गैस सिलेंडर के नाम पर सोने के जेवर उड़ाने वाला ‘नटवरलाल’ गिरफ्तार, 6 जिलों में फैली थीं ठगी की जड़ें!
खास बातें:
- मास्टरमाइंड का पर्दाफाश: गैस एजेंसी का फर्जी कर्मचारी बनकर भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाता था आरोपी रिहान उर्फ मिन्जार।
- बड़ी कामयाबी: बिजनौर की चांदपुर पुलिस ने बिछाया सर्विलांस का जाल, गाजियाबाद-दिल्ली में ठिकाने बदलकर छिप रहा शातिर दबोचा गया।
- क्राइम कुंडली: खुर्जा, अलीगढ़ से लेकर एनसीआर तक दर्ज हैं 15 से ज्यादा संगीन मुकदमे।
विशेष रिपोर्ट: अवनीश त्यागी डिजिटल डेस्क, targetTvLive | बिजनौर (उत्तर प्रदेश) दिनांक: 19 सितंबर 2026
झांसे में ली बेटी, उड़ा ले गया गहने और बाइक
बिजनौर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर (NCR) के इलाकों में फर्जी पहचान के सहारे ठगी का साम्राज्य खड़ा करने वाले एक अति-शातिर नटवरलाल के तिलस्म को चांदपुर पुलिस ने ध्वस्त कर दिया है। targetTvLive को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, पकड़ा गया आरोपी रिहान उर्फ मिन्जार बेहद शातिराना अंदाज में वारदात को अंजाम देता था।
घटना 25 अगस्त की है, जब चांदपुर के सराय रफी (फीना) निवासी ईदरीश अहमद के घर एक अज्ञात व्यक्ति पहुंचा। खुद को चांदपुर गैस एजेंसी का कारिंदा बताकर उसने पीड़ित परिवार को सस्ता गैस सिलेंडर दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद वह ईदरीश की पैशन प्रो बाइक मांगकर उनकी बेटी के पास पहुंचा और उसे रिलायंस पेट्रोल पंप के पास ले आया। वहां चालाकी से लड़की को अपनी बातों में उलझाकर उसके सोने के कुंडल और पेंडेंट उतरवा लिए कि ‘ये सामान तुम्हारे पिता को देने जा रहा हूं’ और बाइक व जेवर समेत नौ दो ग्यारह हो गया।
दिल्ली-गाजियाबाद में ठिकाने, सम्भल का रहने वाला है शातिर
घटना के बाद हरकत में आई चांदपुर पुलिस ने मुकदमा (सं. 505/2026) दर्ज कर पड़ताल शुरू की। उप-निरीक्षक रोबिन कौशिक की अगुवाई में गठित स्पेशल टीम ने जब कड़ियां जोड़ना शुरू किया तो चौंकाने वाले खुलासे हुए।
जांच में सामने आया कि आरोपी रिहान मूल रूप से सम्भल (ऐचोडा कम्बोह) का रहने वाला है, लेकिन पुलिस की नजरों से बचने के लिए उसने गाजियाबाद के पसौंडा (टीला मोड़) और दिल्ली के बुराड़ी (संगम विहार) में अपने ठिकाने बना रखे थे। पुलिस टीम ने सटीक घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया।
पुलिस द्वारा बरामदगी का ब्योरा:
- 01 जोड़ी सोने की बाली (पीली धातु)
- 01 जोड़ी सोने के कुंडल (पीली धातु)
- 01 सोने का पेंडेंट (पीली धातु)
- 01 पैशन प्रो मोटरसाइकिल (रजिस्ट्रेशन नं. UP20 AE 4090)
विश्लेषण: 6 जिलों में खौफ का दूसरा नाम बना था यह ठग
TargetTvLive की अपराध विश्लेषणात्मक रिपोर्ट बताती है कि रिहान कोई नौसिखिया चोर नहीं, बल्कि एक आदतन और अंतरराज्यीय पेशेवर अपराधी है। बुलंदशहर के खुर्जा से लेकर अलीगढ़, अमरोहा, बागपत, गाजियाबाद और बिजनौर तक इसके खिलाफ चोरी, जालसाजी और धोखाधड़ी के 15 संगीन मामले दर्ज हैं।
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│ रिहान का आपराधिक साम्राज्य │
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│ बुलंदशहर (खुर्जा) │ 05 मुकदमे (लगातार वारदातें) │[span_36](start_span)[span_36](end_span)
│ अलीगढ़ │ 03 मुकदमे (अतरौली, हरदुआगंज, आदि) │[span_37](start_span)[span_37](end_span)
│ बिजनौर │ 03 मुकदमे (चांदपुर, नजीबाबाद आदि) │[span_38](start_span)[span_38](end_span)[span_39](start_span)[span_39](end_span)
│ अमरोहा │ 02 मुकदमे (आदमपुर थाना) │[span_40](start_span)[span_40](end_span)[span_41](start_span)[span_41](end_span)
│ गाजियाबाद/बागपत │ 02 मुकदमे (लोनी एवं खेकड़ा) │[span_42](start_span)[span_42](end_span)
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अनावरण करने वाली जांबाज पुलिस टीम
इस अंतरराज्यीय गिरोह के खुलासे में चांदपुर थाने के निम्नलिखित पुलिसकर्मियों की भूमिका सराहनीय रही:
- उ0नि0 रोबिन कौशिक (टीम प्रभारी, थाना चांदपुर)
- हैड कांस्टेबल 718 सचिन चौधरी
- कांस्टेबल 1882 कृष्ण कुमार
- कांस्टेबल 1956 आर्यन
- रिक्रूट कांस्टेबल 2992 आशीष जावला
targetTvLive अलर्ट: यदि आपके घर भी कोई अनजान व्यक्ति खुद को किसी सरकारी विभाग, गैस एजेंसी या बैंक का कर्मचारी बताकर प्रलोभन दे, तो तुरंत सतर्क हों। बिना पहचान पत्र देखे किसी को भी अपने वाहन या आभूषण न सौंपें। संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत स्थानीय पुलिस को 112 पर सूचित करें।













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