बिजनौर में ‘बब्बू लंगड़ा’ गैंग पर पुलिस का दोहरा प्रहार — फर्जी मुकदमों और रंगदारी के सिंडिकेट में 4 शातिर महिलाएं और 8 लाख मांगने वाला हिफजान गिरफ्तार
targetTvLive एक्सक्लूसिव डिजिटल कवरेज | बिजनौर। विशेष रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | दिनांक: 19 सितंबर 2026
केस समरी (Quick Takeaways):
- मुख्य धाराएं: धारा 61(2), 308(5), 338, 336(3), 340(2) BNS।
- रंगदारी की कोशिश: 8 लाख की मांग (50,000 रुपये वसूले जा चुके थे)।
- बरामदगी: 13 जाली आधार कार्ड।
- वर्तमान स्थिति: मास्टरमाइंड ‘बब्बू लंगड़ा’ समेत 11 आरोपी जेल में।
बिजनौर (उत्तर प्रदेश): महिलाओं की सुरक्षा और दुष्कर्म निवारण के लिए बनाए गए कड़े कानूनों को ढाल बनाने की जगह, उन्हें हथियार बनाकर बेगुनाह नागरिकों को आर्थिक व मानसिक रूप से तबाह करने वाले एक बेहद खतरनाक ‘हनीट्रैप व ब्लैकमेलिंग सिंडिकेट’ पर बिजनौर पुलिस ने बड़ा प्रहार किया है।
बिजनौर के थाना नजीबाबाद और थाना किरतपुर पुलिस ने अलग-अलग लेकिन एक-दूसरे से जुड़े मामलों में त्वरित व साहसिक कार्रवाई करते हुए इस गैंग के कई मुख्य किरदारों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
कैसे काम करता था ‘बब्बू लंगड़ा’ का ब्लैकमेलिंग सिंडिकेट?
पुलिस विवेचना और संयुक्त पूछताछ से गिरोह की आपराधिक कार्यप्रणाली (Modus Operandi) का पर्दाफाश हुआ है। इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड जुल्फिकार उर्फ बब्बू लंगड़ा है, जिसने महिलाओं और पुरुषों का एक संगठित नेटवर्क तैयार किया था।
- टारगेट की तलाश: गिरोह के सदस्य पहले इलाके में लोगों के आपसी विवाद, पुरानी रंजिश या पैसे वाले लोगों की जानकारी जुटाते थे।
- झूठी पटकथा व फर्जी आधार कार्ड: चिन्हित व्यक्ति को फंसाने के लिए गिरोह की महिलाओं को झूठी घटना की पूरी कहानी (समय, स्थान और आरोप) समझाई जाती थी। पहचान छिपाकर अलग-अलग जिलों में फर्जी शिकायतें दर्ज कराने के लिए जाली आधार कार्डों का इस्तेमाल किया जाता था।
- पुलिस व कोर्ट का सहारा: पुलिस में फर्जी सूचना देने के साथ-साथ धारा 156(3) CrPC (या बीएनएस प्रावधानों) के तहत अदालतों में अर्जी दाखिल कर बलात्कार, गैंगरेप, पॉक्सो (POCSO) और एससी/एसटी एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमे/परिवाद दर्ज कराए जाते थे।
- समझौते के नाम पर लाखों की रंगदारी: मुकदमा दर्ज कराने या धमकी देने के बाद सामाजिक प्रतिष्ठा और जेल का खौफ दिखाकर पीड़ितों से लाखों रुपये की अवैध वसूली की जाती थी।
केस 1 (नजीबाबाद): 4 शातिर महिलाएं गिरफ्तार, 13 फर्जी आधार कार्ड बरामद
नजीबाबाद क्षेत्र में पीड़ित मोहम्मद आसिम, साहिल, मुराद खान और नवाब द्वारा दी गई तहरीरों के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में मुकदमे (मु0अ0सं0 454/2026, 455/2026, 459/2026, 460/2026) पंजीकृत किए थे।
जांच के दौरान नजीबाबाद पुलिस ने गिरोह से जुड़ी 4 शातिर महिला अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। इनके पास से 13 फर्जी आधार कार्ड बरामद हुए हैं, जिनका उपयोग पहचान बदलकर अलग-अलग जिलों में झूठे केस दर्ज कराने में किया जा रहा था। पुलिस ने मामले में धारा 338, 336(3), 340(2) BNS की बढ़ोतरी की है।
