SP Krishna Kumar ने सुनी जनता की फरियाद, अफसरों को दो टूक—शिकायतों के निस्तारण में न हो देरी
TargetTvLive के लिए अवनीश त्यागी की रिपोर्ट।
बिजनौर। जिले में आमजन की समस्याओं को लेकर पुलिस प्रशासन की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। शनिवार को पुलिस कार्यालय में एसपी कृष्ण कुमार ने जनसुनवाई कर फरियादियों की शिकायतें सुनीं। अलग-अलग मामलों को लेकर पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं और प्रार्थना पत्र पुलिस अधीक्षक के समक्ष रखे। एसपी ने शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए।
फरियाद लेकर पहुंचे लोगों को एसपी ने सुना, अधिकारियों को निर्देश
जनसुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार ने एक-एक कर फरियादियों की बात सुनी और उनके प्रार्थना पत्रों का गंभीरता से परीक्षण किया। शिकायतों की प्रकृति के अनुसार संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया।
एसपी ने स्पष्ट किया कि जनता की शिकायतों का निस्तारण महज औपचारिकता नहीं, बल्कि पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। शिकायतों को लंबित रखने के बजाय नियमानुसार समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सिर्फ कार्रवाई नहीं, शिकायत के नतीजे पर भी नजर
जनसुनवाई में सामने आए मामलों को संबंधित अधिकारियों तक भेजने के साथ ही उनके निस्तारण की जिम्मेदारी भी तय होना महत्वपूर्ण है। एसपी के निर्देशों से स्पष्ट है कि शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई की प्रक्रिया को गंभीरता से लिया जाएगा।
इस व्यवस्था का सीधा असर उन फरियादियों पर पड़ सकता है, जिन्हें अपनी शिकायत के समाधान के लिए बार-बार पुलिस कार्यालय या थाने के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
एसपी का सीधा फोकस—जनता को मिले त्वरित राहत
पुलिस अधीक्षक द्वारा जनसुनवाई में शिकायतों को गंभीरता से सुना जाना पुलिस और आमजन के बीच सीधे संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। इससे फरियादियों को अपनी बात वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तक पहुंचाने का अवसर मिलता है।
खास बात यह है कि जनसुनवाई के दौरान एसपी ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के निर्देश दिए। अब इन निर्देशों का असर शिकायतों के जमीनी निस्तारण में दिखाई देना अहम होगा।
जनसुनवाई बनी जनता और पुलिस के बीच सीधा संवाद
किसी भी जिले में पुलिस व्यवस्था के प्रति जनता का भरोसा केवल अपराध नियंत्रण से नहीं, बल्कि शिकायतों पर होने वाली कार्रवाई से भी तय होता है। ऐसे में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की नियमित जनसुनवाई आम नागरिकों के लिए अपनी समस्या सीधे उच्च अधिकारी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण मंच बनती है।
29 अगस्त की जनसुनवाई में भी यही तस्वीर सामने आई, जहां फरियादियों की समस्याओं को सुना गया और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया।
अब नजर कार्रवाई की रफ्तार पर
जनसुनवाई के बाद सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि जिन शिकायतों पर अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं, उनका निस्तारण कितनी तेजी और कितनी प्रभावी तरीके से होता है। यदि शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया समयबद्ध रहती है तो इससे आमजन का पुलिस प्रशासन पर भरोसा और मजबूत होगा।












