बिजनौर को मिला नया पुलिस कप्तान: संभल की संवेदनशील कमान संभाल चुके कृष्ण कुमार बिश्नोई पर अब जिले की सुरक्षा की जिम्मेदारी
बिजनौर। उत्तर प्रदेश शासन ने देर रात आईपीएस अधिकारियों के तबादलों की सूची जारी करते हुए बिजनौर की पुलिस कमान में बड़ा बदलाव किया है। बिजनौर के पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा का तबादला गोंडा कर दिया गया है, जबकि संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई को बिजनौर का नया पुलिस कप्तान बनाया गया है। नए पुलिस अधीक्षक के सामने कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने, अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने की बड़ी चुनौती होगी।
संवेदनशील संभल के बाद अब बिजनौर की कमान
कृष्ण कुमार बिश्नोई वर्ष 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। संभल जैसे संवेदनशील जिले में लंबे समय तक पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी संभालने के बाद अब उन्हें बिजनौर भेजा गया है। उनके कार्यकाल का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह रहा कि उन्हें संवेदनशील कानून-व्यवस्था से जुड़ी परिस्थितियों में पुलिस नेतृत्व करने का अनुभव मिला।
नवंबर 2024 में संभल की शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान उत्पन्न हिंसक परिस्थितियां उनके कार्यकाल की सबसे चुनौतीपूर्ण घटनाओं में शामिल रहीं। ऐसी परिस्थितियों में पुलिस बल के साथ मौके पर नेतृत्व करने और कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करने की उनकी भूमिका चर्चा में रही।
यही अनुभव अब बिजनौर में उनके लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बिजनौर भौगोलिक और सामाजिक दृष्टि से विविधता वाला जिला है, जहां ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर नगरों तक कानून-व्यवस्था की अपनी अलग चुनौतियां हैं।
पढ़ाई भी अलग, पुलिसिंग का अनुभव भी व्यापक
कृष्ण कुमार बिश्नोई की शैक्षिक पृष्ठभूमि भी उल्लेखनीय है। उपलब्ध आधिकारिक विवरण के अनुसार उन्होंने राजनीति विज्ञान एवं अर्थशास्त्र में स्नातक, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा में परास्नातक तथा चीनी अध्ययन में एमफिल किया है। उनके बारे में उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज में शिक्षा प्राप्त की और विदेश में भी अध्ययन किया।
पुलिस सेवा में आने के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में जिम्मेदारियां संभालीं। गोरखपुर में नगर पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न पदों पर काम करने के बाद उन्हें संभल जैसे संवेदनशील जिले की कमान मिली।
उनकी शैक्षिक पृष्ठभूमि और विभिन्न क्षेत्रों में काम करने का अनुभव प्रशासनिक एवं कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों को व्यापक दृष्टिकोण से समझने में मददगार माना जाता है।
सेवा में कई सम्मान भी हासिल किए
कृष्ण कुमार बिश्नोई को पुलिस सेवा के दौरान कई महत्वपूर्ण प्रशस्तियां और सम्मान मिल चुके हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस के आधिकारिक रिकॉर्ड में उनके नाम डीजीपी कमेंडेशन डिस्क सिल्वर, गोल्ड और प्लैटिनम तथा मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक जैसे सम्मान दर्ज हैं।
लगातार मिलने वाले इन सम्मानों से उनके सेवा रिकॉर्ड और पुलिसिंग में प्रदर्शन का अंदाजा लगाया जा सकता है।
अपराधियों पर शिकंजा और संवेदनशील पुलिसिंग—दोनों की चुनौती
नए एसपी के सामने बिजनौर में सबसे बड़ी चुनौती अपराध नियंत्रण के साथ-साथ प्रभावी और भरोसेमंद पुलिसिंग स्थापित करने की होगी।
जिले में साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, नशे से जुड़े अपराध, चोरी-लूट की घटनाओं पर नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता जैसे मुद्दे पुलिस के लिए महत्वपूर्ण हैं।
इसके अलावा बिजनौर की सीमा कई जिलों से जुड़ी होने के कारण अंतरजनपदीय अपराध और अपराधियों की आवाजाही पर प्रभावी निगरानी भी पुलिस के लिए अहम रहेगी।
ऐसे में नए पुलिस कप्तान की प्राथमिकताओं में केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई ही नहीं, बल्कि अपराध की रोकथाम, खुफिया तंत्र को मजबूत करना और बीट पुलिसिंग को प्रभावी बनाना भी शामिल रहने की उम्मीद है।
अभिषेक झा के कार्यकाल के बाद नई पारी
बिजनौर के मौजूदा एसपी अभिषेक झा का तबादला गोंडा कर दिया गया है। उनके कार्यकाल में जिले में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस स्तर पर कई अभियान और कार्रवाई की गईं।
अब उनके स्थान पर कृष्ण कुमार बिश्नोई को जिम्मेदारी मिलने के बाद बिजनौर पुलिस की कार्यशैली में नई प्राथमिकताओं और नई रणनीति की उम्मीद की जा रही है।
गुलदार से लेकर साइबर अपराध तक—कई मोर्चे होंगे सामने
बिजनौर में पुलिस की चुनौती केवल पारंपरिक अपराधों तक सीमित नहीं है। ग्रामीण इलाकों में गुलदार के हमलों से पैदा होने वाली कानून-व्यवस्था की स्थिति, साइबर ठगी, सोशल मीडिया से जुड़े विवाद, महिला अपराध और युवाओं से जुड़े अपराध भी पुलिस के सामने अलग-अलग प्रकार की चुनौतियां पेश करते हैं।
इसके साथ ही धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, वीआईपी कार्यक्रमों की सुरक्षा और त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना भी नए पुलिस कप्तान की प्राथमिक जिम्मेदारियों में रहेगा।
अब निगाहें नई पुलिसिंग पर
कृष्ण कुमार बिश्नोई को ऐसे समय में बिजनौर की कमान मिली है, जब जिले में जनता पुलिस से त्वरित कार्रवाई, निष्पक्षता और अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख की अपेक्षा करती है।
संभल में संवेदनशील परिस्थितियों का सामना कर चुके बिश्नोई के अनुभव की असली परीक्षा अब बिजनौर में होगी। देखना होगा कि वह अपराध नियंत्रण की सख्ती और जनसरोकार वाली पुलिसिंग के बीच किस तरह संतुलन स्थापित करते हैं।
बिजनौर पुलिस महकमे में नए कप्तान के आगमन के साथ अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या नई कमान अपराधियों पर और कड़ा शिकंजा कसने के साथ आम नागरिकों के बीच पुलिस के भरोसे को भी और मजबूत कर पाएगी?
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी












