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“बिजनौर: नए DM उमेश प्रताप सिंह का पहला फरमान— ‘फरियादियों को ना दौड़ाएं, समय पर हो काम'”

​“बिजनौर: नए DM उमेश प्रताप सिंह का पहला फरमान— ‘फरियादियों को ना दौड़ाएं, समय पर हो काम'”

बिजनौर (targetTvLive) | अवनीश त्यागी

पश्चिम यूपी के संवेदनशील और महत्वपूर्ण जिले बिजनौर की कमान अब नए जिलाधिकारी (DM) उमेश प्रताप सिंह के हाथों में आ गई है। बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित कोषागार में पूरे विधि-विधान के साथ पदभार ग्रहण करने के साथ ही नवागत डीएम ने अपने तेवर साफ कर दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन और आम जनता की समस्याओं का पारदर्शी निस्तारण ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

गार्ड ऑफ ऑनर से अगवानी, महात्मा विदुर सभागार में प्रेस वार्ता

पदभार संभालने से पूर्व पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस और कलेक्ट्रेट परिसर में नवागत जिलाधिकारी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में आयोजित पहली प्रेस वार्ता में मीडिया से मुखातिब होते हुए डीएम उमेश प्रताप सिंह ने अपने विज़न और प्राथमिकताओं का खाका पेश किया।

“शासन की नीतियां और प्राथमिकताएं ही मेरी कार्यशैली का आधार होंगी। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकार की हर कल्याणकारी योजना का लाभ जिले के अंतिम पायदान पर खड़े पात्र व्यक्ति तक बिना किसी अड़चन के पहुंचे।” — उमेश प्रताप सिंह, नवागत जिलाधिकारी, बिजनौर

DM का 5-पॉइंट एक्शन प्लान: जिस पर रहेगा विशेष फोकस

जिले में प्रशासनिक कसावट लाने और जनहित के कार्यों को गति देने के लिए नवागत जिलाधिकारी ने अपनी 5 प्रमुख प्राथमिकताएं निर्धारित की हैं:

  1. तहसील और थाना स्तर तक कड़ी निगरानी: जिला मुख्यालय ही नहीं, बल्कि तहसील, विकासखंड (ब्लॉक) और थाना स्तर पर मॉनिटरिंग सिस्टम को बेहद मजबूत किया जाएगा ताकि निचले स्तर पर भी फरियादियों को न्याय मिल सके।
  2. विकास कार्यों में ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति: जिले में चल रहे सभी निर्माण और विकास कार्यों की नियमित समीक्षा होगी। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता से समझौता करने वाले ठेकेदारों व जिम्मेदार अफसरों पर सीधी गाज गिरेगी।
  3. कानून व्यवस्था और त्वरित जनसुनवाई: कानून व्यवस्था को चाक-चौबंद रखना शीर्ष प्राथमिकता में रहेगा। आमजन की शिकायतों को लटकाने के बजाय निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
  4. सामाजिक व आर्थिक सूचकांक पर ज़ोर: स्वास्थ्य सेवाएँ, शिक्षा का स्तर, महिला सशक्तिकरण, युवा कल्याण तथा रोजगार/स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं की व्यक्तिगत स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी।
  5. अधिकारियों को सख्त हिदायत: शासकीय दायित्वों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभागाध्यक्षों को जनता के प्रति संवेदनशील रहकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्ट्रेट सभागार में परिचयात्मक बैठक: कर्मचारियों में भरा उत्साह

पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद डीएम उमेश प्रताप सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिले के तमाम उच्चाधिकारियों और कर्मचारियों के साथ परिचयात्मक बैठक की। उन्होंने सभी का उत्साहवर्धन करते हुए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ जनहित में कार्य करने का आह्वान किया।

इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी रण विजय सिंह, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), वरिष्ठ कोषाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और कलेक्ट्रेट का स्टाफ मौजूद रहा।

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