रिश्तों का खूनी अंत: ताऊ की बेटी से बनाए जिस्मानी ताल्लुकात, फिर लिव-इन के दबाव में गन्ने के खेत में घोंटा गला, मासूम को मरा समझ फेंका!
नूरपुर पुलिस और सर्विलांस टीम ने बिजनौर के अंधे हत्याकांड की सुलझाई गुत्थी; अमरोहा का शातिर कातिल गिरफ्तार, पिकअप वाहन जब्त और डेढ़ साल का मासूम मुरादाबाद से सकुशल बरामद।
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी विशेष कवरेज: TargetTvLive
प्रमुख बिंदु (Key Highlights):
- साजिश का कारण: ताऊ की बेटी से अवैध संबंध और लिव-इन रिलेशनशिप में रहने का लगातार बढ़ता दबाव।
- हैवानियत की हद: महिला की गला घोंटकर हत्या, शिनाख्त मिटाने के लिए कंबल डालकर शव को आग के हवाले किया।
- मासूमों पर जुल्म: 3 साल की बिलखती बच्ची की भी गला दबाकर हत्या की कोशिश की, डेढ़ साल के दूधमुहे बेटे को मुरादाबाद में छुपाया।
- पुलिसिया कार्रवाई: नूरपुर पुलिस और सर्विलांस टीम के संयुक्त ऑपरेशन में अमरोहा निवासी आरोपी गिरफ्तार, पिकअप वाहन और सामग्री बरामद।
खबर विस्तार से:
बिजनौर : उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर स्थित थाना नूरपुर क्षेत्र में पारिवारिक और खून के रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद खौफनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात का पुलिस ने खुलासा किया है। गन्ने के खेत के किनारे मिली महिला की जली हुई लाश और पास में लावारिस हालत में रोती-बिलखती 3 साल की मासूम बच्ची के पीछे जो सच सामने आया है, उसने समाज और इंसानियत दोनों को झकझोर कर रख दिया है। अपनी ही रिश्ते की बहन को प्रेम जाल में फंसाकर और हवस का शिकार बनाकर जब आरोपी ऊब गया, तो उसने बेहद ही पेशेवर कातिल की तरह इस खूनी खेल की पटकथा लिख डाली।
नूरपुर पुलिस और बिजनौर सर्विलांस टीम की संयुक्त मुस्तैदी से इस सनसनीखेज अंधे हत्याकांड की गुत्थी को महज कुछ ही घंटों में सुलझा लिया गया है। पुलिस ने मुख्य अभियुक्त को आलाकत्ल पिकअप गाड़ी के साथ गिरफ्तार कर लिया है और आरोपी की कब्जे से गायब किए गए डेढ़ वर्षीय मासूम बालक को भी सकुशल बरामद कर लिया है।
जंगल में मिली थी जली हुई लाश और बिलखती मासूम

इस सनसनीखेज मामले की शुरुआत 23 सितंबर 2026 को उस वक्त हुई, जब नूरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम आलमपुर एडवा के जंगल में ईख के खेत के किनारे ग्रामीणों को एक अज्ञात महिला का जला हुआ शव पड़ा मिला। शव के ठीक पास ही 3 साल की एक नन्हीं मासूम बच्ची बदहवास हालत में रो रही थी।
स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और शव व मासूम बच्ची की पहचान के लिए सोशल मीडिया पर व्यापक अभियान चलाया। सोशल मीडिया के जरिए बिजनौर के थाना कोतवाली शहर अंतर्गत ग्राम नवलपुर बैराज निवासी अनिल कुमार ने मृतका की पहचान अपनी पत्नी ऊषा और बच्ची की पहचान अपनी बेटी के रूप में की। इसके बाद अनिल की तहरीर पर 25 सितंबर 2026 को नूरपुर थाने में नामजद आरोपी नीरज कुमार के खिलाफ धारा 103(1) व 238 BNS के तहत मामला दर्ज कर पुलिस की टीमों को अलर्ट किया गया।
अवैध संबंध, ब्लैकमेलिंग का डर और लिव-इन का दबाव
