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बिजनौर के देहात में ‘भगवा’ की नई धमक, 36 से अधिक ग्रामीणों का शिवसेना में विलय! क्या बदलेंगे पश्चिमी UP के सियासी समीकरण?

ग्राउंड रिपोर्ट: बिजनौर के देहात में ‘भगवा’ की नई धमक, 36 से अधिक ग्रामीणों का शिवसेना में विलय! क्या बदलेंगे पश्चिमी UP के सियासी समीकरण?

विशेष विश्लेषणात्मक कवरेज: अवनीश त्यागी | targetTvLive

बिजनौर (उत्तर प्रदेश)। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में आमतौर पर किसान आंदोलनों और बड़े क्षेत्रीय दलों का दबदबा माना जाता रहा है। लेकिन, बिजनौर जिले के ग्राम झलरी नसीरी से आई एक बड़ी सियासी खबर ने स्थानीय समीकरणों को अचानक गर्मा दिया है। रविवार को आयोजित शिवसेना की एक उच्चस्तरीय बैठक में तीन दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने एक साथ ‘भगवा’ थामकर न सिर्फ पार्टी का कुनबा बढ़ाया, बल्कि ग्रामीण अंचल में कैडर बेस मजबूत करने का स्पष्ट संदेश भी दे दिया।

महेंद्र सिंह की अध्यक्षता और लवी चौधरी के प्रभावी संचालन में हुई इस बैठक ने पश्चिमी यूपी के देहाती इलाकों में शिवसेना के तेजी से उभरते जनाधार पर मुहर लगा दी है।

80% समाजसेवा और 20% राजनीति: शिवसेना का मास्टरस्ट्रोक या नई बिसात?

बैठक के दौरान मुख्य वक्ता और शिवसेना जिला प्रमुख वीर सिंह चौधरी ने पार्टी की मूल कार्यशैली पर जोर देते हुए एक बड़ा बयान दिया—

“शिवसेना 20% राजनीति करती है और 80% सामाजिक सेवा करती है। शिवसेना समय-समय पर किसान, मजदूर के हक की लड़ाई, हिंदुत्व की रक्षा, भारतीय संस्कृति, भारत माता और गौ माता जैसे गंभीर मुद्दों पर सड़क से लेकर शासन तक आवाज उठाती रही है और आगे भी उठाती रहेगी।”

targetTvLive का तीखा विश्लेषण: राजनीतिक प्रेक्षकों की मानें तो वीर सिंह चौधरी का यह बयान महज़ कोई भावनात्मक भाषण नहीं, बल्कि ग्रामीण वोट बैंक में गहरी पैठ बनाने का एक सुविचारित ‘मास्टरप्लान’ है। पश्चिमी यूपी में किसान समस्याओं और हिंदुत्व के मुद्दों पर पारंपरिक पार्टियाँ अक्सर चुनावी लाभ-हानि का गणित बिठाने लगती हैं। ऐसे में शिवसेना का ‘80% समाजसेवा’ वाला फॉर्मूला उन निराश ग्रामीणों को आकर्षित कर रहा है जो खोखले वादों से परे धरातल पर काम देखना चाहते हैं।

‘बाला साहेब का विजन और घर-घर कैडर’: झलरी नसीरी में बदला हवा का रुख

संगठन विस्तार पर बात करते हुए शिवसेना जिला उप प्रमुख मुकेश लांबा ने बताया कि झलरी नसीरी के तीन दर्जन से अधिक प्रमुख ग्रामीणों ने शिवसेना की जनहितैषी नीतियों में विश्वास जताते हुए सदस्यता ग्रहण की है। नए कार्यकर्ताओं ने हिंदू हृदय सम्राट बाला साहेब ठाकरे जी के आदर्शों पर चलकर उनके सपनों को साकार करने की शपथ ली।

वहीं, जिला मंत्री शोभित गुर्जर ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भरते हुए कहा— “हमारा एकमात्र लक्ष्य शिवसेना की विचारधारा को हर घर तक पहुँचाना और संगठन को जमीनी स्तर पर अभेद्य बनाना है।”

शक्ति प्रदर्शन में उमड़ा कार्यकर्ताओं का हुजूम

बैठक मात्र औपचारिकता न रहकर एक बड़े शक्ति प्रदर्शन में तब्दील हो गई। इस दौरान प्रमुख रूप से: डॉ. दिनेश तोमर, दीपक देशवाल, संदीप बिल्ला, बंटी सरावत, राम गोपाल लांबा, आंतरिक कौशिक, शशि कुमार, शिवम कुमार, लोकेंद्र चौधरी, रूपल कुमार, पंकज कुमार, अनमोल कुमार, अरुण कुमार, नितिन कुमार, सत्यपाल कुमार, डॉक्टर जितेंद्र, सत्यम कुमार सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।

targetTvLive का निष्कर्ष: कितना टिकाऊ होगा यह प्रभाव?

झलरी नसीरी में हुए इस बड़े सामूहिक जुड़ाव ने यह तो साफ कर दिया है कि बिजनौर के ग्रामीण इलाकों में शिवसेना के प्रति आम जनता का रुझान बढ़ा है। लेकिन, क्या पार्टी इस जमीनी उभार और उत्साह को लंबे समय तक एक मजबूत कैडर वोट बैंक में बदल पाएगी? या यह केवल एक तात्कालिक लहर साबित होगी?

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बदलते राजनीतिक घटनाक्रमों पर targetTvLive के लिए अवनीश त्यागी की पैनी नज़र बनी रहेगी।

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