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सपा में बढ़ा नया विवाद, ब्राह्मण महासभा बोली- तुरंत हो कार्रवाई वरना होगा बड़ा विरोध

ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी से मचा सियासी बवाल, मुरादाबाद में महासभा का फूटा गुस्सा


“अपमान सहन नहीं करेंगे” — सपा नेतृत्व से कार्रवाई की मांग, तीखी नाराजगी के बीच बढ़ा राजनीतिक दबाव

रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive

मुरादाबाद। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर मुरादाबाद में ब्राह्मण समाज का गुस्सा खुलकर सामने आ गया है। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा महानगर, मुरादाबाद की ओर से आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में वक्ताओं ने तीखी नाराजगी जताते हुए कहा कि किसी भी समाज विशेष के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

बैठक में मौजूद लोगों ने साफ कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए समाजों को बांटने वाली भाषा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का काम करती है। ऐसे बयान न केवल करोड़ों लोगों की भावनाओं को आहत करते हैं, बल्कि समाज में तनाव और अविश्वास का माहौल भी पैदा करते हैं।

“ब्राह्मण समाज हमेशा राष्ट्र और समाज के निर्माण में रहा आगे”

बैठक के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ब्राह्मण समाज ने हमेशा देश, समाज और राजनीति को दिशा देने का काम किया है। शिक्षा, संस्कृति, प्रशासन और सामाजिक नेतृत्व में ब्राह्मण समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे समाज के खिलाफ सार्वजनिक मंचों से की गई कथित टिप्पणी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।

महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि समाजवादी पार्टी के इतिहास में भी ब्राह्मण नेताओं का बड़ा योगदान रहा है। स्वर्गीय जनेश्वर मिश्र और रमाशंकर कौशिक जैसे नेताओं ने पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी। आज भी बड़ी संख्या में ब्राह्मण नेता और कार्यकर्ता पार्टी के साथ जुड़े हुए हैं। ऐसे में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता का बयान समाजवादी विचारधारा की मूल भावना के भी खिलाफ माना जा रहा है।

अखिलेश यादव पर बढ़ा दबाव

बैठक में सर्वसम्मति से मांग उठाई गई कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav तत्काल इस पूरे मामले का संज्ञान लें और संबंधित प्रवक्ता के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।

वक्ताओं ने कहा कि यदि पार्टी नेतृत्व इस मामले पर चुप रहता है तो इससे गलत संदेश जाएगा। उन्होंने यह भी मांग की कि पार्टी के ब्राह्मण सांसद, विधायक और पदाधिकारी सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष स्पष्ट करें ताकि समाज के बीच फैली नाराजगी को दूर किया जा सके।

“समाज को बांटने वाली राजनीति खतरनाक”

बैठक में कई वक्ताओं ने कहा कि आज देश को जोड़ने की जरूरत है, लेकिन कुछ लोग बयानबाजी के जरिए समाज को बांटने का प्रयास कर रहे हैं। ब्राह्मण महासभा ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में भी किसी समाज के सम्मान के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल हुआ तो उसका लोकतांत्रिक तरीके से कड़ा विरोध किया जाएगा।

महासभा ने यह भी कहा कि पूरे मामले की जानकारी समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं प्रोफेसर रामगोपाल यादव, शिवपाल सिंह यादव, माता प्रसाद पांडेय और श्याम लाल पाल तक पहुंचाई जाएगी ताकि पार्टी स्तर पर इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा हो सके।

बैठक में बड़ी संख्या में जुटे लोग

बैठक में डॉ. प्रदीप शर्मा, सुनील कुमार शर्मा, अनिल कुमार शर्मा, विमलेंद्र शर्मा, करनवीर शर्मा, सुधांशु कौशिक, मिथुन शर्मा, सचिन शंखधार, सोनू शर्मा, धवल दीक्षित, संजय शर्मा, धर्मेंद्र नाथ मिश्रा, अमित शर्मा, रामप्रकाश शर्मा, हरिओम शर्मा, आशुतोष शर्मा, अवधेश पाठक, मयंक शर्मा, प्रणवीर शर्मा, हरीश दुबे उर्फ गुरुजी, प्रेम शंकर उपाध्याय, अरुण शर्मा, नकुल शर्मा, निखिल भारद्वाज, अभिषेक चतुर्वेदी, अमित शर्मा राजू और लव कुमार शर्मा समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज

इस पूरे विवाद के बाद मुरादाबाद समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी माहौल के बीच इस तरह के विवाद आने वाले समय में सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।

फिलहाल सबकी नजर अब समाजवादी पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है कि पार्टी इस मामले में क्या कदम उठाती है।

TargetTvLive लगातार इस मुद्दे से जुड़ी हर बड़ी खबर और राजनीतिक हलचल आप तक पहुंचाता रहेगा।

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