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Bijnor illicit Liquor Factory Exposed : बिजनौर में रसोई गैस सिलेंडरों पर उबल रहा था ‘मौत का सामान’!

Bijnor illicit Liquor Factory Exposed:

बिजनौर में रसोई गैस सिलेंडरों पर उबल रहा था ‘मौत का सामान’! घनी आबादी में चल रही ‘मिनी रिफाइनरी’ पर पुलिस का बड़ा सर्जिकल स्ट्राइक

TargetTvLive ग्राउंड एक्सक्लूसिवअवनीश त्यागी

बिजनौर (उत्तर प्रदेश)। जंगलों और नदियों के बीहड़ों को भूल जाइए, उत्तर प्रदेश में अवैध शराब के सौदागरों ने अब आपके घर के ठीक बगल को अपनी ‘जहरीली प्रयोगशाला’ बना लिया है! बिजनौर से आई एक सनसनीखेज खबर ने पूरे प्रशासनिक अमले की नींद उड़ा दी है। जिस रसोई गैस सिलेंडर और बर्नर पर बच्चों का खाना बनना चाहिए था, उस पर इंसानी जिंदगी छीनने वाली ‘कच्ची शराब’ का काला कारोबार पक रहा था।

क्या है इस हाई-टेक अवैध भट्टी का पूरा सच और कैसे खाकी ने बिजनौर को एक बड़े हादसे से बचा लिया? पढ़िए TargetTvLive के लिए अवनीश त्यागी की यह तीखी, बेबाक और विश्लेषणात्मक रिपोर्ट।

सर्जिकल स्ट्राइक: जब पुलिस ने घेरा ‘मौत का अड्डा’

रविवार (30 अगस्त) को बिजनौर के पुलिस कप्तान द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत आबकारी विभाग और थाना कोतवाली शहर पुलिस की एक सीक्रेट जॉइंट टीम ने शहर के दिल कहे जाने वाले मोहल्ला जाटान (चामुंडा रोड, गीता इंटर कॉलेज के पास) में अचानक दबिश दी।

स्थानीय लोग समझ भी नहीं पाए कि आखिर इतने पुलिसकर्मी क्यों जमा हुए हैं, लेकिन जब टीम घर के भीतर दाखिल हुई तो अधिकारियों के पैर तले जमीन खिसक गई। एक प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान (गीता इंटर कॉलेज) के ठीक पास एक महिला अपने साथी के साथ मिलकर पूरे धड़ल्ले से जहरीली शराब की रिफाइनरी चला रही थी।

मौके से दबोचे गए मास्टरमाइंड:

  • उषा (पत्नी स्व. नूरपाल सैनी कबूतरा) — निवासी मोहल्ला जाटान, कोतवाली शहर, बिजनौर
  • कल्लन (पुत्र मुकंदी) — निवासी मोहल्ला जाटान, कोतवाली शहर, बिजनौर

500 लीटर ‘धीमा जहर’ स्वाहा: बरामदगी की पूरी कुंडली

अवैध शराब माफिया आमतौर पर पुलिस से बचने के लिए पारंपारिक तरीकों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इस गिरोह का मॉडस ऑपरेंडी (Modus Operandi) बिल्कुल अलग था। इन्होंने धुएं और गंध से बचने के लिए घरेलू एलपीजी सिलेंडरों और हाई-प्रेशर बर्नर का इस्तेमाल शुरू कर रखा था।

मौके से मिला ‘मौत का जखीरा’:

  • 20 लीटर तीखी अवैध कच्ची शराब (सप्लाई के लिए तैयार)
  • 02 अदद Indane एलपीजी गैस सिलेंडर एवं 01 कमर्शियल गैस बर्नर
  • 01 बड़े आकार का सिल्वर तसला/परात, 01 बाल्टी और 01 पीपिया
  • 01 सीमेंट का गोलटा एवं 01 स्टील का पॉली स्टैंड (शराब की खींचाई के उपकरण)

स्पेशल अपडेट: पुलिस और आबकारी टीम ने मौके पर ड्रमों में खौल रहे 500 लीटर लहन को तुरंत नाले में बहाकर नष्ट कर दिया। अगर यह 500 लीटर लहन शराब बनकर बाजार में उतर जाता, तो न जाने कितने घरों के चिराग बुझ जाते।

TargetTvLive एनालिसिस: जंगलों से शहर की गलियों तक कैसे पहुंची ‘कच्ची भट्टी’?

TargetTvLive के लिए अवनीश त्यागी का तीखा विश्लेषण—

  1. नो-स्मॉक टेक्नोलॉजी का खतरनाक इस्तेमाल: पारंपरिक रूप से कच्ची शराब लकड़ी और उपलों की आग पर बनती थी, जिससे उठता घना धुआं पुलिस को लोकेशन बता देता था। माफिया ने अब एलपीजी सिलेंडर और बर्नर अपना लिए हैं—न धुआं, न बदबू और काम तेज!
  2. सॉफ्ट टारगेट ‘कॉलोनी व स्कूल इलाका’: गीता इंटर कॉलेज के पास घनी आबादी का चयन इसलिए किया गया ताकि पुलिस को कभी शक ही न हो कि इतने खुले इलाके में ऐसा गंभीर अपराध हो सकता है।
  3. कम लागत, दोगुना मुनाफा: इंडेन के सब्सिडी या अवैध रूप से रीफिल किए गए सिलेंडरों से कुछ ही घंटों में सैकड़ों लीटर शराब खींचकर मनमाने दामों पर बेची जा रही थी।

कानूनी शिकंजा और पुलिस टीम की पीठ थपथपाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली शहर में आरोपियों पर मु०अ०सं० 682/26 के तहत आबकारी अधिनियम की धारा 60(2) में संगीन धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब यह खंगाल रही है कि घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी कर इन्हें यह सिलेंडर कौन सप्लाई कर रहा था।

इस क्रैक टीम के जांबाज: इस सफल और साहसिक ऑपरेशन को अंजाम देने में उपनिरीक्षक विपिन डेढ़ा, कांस्टेबल अरशद (119), अक्षय कुमार (1643), प्रतीक नैन (2698), महिला कांस्टेबल चांदनी (493) और आबकारी आरक्षी वीर प्रताप सिंह की मुख्य भूमिका रही।

TargetTvLive का सवाल: प्रशासन की यह कार्रवाई निसंदेह काबिले तारीफ है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि रिहायशी इलाकों में गैस सिलेंडरों के दम पर पनप रही ऐसी अवैध भट्टियों पर हमारी-आपकी सतर्कता कब जागेगी? अपने आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

(खबर की हर परत, निष्पक्ष और बेबाक — अवनीश त्यागी, TargetTvLive)

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