विशेष खोजी रिपोर्ट
सोलर उपभोक्ता को झूठे मुकदमे का खौफ दिखाकर ‘माफिया स्टाइल’ वसूली, बिजनौर में बिजली महकमे के सिंडिकेट की ग्राउंड रिपोर्ट
बिजनौर (उत्तर प्रदेश)। targetTvLive के लिए अवनीश त्यागी की ग्राउंड इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट।
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण निगम (PVVNL) और स्थानीय बिजली सब-स्टेशनों के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस फाइल में दर्ज FIR No. 0228/2026 की परतें उधेड़ने पर साफ होता है कि यह केवल 20 हजार रुपये की रिश्वत का मामला नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय एक संगठित ‘वसूली सिंडिकेट’ का भंडाफोड़ है।
1. पीड़िता का प्रोफाइल और सिंडिकेट का ‘सॉफ्ट टारगेट’
ग्राम करौंदा पचदू (थाना कोतवाली देहात) के रहने वाले 65 वर्षीय बुजुर्ग मो० युसूफ कुरैशी ने अपने घर पर 5 किलोवाट (5KW) का सोलर पैनल सिस्टम लगवा रखा है और उनके पास वैध बिजली कनेक्शन भी है। विद्युत विशेषज्ञों के अनुसार, 5 किलोवाट का सोलर सिस्टम किसी भी सामान्य ग्रामीण परिवार के लिए पर्याप्त ऊर्जा उत्पन्न करता है। बावजूद इसके, बिजली विभाग के कर्मचारियों और स्थानीय दलालों की नजर युसूफ कुरैशी पर पड़ी। इस सिंडिकेट का सीधा तरीका यह था कि वैध कनेक्शन धारकों को बिजली चोरी या अनियमितता का फर्जी डर दिखाओ और हर महीने या मौका मिलते ही मोटी रकम ऐंठो।
2. घटनाक्रम: 8 जुलाई की वारदात और रंगदारी का दबाव
जांच में सामने आया कि 8 जुलाई 2026 को 33/11 KV बिजली उपकेंद्र कोतवाली देहात से जुड़े संविदा कर्मचारी, रीडर और उनके स्थानीय मददगार युसूफ कुरैशी के घर पहुंचे और सीधे 20 हजार रुपये नकद की मांग करने लगे। जब पीड़ित ने सोलर पैनल और वैध कनेक्शन के दस्तावेज दिखाते हुए पैसे देने से मना किया, तो आरोपियों ने धमकाते हुए कहा कि “कायदे में रहोगे तो बचे रहोगे, वर्ना ऐसा फर्जी मुकदमा बनाएंगे कि जेल से छूट नहीं पाओगे”। उपभोक्ता द्वारा लगातार विरोध करने पर आरोपियों ने उनके साथ हाथापाई, गाली-गलौज और मारपीट तक कर डाली।
3. डिजिटल साक्ष्य: UPI/ऑनलाइन पेमेंट से रंगदारी का खुलासा
इन्वेस्टिगेशन में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि यह जबरन वसूली अचानक नहीं हुई, बल्कि लंबे समय से चल रही थी। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में डिजिटल लेनदेन के विवरण सौंपे हैं, जिनसे पता चलता है कि 17 मार्च 2026 को जेल भेजने की धमकी देकर पीड़ित से 10,000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए थे। इससे पहले 23 दिसंबर 2023 को चेकिंग के नाम पर डराकर उनसे 4,000 रुपये ऑनलाइन ऐंठे गए थे। पीड़ित पर लगातार दबाव बनाए रखने के लिए आरोपियों ने पहले भी एक झूठी शिकायत दर्ज करवा रखी थी, ताकि उपभोक्ता कभी आवाज न उठा सके।
4. सिंडिकेट के ‘6 किरदार’ और उनकी विभागीय साठगांठ
थाना कोतवाली देहात पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत जिन 6 आरोपियों पर मुकदमा दर्ज किया है, उनमें विभागीय कर्मचारियों से लेकर बाहरी दलाल तक शामिल हैं। इनमें 33/11 KV बिजली उपकेंद्र कोतवाली देहात पर तैनात राहुल कुमार (मीटर रीडर/लिटर), उनका विभागीय सह-कर्मी अली अहद, और संविदा कर्मी मोन्टी शामिल हैं। इनके साथ इसी उपकेंद्र का संविदा कर्मी (लाइनमैन) लाइन कुमार, कसबा कोतवाली निवासी बाहरी बिचौलिया इरफान (पुत्र हनीफ) और करौंदा चौधरी निवासी स्थानीय मददगार रईस लल्ला (पुत्र सईद लल्ला) मिलकर इस पूरे नेटवर्क को चला रहे थे।
5. कानून का शिकंजा: दर्ज धाराओं का विश्लेषण
मामले की जांच उप-निरीक्षक विपिन कुमार को सौंपी गई है। पुलिस ने आरोपियों पर धारा 308(2) BNS के तहत सरकारी पद या ताकत का खौफ दिखाकर जबरन वसूली करने, धारा 191(2) BNS के तहत समूह बनाकर उपभोक्ता के घर पर उपद्रव करने, तथा धारा 115(2), 352 और 351(3) BNS के तहत मारपीट, अभद्रता और जान से मारने की आपराधिक धमकी देने का मामला दर्ज किया है। इसके अलावा, धारा 3(5) BNS (सामूहिक मंशा) के तहत सभी 6 आरोपियों की इस अपराध में समान कानूनी जिम्मेदारी तय की गई है।
targetTvLive का खोजी निष्कर्ष
बिजनौर का यह मामला महज एक बानगी है कि कैसे ग्रिड और सोलर net-metering व्यवस्था के बीच विभागीय कर्मचारी और दलाल मिलकर ग्रामीण उपभोक्ताओं का शोषण करते हैं। targetTvLive इस मामले में उप-निरीक्षक विपिन कुमार की जांच और बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा इन कर्मचारियों के खिलाफ की जाने वाली विभागीय कार्रवाई पर लगातार नजर बनाए रखेगा।












