बिजनौर में वोटरों की नई फौज तैयार: ‘फर्स्ट टाइम वोटर’ बनने की मची होड़; कॉलेजों में अचानक पहुंचे डीएम उमेश प्रताप सिंह, जांचे फॉर्म और दी सख्त हिदायत

डिजिटल समाचार विश्लेषण | TargetTvLive रिपोर्ट : अवनीश त्यागी स्थान: बिजनौर (उत्तर प्रदेश) दिनांक: 24 अक्टूबर 2026
बिजनौर। लोकतंत्र में सबसे बड़ी ताकत आम जनता का ‘वोट’ होता है। इसी ताकत को सही हाथों में सौंपने और नए युवाओं को मतदाता सूची से जोड़ने के लिए शनिवार (24 अक्टूबर 2026) को बिजनौर जिले में एक बड़ा अभियान चलाया गया। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर शहर के कई बड़े कॉलेजों में विशेष कैंप लगाए गए, जहां 18 साल की उम्र पूरी कर चुके छात्र-छात्राओं का नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने का काम हुआ।
इस अभियान को सिर्फ कागजी औपचारिकताओं तक सीमित न रखकर धरातल पर मजबूत बनाने के लिए जिले के जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी उमेश प्रताप सिंह खुद सड़कों और कॉलेजों में उतरे।
कॉलेजों में पहुंचे डीएम, नए वोटरों से की सीधी बात
शनिवार को बिजनौर के प्रमुख कॉलेजों—वर्धमान डिग्री कॉलेज, आर्य वैदिक इंटर कॉलेज, डीएवी इंटर कॉलेज और राजकीय इंटर कॉलेज—का माहौल आम दिनों से अलग था। यहां पढ़ाई के साथ-साथ युवाओं के पहचान पत्र (वोटर आईडी) बनाने का काम जोर-शोर से चल रहा था।
डीएम उमेश प्रताप सिंह ने खुद इन सभी कैंपों का औचक निरीक्षण (अचानक दौरा) किया। उन्होंने मेजों पर रखे फॉर्म-6 (नया वोटर कार्ड बनाने का आवेदन) खुद उठाकर देखे और जांच की कि प्रक्रिया सही से चल रही है या नहीं।
दौरे की तीन बड़ी बातें:
- कागजों की बारीकी से जांच: डीएम ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी पात्र युवा को फॉर्म भरने में दिक्कत न आए।
- अधिकारियों को सख्त निर्देश: बीएलओ (BLO) और प्रशासनिक टीम को हिदायत दी कि जो भी युवा 18 साल का हो चुका है, उसका नाम वोटर लिस्ट में हर हाल में शामिल किया जाए।
- वोटर कार्ड (EPIC) मिलने में न हो देरी: उन्होंने अधिकारियों से साफ कहा कि सिर्फ नाम जोड़ना काफी नहीं है, नए वोटरों को समय पर उनका वोटर कार्ड भी मिलना चाहिए।
“18 की उम्र का मतलब केवल बालिग होना नहीं, देश की दिशा तय करना है”
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केवल अधिकारियों को निर्देश ही नहीं दिए, बल्कि वहां मौजूद नए युवा मतदाताओं से रुककर बातचीत भी की। उन्होंने युवाओं को आसान शब्दों में समझाया कि वोट की असली कीमत क्या होती है।
“18 साल की उम्र पार करना सिर्फ कागजों पर बड़ा होना नहीं है, बल्कि देश और समाज के फैसले में भागीदार बनना है। वोट देना केवल आपका अधिकार नहीं है, यह आपकी जिम्मेदारी भी है। जब देश का युवा खुलकर वोट देता है, तभी लोकतंत्र मजबूत बनता है।” — उमेश प्रताप सिंह, डीएम बिजनौर
ग्राउंड रिपोर्ट: पहली बार वोटर बनने वाले युवाओं में दिखा भारी उत्साह
TargetTvLive की टीम ने जब ग्राउंड पर जाकर माहौल देखा, तो कॉलेजों में पहली बार वोट बनने आए छात्र-छात्राओं के चेहरे पर एक अलग ही खुशी थी।
- लंबी कतारें: वर्धमान डिग्री कॉलेज से लेकर राजकीय इंटर कॉलेज तक, छात्र-छात्राएं अपना आधार कार्ड और फोटो लेकर लाइन में खड़े नजर आए।
- अधिकारियों में चुस्ती: डीएम के खुद ग्राउंड पर होने की वजह से कॉलेज स्टाफ और बीएलओ बहुत सक्रियता से काम निपटाते दिखे।
- ग्रामीण छात्रों को फायदा: जो छात्र दूर-दराज के गांवों से आकर शहर में पढ़ते हैं, उन्हें कैंप के जरिए तुरंत अपना फॉर्म भरने का मौका मिल गया।
TargetTvLive की खास राय
बिजनौर में शनिवार को दिखा यह नज़ारा बताता है कि जब प्रशासन खुद आगे बढ़कर जिम्मेदारी संभालता है, तो आम जनता में भी उत्साह भर जाता है। डीएम उमेश प्रताप सिंह का खुद कॉलेजों में जाकर व्यवस्थाएं देखना यह साबित करता है कि हर एक नागरिक का नाम वोटर लिस्ट में होना कितना जरूरी है। 24 अक्टूबर का यह अभियान सिर्फ कागजों पर नाम दर्ज करने का दिन नहीं था, बल्कि बिजनौर के सैकड़ों युवाओं को देश के भविष्य के साथ सीधे जोड़ने का एक सफल प्रयास रहा।












