उपभोक्ताओं के लिए विभाग की जरूरी सलाह
खाद्य सुरक्षा विभाग ने आमजन से त्योहार पर मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय सावधानी बरतने की अपील की है।
* अत्यधिक चमकीली रंगीन मिठाइयों और कचरी से बचें।
* मिठाइयों पर लगे एल्युमिनियम वर्क की पहचान करें।
* दुकान की साफ-सफाई देखकर ही खाद्य सामग्री खरीदें।
* दुकानदार से प्रतिष्ठान की हाइजीन रेटिंग के बारे में पूछें।
* पैकिंग वाले खाद्य पदार्थों पर एक्सपायरी डेट और बेस्ट बिफोर जरूर देखें।
व्यापारियों को भी दिए गए निर्देश
विभाग ने खाद्य कारोबारियों को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने, तेल का बार-बार इस्तेमाल नहीं करने, खाद्य सामग्री को अखबार में न लपेटने और कूड़ेदान का उपयोग सुनिश्चित करने की हिदायत दी है। इसके साथ ही मिठाइयों में मिलावटी खोया इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी गई है।
नमूने लेना ही काफी नहीं, रिपोर्ट और कार्रवाई भी हो सार्वजनिक
दीपावली पर खाद्य सुरक्षा को लेकर विभाग की सक्रियता जरूरी है, लेकिन इस अभियान की वास्तविक सफलता प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई से तय होगी। सात नमूने लेना निगरानी की शुरुआत है, अंतिम परिणाम नहीं।
उपभोक्ताओं के हित में यह भी महत्वपूर्ण है कि नमूनों की जांच समयबद्ध ढंग से हो और मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले खाद्य पदार्थों के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाए। त्योहार की मिठास लोगों की सेहत पर भारी न पड़े, इसके लिए विभागीय निगरानी के साथ व्यापारियों की जिम्मेदारी और उपभोक्ताओं की सतर्कता भी जरूरी है।












