बिजनौर में ब्लैकमेलिंग के ‘मास्टरमाइंड’ गैंग पर शिकंजा: झूठे दुष्कर्म और POCSO केस में फंसाकर ₹10 लाख मांगने वाली शातिर रविता और नौशाद गिरफ्तार!
targetTvLive डिजिटल मीडिया नेटवर्क रिपोर्ट: अवनीश त्यागी
बिजनौर (उत्तर प्रदेश)। फर्जी केस, झूठे गैंगरेप के गंभीर आरोप और लाखों रुपये की खुली रंगदारी—उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर में पुलिस ने एक ऐसे ही खौफनाक और संगठित ‘हनीट्रैप’ सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए दो और शातिर अभियुक्तों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
थाना नहटौर पुलिस द्वारा चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत ब्लैकमेलिंग और आपराधिक साजिश रचने के मुख्य आरोपियों में शामिल रविता गौतम और नौशाद को गिरफ्तार कर लिया गया है।
5 झूठे मुकदमों की साजिश और 10 लाख की डिमांड: ऐसे खुली ब्लैकमेलिंग की पोल
नहटौर क्षेत्र के ग्राम बेगराजपुर निवासी पीड़ित संजीव कुमार ने 12 सितंबर 2026 को पुलिस को दी अपनी तहरीर में इस बड़े आपराधिक षड्यंत्र का खुलासा किया। पीड़ित के अनुसार, आरोपी रविता देवी ने पहले उन पर थाना हल्दौर में मारपीट की शिकायत दर्ज कराई और फिर मुकदमे में समझौते के एवज में ₹10 लाख की भारी-भरकम रंगदारी मांगी।
रकम न मिलने पर गैंग की सक्रिय सदस्य सोनिया शर्मा के जरिए थाना मण्डावली में संजीव व अन्य के खिलाफ गैंगरेप (धारा 376D/69 BNS) का संगीन मुकदमा दर्ज करा दिया गया। हालांकि, पुलिस की गहन जांच में ये आरोप पूरी तरह असत्य पाए गए और अदालत में अंतिम रिपोर्ट (FR) दाखिल कर दी गई। इसके बावजूद, इस सिंडिकेट ने अपनी चालें बंद नहीं कीं और मण्डावर थाने, नजीबाबाद कोर्ट तथा विशेष पॉक्सो कोर्ट में झूठे केस दर्ज कराने का सिलसिला जारी रखा। अंततः संजीव की तहरीर पर थाना नहटौर में मु०अ०सं० 272/2026 (धारा 61(2), 308(5) BNS) के तहत मामला दर्ज कर कानूनी शिकंजा कसा गया।
गैंग का ‘मोडस ऑपरेंडी’: ऐसे रची जाती थी निर्दोषों को फंसाने की स्क्रिप्ट
पुलिस की गहन पूछताछ और विवेचना में इस संगठित गिरोह की दिल दहला देने वाली कार्यप्रणाली सामने आई है। गिरोह का मुख्य सरगना जुल्फिकार उर्फ बब्बू लंगड़ा अपने सहयोगियों—दिलशाद, गुड्डी, अन्नु, रविता गौतम, कीर्ति, नौशाद, सोनिया शर्मा और धर्मेन्द्र के साथ मिलकर पूरा नेटवर्क चलाता था। यह गैंग इलाके के आपसी विवादों, पुरानी रंजिशों और संपन्न व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सुनियोजित तरीके से जाल बिछाता था।
टारगेट तय होते ही गिरोह से जुड़ी महिलाओं के माध्यम से एक फर्जी घटनाक्रम (समय, स्थान और झूठी कहानी) तैयार किया जाता था। इसके बाद पुलिस को गुमराह करके या कोर्ट में धारा 156(3) के जरिए बलात्कार, सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो (POCSO) एक्ट और एससी/एसटी एक्ट जैसी गैर-जमानती गंभीर धाराओं में पर्चा दर्ज कराया जाता था। मुकदमा दर्ज होते ही आरोपी को जेल भेजने का भय दिखाकर लाखों रुपये और अनुचित लाभ की सौदेबाजी शुरू हो जाती थी।
पीड़ित को फंसाने के लिए कोर्ट से लेकर थानों तक दर्ज कराए गए ये 5 फर्जी मामले
जांच में सामने आया कि इस गिरोह ने पीड़ित संजीव को पूरी तरह तोड़ने के लिए पांच अलग-अलग थानों और अदालतों का सहारा लिया। आरोपियों ने सबसे पहले विशेष न्यायालय पॉक्सो, बिजनौर में वाद संख्या 16/2026 प्रस्तुत कर धारा 70, 127, 351(2), 352 BNS व 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया। इसके अलावा, थाना मण्डावली में मु०अ०सं० 13/2025 के तहत दुष्कर्म (धारा 69 BNS) व यूपी विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धाराएं लगवाई गईं।
षड्यंत्र यहीं नहीं रुका; आरोपियों ने थाना मण्डावर में मु०अ०सं० 95/2025 और थाना कोतवाली शहर में मु०अ०सं० 307/2026 (धारा 69A, 115(2), 351(2) BNS) के तहत झूठे केस कायम कराए। साथ ही सिविल जज कोर्ट नजीबाबाद में वाद संख्या 372/2015 के जरिए भी पीड़ित पर लगातार प्रशासनिक व मानसिक दबाव बनाने का प्रयास किया गया।
बिजनौर पुलिस का बड़ा एक्शन: अब तक सरगना समेत 14 आरोपी पहुंचे जेल
थाना नहटौर के प्रभारी निरीक्षक अनिल राणा, कांस्टेबल जैकी, नीटू और महिला कांस्टेबल नीतू की पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गैंग की मुख्य सदस्य रविता गौतम उर्फ रविता देवी (निवासी खेडकी टप्पा, थाना हल्दौर) और नौशाद (निवासी बक्शीवाला, थाना कोतवाली नगर) को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस प्रशासन के अनुसार, इस गिरोह के मास्टरमाइंड जुल्फिकार उर्फ बब्बू लंगड़ा समेत 12 अन्य अभियुक्तों—अफजाल, गुड्डी, कुन्ती, प्रीति, मो० आसिफ, दिलशाद, शायमा, अन्तिमा, शहाना, सानिया और हिफजान को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस का कहना है कि फर्जी मुकदमों के जरिए निर्दोषों को ब्लैकमेल करने वाले इस पूरे सिंडिकेट के बचे हुए तारों को भी खंगाला जा रहा है और सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
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पुलिस की शानदार कार्रवाई