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खो नदी के कहर से पांच गांवों को बड़ी राहत! विधायक अशोक राणा ने खुद परखी बाढ़ सुरक्षा की जमीनी हकीकत

खो नदी के कहर से पांच गांवों को बड़ी राहत! विधायक अशोक राणा ने खुद परखी बाढ़ सुरक्षा की जमीनी हकीकत

धामपुर। TargetTvLive | रिपोर्ट—अवनीश त्यागी

खो नदी की बाढ़ का नाम आते ही धामपुर क्षेत्र के जिन गांवों में कभी दहशत छा जाती थी, वहां इस बार तस्वीर कुछ बदली नजर आई। धामपुर विधायक अशोक कुमार राणा ने नंदगांव, नयागांव, नाथाडोई, कोपा और धुराहरा पहुंचकर बाढ़ सुरक्षा इंतजामों की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण में सिंचाई विभाग की ओर से कराए गए बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य प्रभावी पाए गए। हालांकि दो संवेदनशील स्थानों पर नदी का प्रवाह सड़क के बेहद करीब मिलने पर विधायक ने लोक निर्माण विभाग को तत्काल सुरक्षा उपाय करने के साथ स्थायी समाधान की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

जहां हर साल मंडराता था बाढ़ का खतरा, वहां पहुंचे विधायक

खो नदी के बाएं तट पर बसे ये गांव पिछले कई वर्षों से बाढ़ और नदी कटाव की समस्या झेलते रहे हैं। बरसात के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर ग्रामीणों की चिंता बढ़ जाती थी। इसी पृष्ठभूमि में विधायक अशोक कुमार राणा ने स्वयं मौके पर पहुंचकर सुरक्षा कार्यों की स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि सिंचाई विभाग धामपुर द्वारा कराए गए बोल्डर एप्रन, बोल्डर पिचिंग और जियो बैग्स के स्टड जैसे कार्य फिलहाल प्रभावी ढंग से काम कर रहे हैं। इससे संबंधित गांवों को बाढ़ के खतरे से काफी राहत मिली है।

विधायक ने सुरक्षा कार्यों की सराहना करते हुए अधिकारियों से कहा कि नदी का जलस्तर बढ़ते ही निगरानी और बचाव की तैयारियां और तेज कर दी जाएं।

सड़क के बेहद करीब नदी, विधायक ने PWD को दिए सख्त निर्देश

निरीक्षण में ग्राम कोपा और धुराहरा के निकट दो स्थान ऐसे मिले, जहां खो नदी का प्रवाह सड़क के काफी करीब पहुंच गया है। विधायक ने इसे गंभीरता से लेते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को तत्काल सड़क की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

साथ ही उन्होंने केवल अस्थायी बचाव तक सीमित न रहने के निर्देश देते हुए इन दोनों स्थानों के लिए दीर्घकालिक और स्थायी समाधान की विस्तृत कार्ययोजना शीघ्र तैयार करने को कहा।

यानी मौजूदा खतरे से निपटने के साथ भविष्य में नदी के कटाव से सड़क और आवागमन को बचाने की रणनीति तैयार करने पर भी जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री और जल शक्ति मंत्री के सामने उठाया था मुद्दा

बाढ़ की समस्या को लेकर विधायक अशोक कुमार राणा ने पूर्व में प्रदेश के मुख्यमंत्री और जल शक्ति मंत्री के समक्ष मामला प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद अफजलगढ़ सिंचाई खंड धामपुर के माध्यम से नंदगांव, नाथाडोई तथा कोपा-धुराहरा क्षेत्र में विभिन्न बाढ़ सुरक्षा कार्य कराए गए।

इन कार्यों में नदी के कटाव और तेज प्रवाह से बचाव के लिए बोल्डर पिचिंग, बोल्डर एप्रन और जियो बैग्स के स्टड प्रमुख रूप से शामिल हैं।

