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​”UP Farmers Loan: 11% नहीं, अब केवल 6% ब्याज पर मिलेगा ₹6 लाख तक का लोन; जानें किसे और कैसे मिलेगा फायदा!”

​”UP Farmers Loan: 11% नहीं, अब केवल 6% ब्याज पर मिलेगा ₹6 लाख तक का लोन; जानें किसे और कैसे मिलेगा फायदा!”

बिजनौर / लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लखनऊ से राज्य स्तरीय कार्यक्रम के जरिए “मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना” तथा सहकारिता पर आधारित देश की पहली “भारत टैक्सी” सेवा का शुभारंभ प्रदेश के ग्रामीण और कृषि परिदृश्य के लिए एक बड़े युगांतरकारी बदलाव का संकेत है।

बिजनौर के राणा फार्म में आयोजित सजीव प्रसारण (Live Telecast) कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन, कृषि विभाग, गन्ना विभाग तथा सहकारिता क्षेत्र से जुड़े उच्चाधिकारियों और सैकड़ों किसानों की उपस्थिति में इस योजना की गहराइयों और जमीनी असर पर व्यापक मंथन हुआ।

नीतिगत विश्लेषण: योजना के मुख्य स्तंभ और आर्थिक समीकरण

  1. दीर्घकालीन ऋण पर ब्याज दर आधी (11% से घटाकर 6%): उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लि0 (LDB) के माध्यम से किसानों को पहले दीर्घकालीन ऋण पर 11 प्रतिशत का भारी ब्याज चुकाना पड़ता था, जिसे अब घटाकर प्रभावशाली 6 प्रतिशत कर दिया गया है। 5 प्रतिशत की यह सीधी कटौती किसानों के कुल वित्तीय बोझ को लगभग आधा कर देती है।
  2. कैपिटल इन्वेस्टमेंट (पूंजीगत निवेश) को बढ़ावा: योजना के तहत पात्र लघु एवं सीमांत किसानों को ₹6 लाख तक का दीर्घकालीन ऋण सुलभ कराया जाएगा। इसका सीधा उपयोग ट्रैक्टर, नलकूप, ड्रिप इरिगेशन, पॉलीहाउस और कृषि-प्रसंस्करण इकाइयों जैसे टिकाऊ ढांचागत विकास (Capital Assets) में किया जा सकेगा।
  3. ₹384 करोड़ का राज्य बजट व 5 लाख किसानों का लक्ष्य: उत्तर प्रदेश सरकार ने योजना हेतु ₹384 करोड़ की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। आगामी 5 वर्षों के भीतर 5 लाख लघु एवं सीमांत कृषकों को इस योजना के दायरे में लाने का महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया गया है।
  4. अतिरिक्त ब्याज अनुदान (Interest Subsidy) का प्रोत्साहन: समय पर किश्तें जमा करने वाले अनुशासित किसान परिवारों को राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त ब्याज अनुदान का लाभ देकर वित्तीय अनुशासन को प्रोत्साहित किया जाएगा।
  5. पारदर्शी डिजिटलीकरण: आवेदन से लेकर ऋण स्वीकृति और वितरण तक की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी बनाया गया है, जिससे बिचौलियों और लाल फीताशाही की गुंजाइश खत्म होगी।

‘सारथी ही मालिक’: सहकारिता का नया डिजिटल मॉडल ‘भारत टैक्सी’

इसी कार्यक्रम में लांच की गई “भारत टैक्सी” सेवा ‘सहकारी टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (STCL)’ द्वारा संचालित भारत का पहला सहकारी-नेतृत्व वाला राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है।

  • निजी कंपनियों के एकाधिकार को चुनौती: अब तक डिजिटल कैब प्लेटफॉर्म्स पर कॉर्पोरेट घरानों का कब्जा था, जहां चालकों से मोटा कमीशन वसूला जाता था।
  • “सारथी ही मालिक” का विजन: इस मॉडल में वाहन चालक स्वयं संस्था के सदस्य और हितधारक (Shareholders) हैं। इससे चालकों को उनका पूरा हक मिलेगा, रोजगार व स्वरोजगार को स्थायित्व मिलेगा और आम यात्रियों को सुरक्षित, पारदर्शी व किफायती परिवहन सुविधा प्राप्त होगी।

