सरसों की फसल की देखभाल पर कृषि विशेषज्ञ ने दी जानकारी

रिपोर्ट: किशोरी लाल शर्मा
BULANDSHAHAR. अनूपशहर क्षेत्र में सरसों की फसल इन दिनों खेतों में फूल खिलने के साथ लहलहा रही है। अधिक उत्पादन और मुनाफा पाने के लिए किसानों को समय पर देखभाल करने की सलाह दी गई है।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी प्रेमवीर सिंह ने बताया कि सरसों की खेती जिले में बड़े पैमाने पर की जाती है। यह फसल कम लागत में अधिक मुनाफा देने के लिए जानी जाती है। वर्तमान समय में अधिकांश खेतों में सरसों के फूल खिल चुके हैं, जिससे खेत पीले रंग में नहाए हुए नजर आ रहे हैं।
इस दौरान फसल पर माहू और चेपा जैसे कीटों का प्रकोप बढ़ने की संभावना होती है, जो उत्पादन को नुकसान पहुंचा सकते हैं। कृषि अधिकारी ने किसानों को सुझाव दिया कि वे नियमित रूप से खेतों का निरीक्षण करें और कीटों के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत थायमेक्थासोम या अमीडा क्लोरप्रिड नामक रसायनों का छिड़काव करें।
उन्होंने यह भी बताया कि कीटनाशक दवाओं के साथ अच्छी गुणवत्ता वाले सल्फर का उपयोग करने से न केवल फसल को कीटों से बचाया जा सकता है, बल्कि तेल की मात्रा भी बढ़ाई जा सकती है। यह फफूंदनाशक बीमारियों से भी सुरक्षा प्रदान करता है।
कृषि अधिकारी ने किसानों को सलाह दी कि वे अधिक पैदावार के लिए कृषि विशेषज्ञों की सलाह का पालन करें। आवश्यकता पड़ने पर ब्लॉक स्तर पर स्थित कृषि रक्षा इकाई से संपर्क कर विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करें।












