विश्व वानिकी दिवस 2025: उत्तर प्रदेश में जागरूकता और सम्मान का आयोजन

बरेली: विश्व वानिकी दिवस 2025 के अवसर पर उत्तर प्रदेश के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा एक भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस वर्ष का मुख्य विषय “Forests and Food” था, जो वनों और खाद्य सुरक्षा के बीच गहरे संबंध को उजागर करता है।
जैव विविधता संरक्षण पर विशेष जोर
इस अवसर पर सी.बी. गंज, बरेली में वनस्पति वाटिका का उद्घाटन किया गया, जो जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। समारोह में प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी, वन विभाग के विशेषज्ञ और पर्यावरणविदों ने भाग लिया।
मुख्य अतिथियों की उपस्थिति
समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. अरुण कुमार सक्सेना (राज्य मंत्री, पर्यावरण, वन, जंतु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन) थे। उनके साथ श्री के.पी. मलिक (राज्य मंत्री, पर्यावरण विभाग) एवं कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें श्री अनिल कुमार, आई.एफ.एस. (मुख्य सचिव, पर्यावरण एवं वन विभाग, लखनऊ) और श्री सुनील चौधरी, आई.एफ.एस. (प्रमुख मुख्य वन संरक्षक, उत्तर प्रदेश) शामिल थे।
वन संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान को सम्मान
इस आयोजन में वन संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष समाधान में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया गया। प्रभागीय निदेशक बिजनौर ज्ञान सिंह को, बिजनौर में मानव-गुलदार संघर्ष निवारण और जन-जागरूकता में उनके बेहतरीन प्रयासों के लिए प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
समारोह की प्रमुख गतिविधियां
- वनस्पति वाटिका का उद्घाटन: यह वाटिका जैव विविधता के संरक्षण और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित करने का प्रयास है।
- स्मार्ट सिटी ऑडिटोरियम में जागरूकता कार्यक्रम: जहां वन संरक्षण, खाद्य सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
- पुरस्कार एवं सम्मान समारोह: वन्यजीव संरक्षण, पौधारोपण, और पर्यावरण जागरूकता में योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।
उत्तर प्रदेश सरकार और वन विभाग द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। इस तरह के प्रयास न केवल पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने में मदद करेंगे, बल्कि वन संरक्षण की दिशा में आम जनता को भी प्रेरित करेंगे।












