बिजनौर में SP कृष्ण कुमार का ‘अचानक’ एक्शन मोड: ड्रिल में कसा अनुशासन, ड्रोन-UP 112 और फाइलों के रखरखाव पर ऑन-द-स्पॉट सख्त निर्देश
बिजनौर | Target TV Live | अवनीश त्यागी
जनपद बिजनौर में कानून-व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, जवाबदेह और हाईटेक बनाने की दिशा में पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक श्री कृष्ण कुमार ने बिजनौर पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड पहुंचकर शुक्रवार परेड की भव्य सलामी ली और जवानों के अनुशासन, शारीरिक दक्षता एवं ड्रिल का गहन निरीक्षण किया।
परेड के उपरांत कप्तान ने पुलिस लाइन की विभिन्न आधुनिक शाखाओं—जैसे UP 112, ड्रोन स्क्वाड, और परिवहन शाखा—का भी बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पुलिस लाइन के विभिन्न प्रशासनिक कार्यालयों के कार्यप्रणाली की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को ऑन-द-स्पॉट आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
अनुशासन और एकरूपता पर जोर: टोलीवार करवाई गई ड्रिल
शुक्रवार सुबह पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में माहौल पूरी तरह अनुशासित और ऊर्जा से भरा हुआ था। एसपी कृष्ण कुमार ने सबसे पहले परेड की सलामी ली और जवानों के टर्नआउट (वेशभूषा) की जांच की।
- ड्रिल रिहर्सल: पुलिसकर्मियों में एकरूपता और बेहतर समन्वय बनाए रखने के लिए टोलीवार (Squad-wise) ड्रिल कराई गई।
- शारीरिक व मानसिक फिटनेस: एसपी ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि क्षेत्र में मुस्तैदी बनाए रखने के लिए शारीरिक फिटनेस और अनुशासन प्राथमिक शर्त है।
हाईटेक सर्विलांस पर फोकस: UP 112 और ड्रोन शाखा का निरीक्षण
परेड समाप्त होने के बाद पुलिस अधीक्षक का रुख पुलिस लाइन स्थित तकनीकी एवं लॉजिस्टिक इकाइयों की ओर रहा। उन्होंने आधुनिक पुलिसिंग से जुड़े प्रमुख विभागों का ग्राउंड जीरो पर जाकर निरीक्षण किया:
- UP 112 कंट्रोल रूम व वाहन: आपातकालीन रिस्पांस टाइम को और बेहतर करने के लिए UP 112 की गाड़ियों की स्थिति, जीपीएस सिस्टम और उपकरणों की कार्यक्षमता को परखा गया।
- ड्रोन स्क्वाड: जनपद में भीड़ नियंत्रण, संवेदनशील इलाकों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक बनाने के लिए तैनात ड्रोन कैमरों के संचालन का जायजा लिया।
- परिवहन शाखा (Motor Transport): पुलिस वाहनों के रखरखाव, ईंधन लॉग बुक और आपात स्थिति में वाहनों की उपलब्धता की समीक्षा की गई।
कार्यालयों का निरीक्षण और कड़े निर्देश
तकनीकी शाखाओं के बाद पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन परिसर स्थित विभिन्न कार्यालयों (आंकड़ा शाखा, शस्त्रागार, मेस, और गणना कार्यालय आदि) का निरीक्षण किया।
एसपी बिजनौर का कड़ा संदेश: “जनता की सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था की विश्वसनीयता में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी कार्यालयों में अभिलेखों का रख-रखाव अद्यतन (Updated) रहे और नागरिकों की शिकायतों पर त्वरित व पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।”
विश्लेषण: क्या हैं इस निरीक्षण के मायने?
Target TV Live के लिए वरिष्ठ पत्रकार अवनीश त्यागी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार का यह रूटीन निरीक्षण महज एक औपचारिकता नहीं, बल्कि बिजनौर पुलिस को ‘आधुनिक और रिस्पॉन्सिव’ बनाने की रणनीति का हिस्सा है।
- तकनीकी दक्षता पर बल: पारंपरिक पुलिसिंग के साथ-साथ ड्रोन और 112 जैसी आपात सेवाओं को सीधे नेतृत्व द्वारा मॉनिटर करना यह दर्शाता है कि जिला पुलिस अब साइबर और डिजिटल युग की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार हो रही है।
- जवाबदेही तय होना: कार्यालयों और परिवहन शाखा के सीधे निरीक्षण से निचले स्तर पर जवाबदेही तय होती है, जिससे प्रशासनिक सुस्ती खत्म होती है।
बिजनौर पुलिस द्वारा किए जा रहे इन लगातार सुधारों और कड़े निरीक्षणों से आम जनमानस में सुरक्षा का भाव मजबूत हो रहा है, वहीं अपराध और अराजक तत्वों पर भी शिकंजा कसता दिख रहा है।
- रिपोर्ट: अवनीश त्यागी
- स्रोतः Target TV Live डिजिटल डेस्क, बिजनौर












