पूर्व सैनिकों की फरियाद पर डीएम जसजीत कौर का बड़ा एक्शन, अब धामपुर-चांदपुर में भी खुलेगा समाधान का रास्ता
अतिक्रमण और अवैध कब्जे से लेकर भूमि पैमाइश तक उठे मामले, कारगिल दिवस पर सैनिकों के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी का मुद्दा भी गरमाया; डीएम ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
बिजनौर, 8 सितंबर। पूर्व सैनिकों और वीर नारियों की समस्याओं को लेकर बिजनौर जिला प्रशासन ने सख्त और संवेदनशील रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में आयोजित जिला सैनिक बंधु समिति की बैठक में पूर्व सैनिकों और वीर नारियों ने अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के सामने रखीं। जिलाधिकारी ने प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण, प्रभावी और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
अब तहसीलों में भी सुनी जाएंगी पूर्व सैनिकों की समस्याएं
बैठक में सामने आया कि पूर्व सैनिकों की कई समस्याएं राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़ी हैं। ऐसे मामलों के लिए जिला मुख्यालय तक आने की व्यवस्था पर निर्भर रहने के बजाय प्रशासन अब तहसील स्तर पर भी सुनवाई को प्रभावी बनाने की तैयारी में है।
जिलाधिकारी ने जिला सैनिक कल्याण अधिकारी सेवानिवृत्त कैप्टन अनिल कुमार गुप्ता को धामपुर और चांदपुर तहसील में जिला सैनिक बंधु समिति की बैठक आयोजित कराने के निर्देश दिए। इन बैठकों में संबंधित तहसीलों से जुड़े राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में मामलों का निस्तारण कराने पर जोर दिया गया।
यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भूमि विवाद, पैमाइश, कब्जे और पुलिस से संबंधित शिकायतों में स्थानीय स्तर पर संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी समाधान की प्रक्रिया को अधिक तेज कर सकती है।
कारगिल दिवस की कथित टिप्पणी पर एफआईआर की मांग
बैठक में 26 जुलाई को कारगिल दिवस के अवसर पर लद्दाख में एक महिला द्वारा सैनिकों के संबंध में की गई कथित अभद्र टिप्पणी का मुद्दा भी सामने आया। पूर्व सैनिकों की ओर से मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। इससे स्पष्ट है कि सैनिकों के सम्मान और उनकी गरिमा से जुड़े मामलों को लेकर जिला प्रशासन शिकायतों को गंभीरता से लेने के पक्ष में है।
सड़क निर्माण की मांग भी पहुंची डीएम के दरबार में
सैनिक बंधु की बैठक केवल व्यक्तिगत शिकायतों तक सीमित नहीं रही। बैठक में सेंट मैरी स्कूल से बीजेपी कार्यालय तक सड़क निर्माण की मांग भी रखी गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में उचित कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके साथ ही अतिक्रमण हटाने, भूमि की पैमाइश कराने और भूमि से अवैध कब्जा हटवाने सहित कई अन्य मामले भी सामने आए। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक का असली संदेश—शिकायत से समाधान तक पहुंचे प्रशासन
जिला सैनिक बंधु की यह बैठक इसलिए अहम मानी जा सकती है क्योंकि इसमें प्रशासन ने केवल समस्याएं सुनने के बजाय उनके समयबद्ध और गुणवत्तापरक समाधान पर जोर दिया। खासतौर पर धामपुर और चांदपुर में बैठक कराने का निर्देश प्रशासनिक पहुंच को जिला मुख्यालय से बाहर तहसील स्तर तक ले जाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
पूर्व सैनिकों और वीर नारियों से जुड़े भूमि, कब्जे तथा पुलिस-राजस्व संबंधी मामलों में यदि निर्देशों का प्रभावी अनुपालन होता है तो इससे शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यावहारिक हो सकती है।
ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व देवेंद्र पाल सिंह, पुलिस अधीक्षक नगर केजी सिंह, मुख्य कोषाधिकारी, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी सेवानिवृत्त कैप्टन अनिल कुमार गुप्ता सहित अन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक और वीर नारियां मौजूद रहीं।
TargetTvLive | रिपोर्ट: अवनीश त्यागी












