बिजनौर: DM उमेश प्रताप सिंह का ‘ऑपरेशन क्लीन’ – लापरवाही पर गिरेगी गाज, जानें किन अधिकारियों पर तन गईं भवें!
स्पेशल रिपोर्ट
अवनीश त्यागी : TargetTvLive स्थान: बिजनौर | तारीख: 03 नवम्बर 2026
बिजनौर। जनपद में जनसुविधाओं की अनदेखी और रफ्तार में धीमी पड़ी विकास योजनाओं को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित नगर निकायों की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह के तल्ख तेवर देखने को मिले। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों की कार्यशैली और विकास कार्यों की जमीनी हकीकत का बारीकी से हिसाब-किताब लिया।
TargetTvLive की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, जिलाधिकारी ने कड़े शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि जनता की समस्याओं के निस्तारण और शहर की स्वच्छता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
1. दिसंबर तक का अल्टीमेटम: लापरवाही पर सीधी कार्रवाई
बैठक में निर्माण कार्यों की धीमी गति पर असंतोष व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने सभी अधिशासी अधिकारियों (EOs) को अंतिम चेतावनी दी:
“दिसंबर माह तक हर हाल में स्वीकृत और निर्माणाधीन कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा कराएं। अगर स्थलीय जांच में गुणवत्ता खराब मिली या काम में ढिलाई पाई गई, तो बख्शा नहीं जाएगा।”
- गुणवत्ता जांच: सभी चालू परियोजनाओं का नियमित रूप से फिजिकल वेरिफिकेशन और क्वालिटी टेस्ट होगा।
- जवाबदेही: ठेकेदारों से लेकर जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
2. ‘अवैध होर्डिंग्स और खंभों’ पर चलेगा चाबुक, डेटा होगा ‘गूगल शीट’ पर लाइव
शहर की सुंदरता को दागदार करने वाले और राजस्व को चूना लगाने वाले अवैध विज्ञापनों पर जिलाधिकारी ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है:
- गूगल शीट अनिवार्य: नगर क्षेत्रों में होर्डिंग्स के लिए निर्धारित और वैध स्थानों की सूची तत्काल तैयार कर गूगल शीट पर अपलोड करने के आदेश दिए गए हैं।
- अवैध पोल हटेंगे: सड़कों और चौराहों पर बिना अनुमति गड़े अवैध खंभों को चिह्नित कर नियमानुसार तत्काल हटाने की कार्रवाई शुरू होगी।
- सड़क सुरक्षा अभियान: प्रमुख चौराहों पर LED स्क्रीन्स के माध्यम से यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के प्रति जनता को जागरूक किया जाएगा।
3. जलभराव और गंदगी पर ज़ीरो टॉलरेंस: ‘सोर्स सेपरेशन’ का नया फॉर्मूला
बारिश और जलभराव से नागरिकों को होने वाली परेशानी पर नकेल कसते हुए DM ने जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त करने का सख्त फरमान जारी किया है।
स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन प्लान
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│ घर-घर से कूड़ा संग्रहण │
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[ गीला कूड़ा ] [ सूखा कूड़ा ]
(वैज्ञानिक कम्पोस्टिंग) (MRF सेंटर / रीसाइक्लिंग)
- जलभराव से मुक्ति: नालों और नालियों की तली-झाड़ सफाई सुनिश्चित की जाए ताकि कहीं भी पानी न रुके।
- डबल डस्टबिन मॉडल: नागरिकों को गीले और सूखे कूड़े को अलग-अलग रखने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
- एमआरएफ सेंटर (MRF): सूखे कूड़े को रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा, जबकि गीले कूड़े से वैज्ञानिक तरीके से कम्पोस्ट तैयार होगी।
4. प्रशासनिक तंत्र में हलचल: बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?
बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अंशिका दीक्षित के साथ-साथ जिले भर के संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और सभी नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी (EO) उपस्थित रहे। बैठक के बाद से ही लापरवाह तंत्र में हड़कंप का माहौल है।
TargetTvLive का विश्लेषण:
जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह का यह रुख यह साफ बताता है कि बिजनौर में अब ‘फाइलों पर विकास’ का दौर खत्म हो चुका है। दिसंबर तक की दी गई डेडलाइन अधिकारियों के लिए परीक्षा की घड़ी है। अब देखना यह होगा कि धरातल पर यह निर्देश कितनी तेजी से लागू होते हैं।
यह रिपोर्ट आपको कैसी लगी? अपने क्षेत्र की जलभराव, सफाई या अवैध होर्डिंग्स से जुड़ी समस्याओं को हमें TargetTvLive पर कमेंट करके जरूर बताएं!