विधायक के अनुसार इन कार्यों से गांवों को काफी राहत मिली है और ग्रामीणों ने भी सुरक्षा इंतजामों पर संतोष व्यक्त किया है।

ग्रामीणों ने कहा—सुरक्षा कार्यों का दायरा और बढ़े

नंदगांव के ग्रामीणों ने विधायक के समक्ष डाउनस्ट्रीम क्षेत्र तक अतिरिक्त बोल्डर पिचिंग कराने की मांग रखी। ग्रामीणों का कहना था कि वर्तमान सुरक्षा कार्यों से राहत मिली है, लेकिन नदी के संवेदनशील हिस्सों में सुरक्षा कवच को और मजबूत किया जाना जरूरी है।

विधायक ने ग्रामीणों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को हरसंभव मदद का भरोसा भी दिलाया।

बाढ़ सुरक्षा के साथ जनकल्याण योजनाओं का भी संदेश

क्षेत्र भ्रमण के दौरान विधायक ने ग्रामीणों को प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विकास और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है।

रक्षाबंधन के अवसर पर विधायक ने ग्रामीणों को शुभकामनाएं भी दीं।

सिंचाई विभाग: सूचना मिलते ही समाधान का प्रयास

सिंचाई विभाग धामपुर के अधिशासी अभियंता अरुण सचदेवा ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि आबादी की सुरक्षा विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बाढ़ से जुड़ी किसी भी समस्या या शिकायत की सूचना बाढ़ नियंत्रण कक्ष धामपुर को दी जा सकती है, ताकि उसका तत्काल समाधान कराने का प्रयास किया जा सके।

निरीक्षण में अधिकारी और ग्रामीण रहे मौजूद

इस दौरान सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अरुण सचदेवा, सहायक अभियंता विक्रांत कुमार, जूनियर इंजीनियर नवीन शर्मा, नासिर हुसैन और गौरव कुमार, लोक निर्माण विभाग के धर्मेंद्र कुमार, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि नीरज प्रताप सिंह समेत अन्य विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे।

इसके अलावा नितिन चौहान, ओमप्रकाश शर्मा, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि पवन कुमार, पूर्व ग्राम प्रधान हरज्ञान सिंह, महेंद्र सिंह, ग्राम प्रधान कोपा हेमराज सिंह, पूर्व ग्राम प्रधान सलीम अहमद, अंकित कुमार, अशोक कुमार, रामफूल सिंह, वेदप्रकाश शर्मा, अरुण कुमार, रिंकू कुमार, जॉनी कुमार, भारत सिंह, मिथिल कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

विश्लेषण: राहत मिली है, लेकिन नदी के बदलते रुख पर नजर जरूरी

खो नदी के किनारे बसे गांवों के लिए बाढ़ सुरक्षा का सवाल हर मानसून में नई चुनौती लेकर आता है। इस बार कराए गए सुरक्षा कार्यों से तत्काल राहत के संकेत जरूर मिले हैं, लेकिन नदी के प्रवाह और कटाव की प्रकृति स्थिर नहीं होती।

ऐसे में कोपा और धुराहरा के पास सड़क के करीब पहुंचा नदी का प्रवाह चेतावनी भी है कि सुरक्षा कार्यों की नियमित निगरानी जरूरी है। केवल आपातकालीन बचाव के बजाय संवेदनशील स्थानों की वैज्ञानिक पहचान, स्थायी संरचनाओं और दीर्घकालिक कार्ययोजना पर लगातार काम किया जाना ही इन गांवों को भविष्य की बाढ़ से स्थायी सुरक्षा देने की दिशा में बड़ा कदम होगा।

फिलहाल विधायक के इस जमीनी निरीक्षण से ग्रामीणों को दोहरा संदेश मिला है—मौजूदा सुरक्षा इंतजामों से राहत और शेष संवेदनशील स्थानों पर जल्द कार्रवाई की उम्मीद।

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