2027 से पहले बिजनौर में कांग्रेस का बड़ा संगठनात्मक दांव: संजीव आर्य का बूथ-बूथ जीतने का मंत्र, कार्यकर्ताओं को मिशन मोड का संदेश

बिजनौर में AICC सचिव संजीव आर्य के प्रथम आगमन पर कांग्रेस ने 2027 चुनाव की तैयारियों का संदेश दिया। बूथ मजबूत करने, संगठन को एकजुट करने और जनता के मुद्दों पर संघर्ष का आह्वान।
बिजनौर, 15 सितंबर 2026 | विशेष रिपोर्ट: अवनीश त्यागी
उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव की आहट तेज होने के बीच बिजनौर में कांग्रेस ने संगठन को जमीन पर मजबूत करने का संदेश दिया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सचिव एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सह-प्रभारी संजीव आर्य के प्रथम बिजनौर आगमन पर नागिना रोड स्थित आर.के. फार्म्स में आयोजित संवाद कार्यक्रम में जिलेभर से कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता जुटे।
कार्यक्रम में नारों और कार्यकर्ताओं के उत्साह के बीच सबसे ज्यादा जोर बूथ स्तर पर संगठन खड़ा करने और आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर चुनावी तैयारी में जुटने पर रहा।
संजीव आर्य का फोकस—अब संगठन गांव और बूथ तक
संजीव आर्य ने कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अभी से बूथ स्तर पर सक्रिय होने का आह्वान किया। उनका जोर इस बात पर रहा कि कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियां केवल जिला या विधानसभा स्तर तक सीमित न रहें, बल्कि गांव, मोहल्ले और प्रत्येक बूथ तक संगठन की सक्रिय मौजूदगी दिखाई दे।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर जनता के बीच जाने और स्थानीय मुद्दों को मजबूती से उठाने का आह्वान किया।
यानी कांग्रेस की रणनीति का संकेत साफ है—2027 की तैयारी चुनावी घोषणा के बाद नहीं, बल्कि संगठन की जमीनी मजबूती से शुरू की जाए।
राहुल गांधी के मुद्दों को जनता तक पहुंचाने पर जोर
कार्यक्रम में वक्ताओं ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संघर्ष और उनके द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों को जनता तक पहुंचाने की बात कही। महिलाओं, युवाओं, किसानों, मजदूरों और वंचित वर्गों से जुड़े सवालों को कांग्रेस की राजनीतिक लड़ाई का प्रमुख आधार बताया गया।
वक्ताओं ने संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा को कांग्रेस की प्राथमिकताओं से जोड़ा।
हैनरिता राजीव सिंह ने दिखाई संगठन की ताकत
जिला कांग्रेस अध्यक्ष हैनरिता राजीव सिंह के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में जिले के विभिन्न ब्लॉक और नगर क्षेत्रों से पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता पहुंचे।
उन्होंने संजीव आर्य का स्वागत करते हुए कार्यकर्ताओं का आभार जताया और कहा कि कांग्रेस जनता से जुड़े मुद्दों पर सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी। संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका देने पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम का संचालन जावेद अंसारी एवं हरिराज सिंह ने किया।
बिजनौर को लेकर कांग्रेस की रणनीति में क्या संकेत?
बिजनौर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सीटों वाला जिला है। यहां जातीय समीकरणों के साथ किसान, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय विकास जैसे मुद्दे चुनावी राजनीति को प्रभावित करते हैं।
ऐसे में कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी का जिले में पहुंचकर सीधे कार्यकर्ताओं से संवाद करना केवल स्वागत कार्यक्रम तक सीमित नहीं माना जा सकता। इसका एक महत्वपूर्ण संदेश संगठन को चुनाव से पहले सक्रिय करने के रूप में देखा जा सकता है।
हालांकि किसी कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ या कार्यकर्ताओं का उत्साह अपने आप में चुनावी वोट में बदलने की गारंटी नहीं होता। कांग्रेस के सामने असली चुनौती इस उत्साह को निरंतर बूथ गतिविधि, मतदाता संपर्क और मजबूत स्थानीय संगठन में बदलने की होगी।
2027 की राह में कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती
कांग्रेस के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चुनौती केवल चुनावी माहौल बनाने की नहीं, बल्कि लंबे समय तक जमीनी संगठन को सक्रिय रखने की भी है।
बिजनौर में संजीव आर्य का बूथ पर जोर इसी चुनौती का जवाब तलाशने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। यदि पार्टी कार्यकर्ताओं को लगातार सक्रिय रख पाती है और स्थानीय मुद्दों को प्रभावी ढंग से जनता तक ले जाती है, तो 2027 की चुनावी रणनीति में संगठनात्मक मजबूती उसके लिए महत्वपूर्ण आधार बन सकती है।
फिलहाल बिजनौर के इस कार्यक्रम ने एक बात जरूर स्पष्ट कर दी है—कांग्रेस 2027 के लिए संगठन को बूथ से खड़ा करने की तैयारी का संदेश दे रही है।
अब सवाल यह है कि कार्यक्रम के मंच से निकला यह जोश आने वाले महीनों में गांव, मोहल्ले और बूथ तक कितनी निरंतरता के साथ पहुंचता है।
Target TV Live विश्लेषण
बिजनौर में कांग्रेस का संदेश सिर्फ चुनावी नारे तक सीमित रहेगा या बूथ स्तर पर वास्तविक संगठनात्मक ताकत में बदलेगा—2027 की राजनीति में इसकी असली परीक्षा यही होगी।
विशेष रिपोर्ट: अवनीश त्यागी
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