 बिजनौर राणा फार्म में जुटे प्रशासनिक व विभागीय दिग्गज

बिजनौर में आयोजित सजीव प्रसारण कार्यक्रम में जिले की कृषि, गन्ना और सहकारिता नीतियों को नया आयाम देने वाले वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही:

  • डा० बीरबल सिंह (संयोजक, सहकारिता प्रकोष्ठ पश्चिम उ०प्र० भाजपा)
  • श्री दिनेश कुमार (अध्यक्ष, जिला सहकारी बैंक बिजनौर)
  • श्री जगबीर सिंह तेवतिया (जिला कृषि अधिकारी, बिजनौर)
  • श्री बृजेश कुमार पटेल (जिला गन्ना अधिकारी, बिजनौर)
  • श्री राजवीर सिंह (सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, बिजनौर)
  • श्री पुष्पेन्द्र शेखावत (अध्यक्ष, जिला सहकारी संघ लि0 बिजनौर व सचिव/CEO, जिला सहकारी बैंक)
  • श्री दीपेन्द्र सिंह (वरिष्ठ प्रबन्धक, उ०प्र० ग्राम विकास बैंक लि0)

इनके साथ ही जिले के समस्त उप महाप्रबन्धक, अपर जिला सहकारिता अधिकारी, शाखा प्रबन्धक, जनपद की प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों (B-PACS) के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और सैकड़ों कृषक उपस्थित रहे।

 जमीनी विश्लेषण: बिजनौर के कृषि व गन्ना क्षेत्र पर क्या पड़ेगा असर?

कार्यक्रम के दौरान जिला कृषि अधिकारी जगबीर सिंह तेवतिया और जिला गन्ना अधिकारी बृजेश कुमार पटेल ने योजना के तकनीकी, व्यावहारिक और दीर्घकालिक फायदों पर अपना गहन विश्लेषण साझा किया:

  • आधुनिक तकनीकों का समावेश (जिला कृषि अधिकारी – जगबीर सिंह तेवतिया): जिला कृषि अधिकारी जगबीर सिंह तेवतिया ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बिजनौर में भूमि जोत (Land Holding) छोटी होती जा रही है। 6% की सस्ती ब्याज दर पर ₹6 लाख तक का दीर्घकालीन ऋण मिलने से लघु एवं सीमांत किसान अब आधुनिक कृषि यंत्र, ड्रिप-स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली और ग्रीनहाउस तकनीक को अपना सकेंगे। इससे उत्पादन लागत में कमी आएगी और प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बढ़ेगी।
  • गन्ना किसानों के लिए विविधीकरण का अवसर (जिला गन्ना अधिकारी – बृजेश कुमार पटेल): जिला गन्ना अधिकारी बृजेश कुमार पटेल ने विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण रखते हुए कहा कि बिजनौर प्रदेश का प्रमुख गन्ना उत्पादक जिला है। इस योजना का लाभ उठाकर गन्ना किसान केवल पारंपरिक खेती पर निर्भर रहने के बजाय गुड़-खांडसारी प्रसंस्करण, गन्ना-सह-फसली चक्र (Intercropping) और डेयरी व्यवसाय जैसे कृषि-आधारित उपक्रमों में पूंजी निवेश कर सकेंगे, जिससे किसानों की आय में बहुआयामी बढ़ोतरी होगी।
  • बी-पैक्स (B-PACS) के जरिए अंतिम छोर तक पहुंचेगा लाभ: सहायक आयुक्त राजवीर सिंह एवं जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष दिनेश कुमार ने कहा कि जिले की बी-पैक्स समितियों के माध्यम से पारदर्शी ऑनलाइन व्यवस्था लागू कर पात्र किसानों तक सीधे लाभ पहुंचाया जाएगा।

 निष्कर्ष

‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ केवल ब्याज दरों में कटौती का फैसला नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के कृषि क्षेत्र को महाजनी प्रथा व भारी वित्तीय कर्ज से मुक्त कर स्वावलंबी बनाने की दिशा में उठाया गया रणनीतिक कदम है। सहकारिता आधारित ‘भारत टैक्सी’ के साथ मिलकर यह पहल ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक तरक्की के नए द्वार खोलेगी।

क्षेत्रीय विकास, प्रशासनिक निर्णयों और प्रामाणिक खबरों के गहन विश्लेषण के लिए जुड़े रहिए Target TV Live के साथ। (रिपोर्ट: अवनीश त्यागी, Target TV Live)

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