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16 लाख से ज्यादा निराश्रित गोवंश की देखभाल का दावा, बिजनौर की 71 गोशालाओं में 10,609 गौवंश… योगी सरकार ने बताए बड़े आंकड़े

16 लाख से ज्यादा निराश्रित गोवंश की देखभाल का दावा, बिजनौर की 71 गोशालाओं में 10,609 गौवंश… योगी सरकार ने बताए बड़े आंकड़े

CCTV निगरानी, ₹50 प्रतिदिन सहायता और जनभागीदारी से मजबूत हो रहा गो-संरक्षण अभियान
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive | बिजनौर

उत्तर प्रदेश सरकार ने निराश्रित गोवंश के संरक्षण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए दावा किया है कि प्रदेश में गो-सेवा को केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि सुशासन और जनकल्याण से जुड़ा अभियान बनाया गया है। सरकार के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गो-संरक्षण के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं, जिनके परिणाम अब प्रदेशभर में दिखाई देने लगे हैं।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में इस समय 7,700 से अधिक गो-आश्रय स्थलों में 16 लाख से ज्यादा निराश्रित गोवंश की देखभाल की जा रही है। इन गोशालाओं में पशुओं को नियमित चारा, स्वच्छ पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार का कहना है कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां प्रत्येक निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए ₹50 प्रतिदिन की आर्थिक सहायता दी जा रही है।

अब गोशालाओं पर 24 घंटे CCTV की नजर

गोशालाओं की व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने के लिए प्रदेश की 5,446 गोशालाओं में 7,592 CCTV कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के जरिए गोवंश की देखभाल, चारे की व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे।

गोपालकों को मिल रहा सीधा आर्थिक लाभ

मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के तहत सरकार अब तक 1.67 लाख से अधिक गोवंश इच्छुक गोपालकों को सौंप चुकी है। इन गोपालकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से ₹50 प्रतिदिन प्रति गोवंश की सहायता सीधे भेजी जा रही है। इससे एक ओर निराश्रित गोवंश को सुरक्षित आश्रय मिल रहा है तो दूसरी ओर ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में भी मदद मिल रही है।

बिजनौर में भी तेजी से बढ़ा गो-संरक्षण अभियान

सरकारी जानकारी के अनुसार बिजनौर जिले में इस समय 71 गो-आश्रय स्थल संचालित हैं, जहां 10,609 निराश्रित गोवंश का संरक्षण किया जा रहा है। वहीं 1,301 प्रगतिशील गोपालकों ने सहभागिता योजना के तहत 2,403 गोवंश को अपनाकर सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का उदाहरण पेश किया है।

गोवध पर सख्त कार्रवाई जारी

प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम, 1955 के तहत गोवंश की सुरक्षा को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। गो-संरक्षण से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई की जा रही है।

गौ सेवा आयोग ने भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहने की अपील की

उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल ने कहा कि आयोग के अधिकारी लगातार गोशालाओं का निरीक्षण कर रहे हैं। यदि कहीं कोई अनियमितता मिलती है तो तुरंत कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग गलत और भ्रामक जानकारी फैलाकर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश करते हैं, लेकिन ऐसे दावों का तथ्यों के आधार पर जवाब दिया जा रहा है।

उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश हैं कि निराश्रित गोवंश की सेवा, सुरक्षा और संरक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

TargetTvLive विश्लेषण

सरकार द्वारा जारी आंकड़े बताते हैं कि गो-संरक्षण के लिए बड़े स्तर पर संसाधन और योजनाएं लागू की गई हैं। हालांकि इन प्रयासों की वास्तविक सफलता का आकलन गोशालाओं की जमीनी स्थिति, पशुओं के स्वास्थ्य, चारे की गुणवत्ता और नियमित निगरानी के आधार पर ही किया जा सकता है। यदि प्रशासनिक निगरानी और सामाजिक भागीदारी इसी तरह जारी रही तो गो-संरक्षण की यह पहल और प्रभावी साबित हो सकती है।

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