गिरफ्तार महिलाएं:
- शायमा पुत्री अब्दुल करीम (निवासी: कांसीराम कॉलोनी, बिजनौर)
- अन्तिमा पुत्री कमलेश गिरि (निवासी: चाहशीरी, बिजनौर)
- शहाना परवीन पत्नी सलीम अहमद (निवासी: कांसीराम कॉलोनी, बिजनौर)
- सानिया पुत्री सलीम अहमद (निवासी: कांसीराम कॉलोनी, बिजनौर)
पूछताछ में खुलासा हुआ कि अमरोहा और बिजनौर के विभिन्न थानों (जैसे नागल, रजबपुर, रहरा, हसनपुर, स्योहारा आदि) में झूठी घटनाएं दर्शाकर मुकदमे दर्ज कराने के बदले इन महिलाओं को 10,000 से 50,000 रुपये तक की रकम, कपड़े और मोबाइल फोन उपलब्ध कराए जाते थे।
केस 2 (किरतपुर): 8 लाख की रंगदारी और 50 हजार की वसूली करने वाला हिफजान गिरफ्तार
उधर, थाना किरतपुर क्षेत्र में 15 सितंबर 2026 को पीड़ित महफूज (निवासी: मौ० लाड़पुरा, किरतपुर) ने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस की शरण ली। वादी महफूज के अनुसार, आरोपियों ने उन्हें बलात्कार और गैंगरेप के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर 8 लाख रुपये की भारी-भरकम रंगदारी मांगी और डरा-धमकाकर 50,000 रुपये मौके पर ही ऐंठ लिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए किरतपुर पुलिस ने बीएनएस की धारा 61(2) (आपराधिक षड्यंत्र) और 308(5) (रंगदारी) के तहत मु0अ0सं0 282/2026 दर्ज किया। थाना प्रभारी पुष्पेन्द्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम (उ0नि0 दीपक नागर, मुख्य आरक्षी सचिन पवार व चन्द्रशेखर) ने 19 सितंबर 2026 को सटीक घेराबंदी कर मुख्य आरोपी हिफजान (पुत्र अमानउल्ला, निवासी: मौ० लाड़पुरा) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। फरार चल रही महिला आरोपी रामकली की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
‘बब्बू लंगड़ा’ सिंडिकेट: अब तक कौन-कौन पहुंचा सलाखों के पीछे?
बिजनौर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत इस सिंडिकेट का लगभग पूरा ढांचा ध्वस्त हो चुका है:
- मुख्य मास्टरमाइंड: जुल्फिकार उर्फ बब्बू लंगड़ा (पूर्व से जेल में निरुद्ध)
- सलाखों के पीछे पहुंचे अन्य आरोपी: अफजाल, गुड्डी, कुंती, प्रीति, मो. आसिफ, दिलशाद, तथा हाल ही में गिरफ्तार हिफजान, शायमा, अन्तिमा, शहाना परवीन और सानिया।
- फरार आरोपी: रामकली (किरतपुर क्षेत्र से पुलिस की दबिश जारी)।
विश्लेषणात्मक नजरिया (targetTvLive Insight)
कानून के कड़े प्रावधानों का गलत इस्तेमाल कर ‘हनीट्रैप’ या फर्जी एफआईआर की धमकी देकर वसूली करने वाले गिरोह समाज में दोहरी क्षति पहुंचाते हैं:
- निर्दोषों का उत्पीड़न: एक आम और सम्मानित नागरिक सामाजिक बदनामी और जेल के डर से अपनी जमापूंजी गंवा बैठता है।
- वास्तविक पीड़ितों के न्याय पर प्रभाव: ऐसे फर्जी मामलों के कारण उन वास्तविक महिला पीड़ितों के मामलों पर भी संशय पैदा होने लगता है, जो सचमुच न्याय की आस में पुलिस के पास आती हैं।
बिजनौर पुलिस द्वारा 13 फर्जी आधार कार्डों की जब्ती के साथ इस पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ करना अत्यंत सराहनीय कदम है, जिससे अपराधियों के हौसले पस्त हुए हैं और जनता में पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।












