बिजनौर में अपराधियों पर कसेगा शिकंजा! एसपी कृष्ण कुमार ने अफसरों को दिया सख्त संदेश, लंबित विवेचनाओं पर भी एक्शन
बिजनौर। जनपद में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने तथा अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार ने पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करने का स्पष्ट संदेश दिया है। 26 अगस्त 2026 को पुलिस लाइन स्थित सभागार में आयोजित मासिक अपराध गोष्ठी में एसपी ने जनपद की अपराध स्थिति और कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अपराध नियंत्रण से लेकर लंबित विवेचनाओं और वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी तक पर गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए।
TargetTvLive के लिए अवनीश त्यागी की रिपोर्ट
अपराध पर नियंत्रण ही नहीं, नतीजे भी चाहिए
मासिक अपराध गोष्ठी में पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी और सक्रिय पुलिसिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसका सीधा संदेश है कि पुलिस की प्राथमिकता केवल घटनाओं के बाद कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि अपराध की रोकथाम के लिए थाना और क्षेत्र स्तर पर लगातार सक्रियता दिखाई दे।
कानून-व्यवस्था मजबूत रखने के लिए पुलिस की मौजूदगी, सूचना तंत्र की सक्रियता और अपराधियों पर लगातार निगरानी को अहम माना जाता है। ऐसे में एसपी की ओर से प्रभावी पुलिसिंग पर दिया गया जोर फील्ड स्तर पर पुलिस की सक्रियता बढ़ाने वाला कदम है।
लंबित विवेचनाओं पर एसपी की सीधी नजर
बैठक में लंबित विवेचनाओं के त्वरित निस्तारण को विशेष प्राथमिकता दी गई। किसी मामले की विवेचना लंबे समय तक लंबित रहना पीड़ित के लिए न्याय की राह को लंबा करता है। इसलिए विवेचनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं।
एसपी ने संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों की गंभीरता से समीक्षा कर उनके शीघ्र निस्तारण की दिशा में कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी पर फोकस
अपराध नियंत्रण की रणनीति में फरार और वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी महत्वपूर्ण होती है। गोष्ठी में वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इससे साफ है कि पुलिस प्रशासन अपराध के मामलों में कार्रवाई के साथ-साथ उन आरोपियों तक पहुंचने पर भी जोर दे रहा है, जो कानून की पकड़ से बाहर हैं।
थाना स्तर की पुलिसिंग होगी अहम कसौटी
गोष्ठी में दिए गए निर्देशों की असली परीक्षा अब फील्ड में होगी। अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था की मजबूती का असर तभी दिखाई देगा, जब थाना स्तर पर इन निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
अपराध पर अंकुश, विवेचनाओं का समयबद्ध निस्तारण और वांछितों की गिरफ्तारी—ये तीनों बिंदु पुलिस की कार्यप्रणाली और जनता के बीच पुलिस के भरोसे से सीधे जुड़े हैं।
एसपी का संदेश साफ—ढिलाई नहीं, प्रभावी कार्रवाई
मासिक अपराध गोष्ठी में सामने आई प्राथमिकताओं से यह संकेत मिलता है कि पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार अपराध नियंत्रण को केवल आंकड़ों की समीक्षा तक सीमित रखने के बजाय जमीनी स्तर पर परिणाम देने वाली पुलिसिंग पर जोर दे रहे हैं।
अब निगाह इस बात पर रहेगी कि बैठक में दिए गए निर्देशों का कितना प्रभाव थाना और चौकी स्तर पर दिखाई देता है और लंबित विवेचनाओं तथा वांछित अभियुक्तों के मामलों में पुलिस कितनी तेजी से आगे बढ़ती है।
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive












