UPSSSC PET Exam 2026:
बिजनौर में 7,434 छात्रों ने क्यों छोड़ी परीक्षा? ASP की सख्ती, QR कोड का कमाल और केंद्रों का पूरा सच!
Target TV Live | विशेष विश्लेषणात्मक रिपोर्ट: अवनीश त्यागी
बिजनौर। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) 2026 के पहले दिन जनपद बिजनौर के 23 परीक्षा केंद्रों पर हलचल, मुस्तैदी और व्यवस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। एक ओर जहां प्रशासनिक चाक-चौबंद के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई, वहीं दूसरी ओर आंकड़ों ने हर किसी को चौंका दिया।
जिले में पंजीकृत कुल परीक्षार्थियों में से 35.53 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने परीक्षा से किनारा कर लिया। आखिर इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के परीक्षा छोड़ने के पीछे क्या वजह रही? और बिजनौर पुलिस-प्रशासन ने इस विशाल परीक्षा को सुचारू बनाने के लिए क्या ‘स्मार्ट’ रणनीति अपनाई? पढ़िए Target TV Live की यह विशेष एक्सक्लूसिव विश्लेषणात्मक रिपोर्ट।
आंकड़ों का विश्लेषण: 13,878 ने दी परीक्षा, 7,434 रहे अनुपस्थित
रविवार को दो पालियों (प्रथम एवं द्वितीय पाली) में आयोजित हुई पीईटी परीक्षा का आधिकारिक डेटा सामने आ चुका है। बायोमेट्रिक चेकिंग और कड़ी निगरानी के बीच केंद्रों पर छात्रों का मिला-जुला उत्साह देखने को मिला।
बिजनौर PET परीक्षा 2026 का रिपोर्ट कार्ड:
- कुल पंजीकृत परीक्षार्थी: 21,312 (100%)
- उपस्थित परीक्षार्थी: 13,878 (64.47%)
- अनुपस्थित परीक्षार्थी: 7,434 (35.53%)
विश्लेषण: लगभग 35.5% परीक्षार्थियों का अनुपस्थित रहना कोई मामूली बात नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि दूर-दराज के सेंटरों की दूरी, यातायात के साधन और आयोग द्वारा लागू की गई सख्त बायोमेट्रिक/नकल विरोधी प्रणाली के चलते कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ने का विकल्प चुना।
ASP ग्रामीण खुद मैदान में: सुरक्षा व्यवस्था पर पैनी नजर, दुकानदारों को दी सख्त चेतावनी
परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए बिजनौर पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर रही।
अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), जनपद बिजनौर ने स्वयं विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को सख्त निर्देश दिए कि परीक्षार्थियों के आवागमन में कोई बाधा न आए और सुरक्षा में रत्ती भर भी चूक न हो।
परीक्षार्थियों की जेब पर न डाका पड़े: ओवरचार्जिंग पर लगाम
अक्सर परीक्षाओं के दौरान परीक्षा केंद्रों के बाहर स्थित जलपान गृहों और दुकानों पर पानी, चाय या नाश्ते के नाम पर अभ्यर्थियों से ज्यादा पैसे वसूलने की शिकायतें आती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए एएसपी ग्रामीण ने केंद्रों के आसपास की दुकानों की जांच की और दुकानदारों को कड़ी हिदायत दी कि किसी भी परीक्षार्थी से निर्धारित मूल्य से एक भी रुपया अधिक न लिया जाए। सख्त हिदायत दी गई कि शिकायत मिलने पर सीधी कानूनी कार्रवाई होगी।
बिजनौर पुलिस का ‘डिजिटल प्रहार’: QR कोड ने आसान की राह, भटकाव हुआ शून्य
अनजान शहर में परीक्षा केंद्र तलाशने का डर हमेशा अभ्यर्थियों के सिर पर मंडराता है। लेकिन इस बार बिजनौर यातायात पुलिस का ‘एकीकृत QR कोड मॉडल’ गेमचेंजर साबित हुआ।
- बस एक स्कैन और गूगल मैप हाजिर: बिजनौर पुलिस द्वारा जारी स्पेशल QR कोड को अभ्यर्थियों ने अपने मोबाइल से स्कैन किया और सीधे गूगल मैप के जरिए अपने सेंटर की सबसे सटीक और सुगम लोकेशन हासिल कर ली।
- स्टेशनों और चौराहों पर चस्पा कोड: रेलवे स्टेशन, मुख्य बस स्टैंड और शहर के प्रमुख चौराहों पर लगाए गए इन कोड्स से बाहर के जिलों से आए हजारों परीक्षार्थियों का समय बचा और वे बिना किसी भटकाव के सीधे अपने केंद्रों पर पहुंचे।
यातायात पुलिस की सलाह: आगामी तिथियों (30 अक्टूबर और 01 नवंबर 2026) में होने वाली पीईटी परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी घर से निकलने से पहले ही इस QR कोड को स्कैन कर अपनी लोकेशन सेट कर लें और ट्रैफिक मार्जिन लेकर ही घर से निकलें।
परीक्षा के बाद उमड़ा जनसैलाब, पुलिस मुस्तैदी से नहीं लगा जाम
शाम को परीक्षा समाप्त होते ही शहर के मुख्य बस अड्डों और रेलवे स्टेशन पर परीक्षार्थियों का हुजूम उमड़ पड़ा। हालांकि, यातायात पुलिस की पूर्व बैरिकेडिंग और रूट डायवर्जन के चलते शहर में कहीं भी भयावह जाम जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। पुलिस बल की मुस्तैदी के कारण परीक्षार्थी सुलभता के साथ अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए।
Target TV Live टेकवे (निष्कर्ष)
बिजनौर प्रशासन द्वारा सुरक्षा, ओवरचार्जिंग पर रोक और पुलिस के QR कोड जैसे इनोवेटिव कदमों ने यह साबित कर दिया कि तकनीक और प्रशासनिक संवेदनशीलता मिलकर किसी भी बड़ी परीक्षा को बिना किसी विघ्न के सकुशल संपन्न करा सकती है।
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