बिजनौर पुलिस का सबसे बड़ा दांव: फॉरेंसिक + जल पुलिस + खोजी कुत्ता मैरी, अब नहीं बचेगा नहीं, कोई राज!

बिजनौर (TargetTvLive)। कोतवाली शहर के जलालपुर काजी में 15 सितंबर को हुई सनसनीखेज घटना की गुत्थी सुलझाने के लिए बिजनौर पुलिस ने 16 सितंबर को अपनी पूरी ताकत झोंक दी। यह कोई आम तलाशी नहीं, बल्कि साक्ष्य संकलन का एक ‘मेगा वॉर-प्लान’ था, जिसकी गूंज गंगा के घाटों तक सुनाई दी।
ब्यूरो रिपोर्ट – अवनीश त्यागी
मैदान में उतरी पुलिस की ‘स्पेशल थ्री फोर्स’
पुलिस ने इस बार जांच को तीन अभेद्य चक्रों में बांटकर अपराधियों की नींद उड़ा दी है:
1. फॉरेंसिक की पैनी नजर: घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम ने एक-एक इंच को स्कैन किया। मिट्टी का हर कण, हर निशान अब वैज्ञानिक जांच की जद में है। पुलिस का स्पष्ट संदेश है – अब जुबानी नहीं, सबूत बोलेगा।
2. गंगा में उतरी जल पुलिस: सबसे अहम मोर्चा संभाला फ्लड कम्पनी पीएसी यानी जल पुलिस ने। आशंका है कि घटना से जुड़े अहम साक्ष्य गंगा किनारे या पानी में छिपाए गए हो सकते हैं। जवानों ने किनारे के झाड़-झंखाड़ और रेतीले इलाके को घंटों खंगाला।
3. गेम चेंजर ‘मैरी’: इस ऑपरेशन का ब्रह्मास्त्र साबित हुई जनपद संभल से विशेष तौर पर बुलाई गई डॉग स्क्वाड टीम की प्रशिक्षित खोजी कुत्ता ‘मैरी’। मैरी ने घटनास्थल से गंध उठाई और गंगा किनारे तक पुलिस को लीड किया। सूत्र बताते हैं कि मैरी की सक्रियता से पुलिस को कई नई दिशाएं मिली हैं।

अब आगे क्या? पुलिस का सीधा संदेश
थाना कोतवाली शहर पुलिस ने दो टूक कहा है – “साक्ष्य संकलन की कार्यवाही जारी है और हर कार्यवाही से मीडिया को अवगत कराया जाएगा।” यानी पुलिस पारदर्शिता के साथ हर कदम आगे बढ़ा रही है और जल्द ही इस ब्लाइंड केस से पर्दा उठ सकता है।
जिस तरह से वैज्ञानिक साक्ष्य, जल तलाशी और डॉग स्क्वाड को एक साथ लगाया गया है, उससे तय है कि बिजनौर पुलिस इस केस को जल्द से जल्द सुलझाकर जनता के सामने सच लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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