गाजियाबाद के ‘लेडीज गैंग’ का खौफनाक पैंतरा! 2 स्विफ्ट कारों में आईं और दुकान साफ कर गईं; बिजनौर में धर दबोची गईं 2 शातिर महिलाएं

बिजनौर / चांदपुर (उत्तर प्रदेश) | विशेष रिपोर्ट: अवनीश त्यागी, Target TV Live दिनांक: 18 सितंबर 2026
खबर सार (Quick Bulletins):
- दहशत का नेटवर्क: गाजियाबाद से स्विफ्ट कारों में निकलकर छोटे शहरों के सर्राफा व्यापारियों को निशाना बनाता था महिला सिंडिकेट।
- हाई-टेक चोरी: ग्राहक बनकर दुकान में घुसीं महिलाएं और सेकंडों में पार कर दिए सोने-चांदी के जेवर।
- बड़ी सफलता: चांदपुर पुलिस ने 2 महिलाओं को दबोचा, 2 लग्जरी गाड़ियां और चोरी का माल जब्त; 5 साथी अभी भी फरार।

गाजियाबाद से बिजनौर तक ‘लेडीज गैंग’ का जाल: जानिए क्या है पूरा मामला
बिजनौर (Target TV Live)। उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर स्थित चांदपुर में सर्राफा दुकान में हुई दुस्साहसिक चोरी का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने एक बेहद शातिर ‘लेडीज गैंग’ की पोल खोल दी है। यह गिरोह किसी आम चोरों का टोला नहीं, बल्कि दो-दो चमचमाती स्विफ्ट कारों में सवार होकर अंतरजनपदीय स्तर पर वारदातों को अंजाम देने वाला संगठित सिंडिकेट है।
मामले की शुरुआत 12 सितंबर 2026 को हुई, जब ग्राम रसूलपुर नंगला (थाना चांदपुर) निवासी सर्राफा व्यापारी दिनेश वर्मा (पुत्र रामेश्वर वर्मा) ने थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई। दिनेश वर्मा की दुकान में ग्राहक बनकर आईं कुछ अज्ञात महिलाओं ने नजरें बचाकर सोने के जेवरात पार कर दिए थे। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मु0अ0सं0 552/2026 धारा 303(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
चांदपुर पुलिस का बड़ा क्रैकडाउन: 2 गिरफ्तार, गाड़ियां और ज्वैलरी जब्त
मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित पुलिस टीम ने 18 सितंबर 2026 को घेराबंदी कर इस गैंग की दो मुख्य महिला आरोपियों को दबोच लिया।
सलाखों के पीछे पहुंचीं शातिर महिलाएं:
- जाहिदा उर्फ छोटी (पत्नी स्व. सलीम) – निवासी: मोहल्ला केला देहात, थाना विजय नगर, गाजियाबाद।
- आशिया (पत्नी शमशुद्दीन) – निवासी: मोहल्ला केला देहात, थाना विजय नगर, गाजियाबाद।
बरामदगी का विवरण:
- 3 जोड़ी सोने के कुंडल (पीली धातु)
- 4 जोड़ी चांदी के बिछवे (सफेद धातु)
- वारदात में प्रयुक्त 2 स्विफ्ट कारें:
UP14 DJ 9030(जाहिदा के कब्जे से)UP14 GB 9488(आशिया के कब्जे से)
गिरफ्तारी और माल बरामदगी के बाद मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की वृद्धि की गई है।
मोडस ऑपरेंडी (Modus Operandi): कैसे काम करता था यह लेडीज सिंडिकेट?
पुलिस पूछताछ में पकड़ी गई महिलाओं ने जो खुलासा किया, उसने सुरक्षा एजेंसियों के भी कान खड़े कर दिए हैं:
- कार ड्राइवर्स के साथ सफर: गाजियाबाद से दो कारों में सवार होकर महिलाएं और उनके पुरुष चालक निकलते थे।
- ग्राहक का भेष: सर्राफा दुकानों पर केवल महिलाएं ग्राहक बनकर जाती थीं ताकि किसी को शक न हो।
- ध्यान भटकाकर चोरी: दुकानदार को बातें में उलझाकर सेकंडों में जेवरात गायब कर दिए जाते थे।
- हिस्सेदारी का बंटवारा: वारदात के तुरंत बाद गिरोह के सभी सदस्य आपस में माल बांट लेते थे। रसूलपुर नगला कांड का माल भी सभी 7 सदस्यों में बंटा था, जिसमें से बचा हुआ हिस्सा बरामद हुआ है।
5 अन्य शातिर आरोपी फरार, पुलिस की कई टीमें दे रहीं दबिश
इस केस में गाजियाबाद के 5 अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए बिजनौर पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं:
- खातून (पत्नी रशीद, निवासी अर्थला, थाना साहिबाबाद, गाजियाबाद)
- आशमीन (पत्नी साजिद, निवासी केला देहात, गाजियाबाद)
- रुखसाना (पत्नी छलावा, निवासी केला देहात, गाजियाबाद)
- फरीद खां (ड्राइवर, कार नं. UP14 DJ 9030)
- भूरिया उर्फ जाकिर (ड्राइवर, कार नं. UP14 GB 9488)
सराहनीय कार्य करने वाली जांबाज पुलिस टीम
इस केस को सुलझाने में चांदपुर थाने की पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाई:
- उप-निरीक्षक: गजराज सिंह, शादाब
- कांस्टेबल: शैलेंद्र कांत (2487), अंकित चिकारा (1807), किशन कांत दुबे (2309), विनय कुमार (2291)
- महिला कांस्टेबल: पूजा (771), प्रीति (813)
Target TV Live ओपिनियन: सावधान रहें व्यापारी!
बढ़ते क्राइम ट्रेंड्स को देखें तो बाहरी जिलों से आकर ग्रामीण व छोटे कस्बाई बाजारों में चोरी करने वाले ऐसे गिरोह सक्रिय हैं। Target TV Live के माध्यम से अवनीश त्यागी की व्यापारियों से अपील है कि दुकान में संदिग्ध रूप से आने वाले समूहों पर नजर रखें, सीसीटीवी कैमरे चालू रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें।












