बिजनौर में नकली कीटनाशकों पर प्रशासन का बड़ा प्रहार, 29 दुकानों पर छापे, एक लाइसेंस सस्पेंड, 5 विक्रेताओं को नोटिस
खरीफ सीजन में किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, 11 कीटनाशकों के नमूने जांच के लिए भेजे गए
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive
बिजनौर। खरीफ सीजन के दौरान किसानों को नकली और घटिया कीटनाशकों से बचाने के लिए बिजनौर प्रशासन ने जिलेभर में बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी के निर्देश पर कृषि विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीमों ने सभी तहसीलों में एक साथ छापेमारी अभियान चलाकर 29 कीटनाशक बिक्री केंद्रों की जांच की। इस दौरान 11 कीटनाशकों के नमूने जांच के लिए लिए गए, एक प्रतिष्ठान का लाइसेंस तत्काल निलंबित कर दिया गया, जबकि पांच दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ अब प्रशासन पूरी सख्ती के मूड में है।
पूरे जिले में एक साथ चला सघन अभियान
जिला कृषि रक्षा अधिकारी जसवीर सिंह के नेतृत्व में बिजनौर और नजीबाबाद क्षेत्र में संयुक्त टीमों ने निरीक्षण किया। वहीं उप कृषि निदेशक डॉ. घनश्याम वर्मा ने धामपुर और नगीना क्षेत्र की कमान संभाली, जबकि वरिष्ठ प्राविधिक सहायक (कृषि रक्षा) अक्षय कुमार के साथ चांदपुर क्षेत्र में भी व्यापक जांच अभियान चलाया गया।
टीमों ने कुल 29 कीटनाशक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया और 11 संदिग्ध कीटनाशकों के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिए।
पांच दुकानें बंद मिलीं, विभाग ने मांगा जवाब
निरीक्षण के दौरान बिजनौर की ओम शिव ट्रेडिंग कम्पनी, पावटी (नूरपुर) की शौर्य बीज भंडार, दारानगर गंज की श्री बालाजी बीज भंडार, नगीना की सिसोदिया बीज भंडार तथा अफजलगढ़ के कृषक सेवा केंद्र बंद मिले। संबंधित विक्रेता मौके पर मौजूद नहीं थे। विभाग ने सभी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
गंभीर अनियमितता पर तत्काल सस्पेंशन
चांदपुर तहसील के स्याऊ स्थित चौधरी कृषि सेवा केंद्र में निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर उसका कीटनाशी लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। विभाग ने संकेत दिए हैं कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
विक्रेताओं को सख्त चेतावनी
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि केवल अधिकृत कंपनियों और विभागीय पोर्टल पर पंजीकृत स्रोतों से प्राप्त कीटनाशकों की ही बिक्री की जाए। साथ ही प्रत्येक किसान को खरीद का बिल या कैश मेमो देना अनिवार्य होगा, ताकि किसी भी शिकायत की स्थिति में उत्पाद की जांच और जिम्मेदारी तय की जा सके।
किसानों से भी की गई महत्वपूर्ण अपील
जिला कृषि रक्षा अधिकारी जसवीर सिंह ने किसानों से कहा कि वे हमेशा अधिकृत दुकानों से ही कीटनाशक खरीदें, खरीद की रसीद सुरक्षित रखें और यदि किसी उत्पाद की गुणवत्ता संदिग्ध लगे या नकली होने का संदेह हो तो तुरंत कृषि विभाग को सूचना दें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नकली, अमानक और अवैध कीटनाशकों के कारोबार के खिलाफ जिले में ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
TargetTvLive विश्लेषण
खरीफ सीजन में कीटनाशकों की मांग सबसे अधिक रहती है। ऐसे समय में नकली और घटिया उत्पाद किसानों की मेहनत और पूरी फसल को नुकसान पहुंचा सकते हैं। यही वजह है कि बिजनौर में प्रशासन ने समय रहते व्यापक अभियान चलाकर स्पष्ट संदेश दिया है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यदि ऐसी नियमित कार्रवाई जारी रही तो बाजार में नकली कीटनाशकों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगेगी और किसानों का भरोसा भी मजबूत होगा।
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