महिला हत्याकांड में दोषियों को आजीवन कारावास, न्यायालय ने सुनाया फैसला

अनूपशहर/बुलंदशहर। डिबाई कोतवाली क्षेत्र के इशनपुर गांव में वर्ष 2017 में चाकू से गोदकर की गई महिला की हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। हत्या के आरोप में गिरफ्तार दो दोषियों को आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
घटना का विवरण:
यह मामला 29 जुलाई 2017 का है, जब डिबाई क्षेत्र के गांव इशनपुर में सरोज और बबली नामक दो बहनें बाजरे के खेत में चारा काटने गई थीं। इसी दौरान, सरोज के मौसिया ससुर का बेटा सुनील कुमार और उसका साथी तेजा उर्फ तेजसिंह खेत में पहुंचे। सुनील ने बबली को जबरन अपने साथ ले जाने की कोशिश की, लेकिन बबली के इनकार करने पर उसने चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी।
घटना के समय सरोज की तबीयत खराब थी और बबली अपनी बहन की देखभाल के लिए अमरपुर (थाना लोधा, जिला अलीगढ़) से इशनपुर आई हुई थी।
पुलिस कार्रवाई और न्यायालय का फैसला:
घटना की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों सुनील और तेजा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह मामला अनूपशहर स्थित एडीजे कोर्ट में विचाराधीन था।
गुरुवार को शासकीय अधिवक्ता नितिन कुमार त्यागी ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनीत चौधरी ने सुनील और तेजा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, प्रत्येक पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
न्याय की मिसाल:
इस फैसले ने एक बार फिर साबित किया कि न्यायपालिका पीड़ितों को न्याय दिलाने में तत्पर है। यह निर्णय समाज में अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश देने वाला है।