पुलिस हिरासत में आए शातिर अभियुक्त नीरज पुत्र रामअवतार (निवासी ग्राम बीलना, थाना नौगावां सादात, जनपद अमरोहा) ने पूछताछ में जो सनसनीखेज खुलासे किए, उसे सुनकर खाकी भी हैरत में पड़ गई।
आरोपी नीरज ने बताया कि मृतका ऊषा उसके सगे ताऊ की बेटी थी। करीब 6 महीने पहले एक पारिवारिक समारोह के दौरान दोनों के बीच बातचीत का दौर शुरू हुआ, जो धीरे-धीरे अवैध शारीरिक संबंधों में बदल गया। ऊषा का अपने पति अनिल से पारिवारिक विवाद चल रहा था और वह ग्राम स्याऊ में किराए का मकान लेकर अलग रह रही थी। धीरे-धीरे ऊषा अभियुक्त नीरज पर अपने साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने का कड़ा दबाव बनाने लगी। नीरज इस रिश्ते से हमेशा के लिए पीछा छुड़ाना चाहता था और इसी छटपटाहट में उसने ऊषा और उसके मासूम बच्चों को रास्ते से हटाने का मन बना लिया।
साजिश के तहत घुमाया, फिर गन्ने के खेत में लिखा खूनी खेल
अभियुक्त ने पहले से तैयार अपनी योजना के मुताबिक 19 सितंबर 2026 की रात ऊषा और उसके दोनों बच्चों (3 साल की बेटी और डेढ़ साल के बेटे) को अपनी पिकअप गाड़ी में बैठाया और हरिद्वार व ऋषिकेश ले गया। इसके बाद 20 सितंबर को वह उन्हें नूरपुर के एक होटल में ठहराए रहा।
22 सितंबर 2026 की वो कत्ल की रात:
- रात करीब 10:15 बजे नीरज ऊषा और दोनों बच्चों को अपनी पिकअप गाड़ी (संख्या UP 23 BT 5438) से ग्राम आलमपुर एडवा के जंगल की तरफ सुनसान इलाके में ले गया।
- गन्ने के खेत के पास गाड़ी रोककर उसने ऊषा की गर्दन को हाथों से दबाया और फिर उसी के दुपट्टे से गले में कसकर गांठ लगा दी, जिससे मौके पर ही उसकी सांसें थम गईं।
- माँ की तड़प देखकर जब 3 साल की बच्ची रोने लगी, तो हैवान बने नीरज ने मासूम बच्ची का भी गला दबाकर उसे मारने की कोशिश की और मृत समझकर दोनों को गन्ने के खेत किनारे फेंक दिया।
- पहचान पूरी तरह मिटाने की नीयत से आरोपी ने ऊषा के शव पर कंबल डालकर आग लगा दी, बच्ची की दूध की बोतल और मोबाइल फोन का सिम निकालकर फेंक दिया व मोबाइल तोड़ दिया।
मासूम बेटे को मुरादाबाद में छुपाया, पुलिस टीम ने किया बरामद
वारदात को अंजाम देने के बाद शातिर आरोपी ऊषा के डेढ़ साल के मासूम बेटे को अपने साथ ले गया और मुरादाबाद स्थित अपनी ससुराल में झूठी कहानी गढ़कर छुपा दिया। पुलिस की कड़ी पूछताछ के बाद आरोपी की निशानदेही पर नूरपुर पुलिस ने मासूम बच्चे को उसकी ससुराल से सकुशल बरामद कर लिया है। मामले की संवेदनशीलता और मासूम बच्ची पर हुए जानलेवा हमले को देखते हुए पुलिस ने मुकदमे में हत्या के प्रयास से जुड़ी धारा 109(1) BNS की बढ़ोतरी कर दी है।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी नीरज के पास से घटना में इस्तेमाल की गई पिकअप गाड़ी (UP 23 BT 5438), एक वीवो स्मार्टफोन, और बच्चे की दूध पीने वाली निप्पल लगी स्टील की बोतल मय सफेद रुमाल बरामद कर लिया है।
इस पूरे सनसनीखेज मामले का त्वरित पर्दाफाश करने में थानाध्यक्ष प्रवेज कुमार, उप-निरीक्षक रवि कुमार, उप-निरीक्षक श्रीकान्त सत्यार्थी, सिपाही किशनपाल, राहुल कुमार तथा सर्विलांस टीम बिजनौर के हेड कांस्टेबल जोगेन्द्र सिंह व कांस्टेबल आकाश कुमार की सराहनीय और अहम भूमिका रही है।
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