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हाईवे पर ‘हादसा’ नहीं, 1.55 लाख की लूट के लिए दोस्त ही बने ‘कातिल’! नजीबाबाद में नेपाली नागरिक की हत्या का सनसनीखेज खुलासा
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी (TargetTvLive)
बिजनौर (उत्तर प्रदेश): क्या शराब की मेज पर बैठा आपका साथी आपकी जान का दुश्मन बन सकता है? कोटद्वार से शुरू हुई जान-पहचान और नजीबाबाद हाईवे तक पहुँची ‘जाम टकराने’ की महफिल का अंजाम इतना खौफनाक होगा, यह किसी ने नहीं सोचा था।
TargetTvLive की विशेष रिपोर्ट के मुताबिक, नजीबाबाद पुलिस ने 25 अक्टूबर की सुबह काशीपुर-हरिद्वार हाईवे (सरवनपुर गांव के पास) मिले एक अज्ञात लहूलुहान शव की गुत्थी को सुलझा लिया है। जिसे पहली नज़र में सड़क हादसा माना जा रहा था, वह दरअसल ₹1.55 लाख रुपये की नकदी लूटने के लिए रची गई एक खौफनाक साजिश थी।
1. ‘हादसा’ दिखाने का मास्टरप्लांट: ऐसे रची गई खौफनाक पटकथा
पुलिस पूछताछ में पकड़े गए तीनों शातिर अभियुक्तों—शेरबहादुर (नैनीताल), कमलसिंह (नेपाल) और करण बहादुर शाही (बांके, नेपाल/हाल शिमला)—ने जो खुलासा किया, उसने खाकी को भी चौंका दिया।
- कोटद्वार में मुलाकात: मृतक अशंक बहादुर शाही (45 वर्ष, निवासी कालिकोट, नेपाल) की मुलाकात इन तीनों से कोटद्वार में हुई थी।
- पैसों पर पड़ी नीयत: साथ में शराब पीते समय आरोपियों की नज़र अशंक के पास मौजूद भारी-भरकम नकदी (₹1.55 लाख) पर पड़ी।
- चलते वाहन के सामने धक्का: लूट की नीयत से तीनों ने अशंक को नजीबाबाद की तरफ ले जाकर और शराब पिलाई। जब वह नशे में धुत हो गया, तो उसे सड़क हादसे का रूप देने के लिए एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन के सामने धक्का दे दिया।
टक्कर लगते ही अशंक वहीं गिर पड़े। आरोपी उन्हें मृत समझकर रुपयों और कपड़ों से भरा बैग लेकर चंपत हो गए।
2. कुल्लू-मनाली में अय्याशी और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी सीधा हिमाचल प्रदेश के मनाली भाग गए।
- लूटी गई धनराशि (₹1.55 लाख) में से ₹50,000 तीनों ने आपस में बाँटकर अपने-अपने घर भेज दिए।
- ₹30,000 रुपये आरोपियों ने मनाली में मौज-मस्ती और पुलिस से बचने के चक्कर में उड़ा दिए।
- बाकी के ₹75,000 नकद उन्होंने मृतक के बैग में ही संभाल कर रखे हुए थे।
3. खाकी का सटीक नेटवर्क: 10 दिनों में कसा शिकंजा
TargetTvLive को मिली जानकारी के अनुसार, 28 अक्टूबर को मृतक के बेटे अमित शाही ने नजीबाबाद थाने पहुँचकर शव की शिनाख्त अपने पिता अशंक बहादुर शाही के रूप में की और अज्ञात के खिलाफ लूट व हत्या (धारा 103(1) बीएनएस) का मामला दर्ज कराया।
प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार और निरीक्षक अपराध योगेंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम व सर्विलांस सेल (कां. जोगिन्द्र) ने मुखबिर की सटीक सूचना पर 03 नवंबर 2026 को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
बरामदगी का ब्योरा:
- कुल नकद बरामदगी: ₹78,520/- रुपये (₹75,000 बैग से + ₹3,520 आरोपियों के पास से)
- सामान: 3 मोबाइल फोन, 2 आधार कार्ड
- मृतक की सामग्री: 1 जोड़ी बूट, नेपाली टोपी, जैकेट, पैंट व अन्य सामान।
4. विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण (TargetTvLive एडिटोरियल टेक)
“यह घटना डिजिटल युग में अजनबियों या नए बने दोस्तों पर आंख बंदकर भरोसा करने के गंभीर खतरों को रेखांकित करती है। कोटद्वार से नजीबाबाद तक का सफर महज एक यात्रा नहीं, बल्कि बेखौफ अपराधियों द्वारा बिछाया गया जाल था। नजीबाबाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई और वैज्ञानिक साक्ष्यों के संकलन की वजह से एक ‘अज्ञात हिट एंड रन’ केस अब एक संगठित लूट-हत्या कांड के रूप में बेनकाब हो चुका है।”
— अवनीश त्यागी, वरिष्ठ पत्रकार (TargetTvLive)
पुलिस टीम की त्वरित सफलता:
इस सफल खुलासे में मुख्य रूप से प्र.नि. अमित कुमार, नि. अपराध योगेन्द्र सिंह, उ.नि. नकुल शर्मा, का. जोगिन्द्र (सर्विलांस), हे.का. सौरभ कुमार, हे.का. भारत मलिक, का. हर्ष खाटियान, का. कुलदीप बड़गौती और का. शुभम मलिक की सराहनीय भूमिका रही।
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