“विकसित भारत युवा संसद: युवाओं की लोकतांत्रिक भागीदारी की नई दिशा”

गौतमबुद्ध नगर। लोकतंत्र की बुनियाद मजबूत करने और युवाओं को सक्रिय नागरिक भूमिका में लाने के उद्देश्य से युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा विकसित भारत युवा संसद का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 21-22 मार्च 2025 को नेहरू युवा केन्द्र गौतमबुद्धनगर के तत्वावधान में ग्रेटर नोएडा स्थित द्रोणाचार्य ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में नोडल जनपद स्तरीय युवा संसद संपन्न हुई। इस आयोजन में गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद और बागपत के 150 से अधिक युवा प्रतिनिधियों ने भाग लिया और “वन नेशन, वन इलेक्शन” जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में गौतमबुद्धनगर जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड क्षेत्रीय निदेशक समरदीप सक्सेना, जिला पंचायत सदस्य देवा भाटी जैसे गणमान्य अतिथियों ने युवाओं का मार्गदर्शन किया। निर्णायक मंडल में शिक्षाविदों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया, जिन्होंने युवाओं के विचारों और तर्कों की सराहना की।
युवा संसद: लोकतांत्रिक चेतना को सशक्त करता मंच

युवा संसद एक ऐसा मंच है, जहां युवाओं को न केवल नीति निर्माण से जुड़ने का अवसर मिलता है, बल्कि वे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को भी गहराई से समझते हैं। इस कार्यक्रम में वन नेशन, वन इलेक्शन (एक देश, एक चुनाव) विषय पर गंभीर चर्चाएँ हुईं, जिसमें प्रतिभागियों ने तर्कसंगत ढंग से अपने विचार रखे।
“युवा ही लोकतंत्र की असली ताकत हैं। यदि राष्ट्र एक है तो चुनाव भी एक होना चाहिए,” – यह विचार युवा प्रतिनिधियों की सोच को दर्शाता है कि वे केवल वाद-विवाद तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे राजनीतिक सुधारों पर भी स्पष्ट दृष्टिकोण रखते हैं।
इस तरह के आयोजनों से यह स्पष्ट होता है कि आज का युवा केवल मतदाता की भूमिका तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि नीति-निर्माण प्रक्रिया में भी सक्रिय भागीदारी चाहता है।
राज्य युवा संसद के लिए चयनित युवा: नए अवसरों की ओर कदम
नोडल स्तरीय युवा संसद से 10 प्रतिभागियों का चयन हुआ, जो अब लखनऊ विधानसभा में राज्य स्तरीय युवा संसद में अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
चयनित प्रतिभागियों की सूची:
✅ बागपत से – शिवम, सुषमा, सपना
✅ गाजियाबाद से – हर्षिता, काशवी, अनन्या
✅ गौतमबुद्धनगर से – विवेक तिवारी, अनिरुद्ध, वेदांत व्यास, पलक आर्य
राज्य युवा संसद में उत्तर प्रदेश के 24 नोडल जनपदों से 240 युवा प्रतिनिधि भाग लेंगे। इनमें से 3 युवा राष्ट्रीय युवा संसद के लिए चुने जाएंगे, जहां उन्हें संसद भवन में अपने विचार रखने का अवसर मिलेगा।
बागपत से चयनित शिवम ने कहा, “यह पहली बार है जब मुझे विधानसभा में जाने का अवसर मिलेगा। मैं ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर अपने विचार मजबूती से रखना चाहता हूं।” गाजियाबाद की हर्षिता ने कहा, “युवा संसद ने मुझे अपने विचारों को सशक्त तरीके से रखने का मौका दिया। यह अनुभव जीवनभर याद रहेगा।”
क्या युवा संसद भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूत कर सकती है?
युवा संसद जैसी पहलें केवल चर्चा का मंच नहीं हैं, बल्कि ये युवा पीढ़ी को लोकतंत्र के प्रति जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में ठोस कदम हैं। भारत जैसे विशाल लोकतंत्र में युवा शक्ति सबसे बड़ा संसाधन है। यदि उन्हें सही मंच और मार्गदर्शन मिले, तो वे न केवल मतदाता के रूप में, बल्कि नीति निर्माण में भी प्रभावशाली भूमिका निभा सकते हैं।
युवा संसद के माध्यम से:
✔ युवा नेतृत्व को प्रोत्साहन मिलता है
✔ लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की समझ विकसित होती है
✔ युवा समाज सुधार और नीतिगत बदलावों की ओर प्रेरित होते हैं
“वन नेशन, वन इलेक्शन” जैसे विषयों पर चर्चा से यह भी स्पष्ट होता है कि युवा केवल राजनीति के दर्शक नहीं रहना चाहते, बल्कि वे इसे परिवर्तन का साधन बनाना चाहते हैं।
निष्कर्ष: युवाओं की भागीदारी, विकसित भारत की पहचान
“विकसित भारत युवा संसद” जैसे कार्यक्रम यह साबित करते हैं कि युवा केवल देश का भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान भी हैं। लोकतंत्र को सशक्त बनाने में उनकी भूमिका अनिवार्य है।
जिला स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक की इस यात्रा में वे न केवल अपनी तर्कशीलता सिद्ध कर रहे हैं, बल्कि यह भी दर्शा रहे हैं कि भारत का लोकतंत्र युवाओं की भागीदारी से और अधिक मजबूत होगा। ऐसे आयोजनों को और व्यापक बनाने की आवश्यकता है, जिससे हर युवा को अपने विचार रखने और नीति निर्माण में योगदान देने का अवसर मिले।
अब देखना यह होगा कि राज्य युवा संसद में चयनित प्रतिभागी किस तरह अपने विचारों से नीति-निर्माताओं को प्रभावित कर पाते हैं और यह यात्रा राष्ट्रीय युवा संसद तक किसे पहुंचाती है।
“युवा संसद केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक भारत की नई दिशा का संकेत है।”












