बिजनौर के किसानों के लिए बड़ा मौका: कल खुलेगा कृषि यंत्रों पर अनुदान का रास्ता, ई-लॉटरी से होगा लाभार्थियों का चयन
TargetTvLive | अवनीश त्यागी
बिजनौर, 20 अगस्त 2026
21 अगस्त को सुबह 11 बजे विदुर सभागार में होगी ई-लॉटरी; 10 हजार रुपये से अधिक अनुदान वाले कृषि यंत्रों के लिए बुकिंग कराने वाले किसानों का चयन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में होगा
बिजनौर। खेती को आधुनिक बनाने और किसानों की लागत कम करने की दिशा में कृषि विभाग की अनुदान योजना अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। कृषि यंत्रों पर अनुदान पाने के लिए बुकिंग कराने वाले किसानों के चयन का फैसला 21 अगस्त को ई-लॉटरी से होगा। चयन प्रक्रिया जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कार्यकारी समिति के सामने कराई जाएगी।
कृषि विभाग के इस कदम से उन किसानों की उम्मीदें बढ़ गई हैं, जिन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 में आधुनिक कृषि यंत्रों पर अनुदान पाने के लिए आवेदन किया है। विभाग के मुताबिक 16 जुलाई से 10 अगस्त 2026 तक बुकिंग प्रक्रिया चली थी। अब 10 हजार रुपये से अधिक अनुदान वाले कृषि यंत्रों के लिए पात्र किसानों का चयन ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।
कल सुबह 11 बजे तय होगी किसानों की किस्मत
उप कृषि निदेशक बिजनौर डॉ. घनश्याम वर्मा के अनुसार ई-लॉटरी 21 अगस्त 2026 को सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विदुर सभागार कक्ष, बिजनौर में होगी।
यह प्रक्रिया जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कार्यकारी समिति के समक्ष संपन्न होगी। इससे चयन प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुसार पारदर्शी तरीके से पूरा करने की व्यवस्था की गई है।
इन योजनाओं में किसानों ने कराया आवेदन
ई-लॉटरी के माध्यम से चयन विभिन्न कृषि योजनाओं के तहत होगा। इनमें प्रमुख रूप से—
• सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन
• प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फॉर इन-सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेजिड्यू
• त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम
• एनएफएसएनएम
• फसल विविधीकरण कार्यक्रम (सीडीपी)
शामिल हैं।
इन योजनाओं का व्यापक उद्देश्य किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीक और मशीनरी पहुंचाना, कृषि कार्यों को कम समय में पूरा कराना तथा फसल अवशेष प्रबंधन को प्रभावी बनाना है।
ई-लॉटरी में चयन के बाद भी पूरी करनी होगी प्रक्रिया
किसानों के लिए यह समझना जरूरी है कि ई-लॉटरी में चयन होने के बाद प्रक्रिया समाप्त नहीं होगी। चयनित किसानों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए चयन की सूचना दी जाएगी। साथ ही कृषि यंत्र खरीदने और उसका बिल विभागीय पोर्टल पर अपलोड करने की अंतिम तिथि की जानकारी भी दी जाएगी।
यानी चयन के बाद निर्धारित समयसीमा का पालन करना लाभार्थी किसान की जिम्मेदारी होगी।
समयसीमा चूकी तो चयन रद्द, टोकन मनी भी नहीं लौटेगी
कृषि विभाग ने चयनित किसानों के लिए महत्वपूर्ण शर्त भी स्पष्ट कर दी है। यदि लक्ष्य की सीमा में चयनित किसान निर्धारित अवधि में कृषि यंत्र नहीं खरीदता है तो उसका चयन स्वतः निरस्त हो जाएगा।
इतना ही नहीं, ऐसी स्थिति में जमा की गई टोकन मनी भी वापस नहीं की जाएगी। इसलिए ई-लॉटरी में चयन के बाद किसानों को विभागीय निर्देशों पर तत्काल अमल करना होगा।
ई-लॉटरी में नाम नहीं आया तो जमानत राशि होगी वापस
जिन किसानों का ई-लॉटरी में चयन नहीं होगा, उन्हें अपनी जमानत राशि को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। विभाग के अनुसार चयनित न होने वाले किसानों की जमानत धनराशि उनके विभागीय पंजीकरण में दर्ज बैंक खाते में कृषि निदेशालय स्तर से वापस की जाएगी।
यह व्यवस्था उन किसानों के लिए राहत वाली है, जो चयन प्रक्रिया में सफल नहीं हो पाएंगे।
अनुदान संख्या-11 और 83 वाले किसान जरूर पहुंचें
कृषि विभाग ने विशेष रूप से उन किसानों से ई-लॉटरी प्रक्रिया में प्रतिभाग करने की अपील की है, जिन्होंने संबंधित योजनाओं के तहत कृषि यंत्र अनुदान संख्या-11 एवं 83 के लिए बुकिंग कराई है।
ऐसे किसान 21 अगस्त को सुबह 11 बजे विदुर सभागार, कलेक्ट्रेट परिसर बिजनौर में आयोजित ई-लॉटरी प्रक्रिया में जिला स्तरीय समिति के समक्ष प्रतिभाग कर सकते हैं।
विश्लेषण: ई-लॉटरी सिर्फ चयन नहीं, आधुनिक खेती की दिशा में अगला कदम
बिजनौर की अर्थव्यवस्था में खेती की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में कृषि यंत्रों पर अनुदान की योजनाएं किसानों के लिए महज आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि खेती की लागत और श्रम दोनों को कम करने का जरिया बन सकती हैं।
आधुनिक मशीनों की मदद से खेत तैयार करने से लेकर फसल प्रबंधन और अवशेष निस्तारण तक कई कार्य कम समय और अपेक्षाकृत कम श्रम में किए जा सकते हैं। खासकर फसल अवशेष प्रबंधन से जुड़ी मशीनरी का इस्तेमाल पर्यावरणीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
लेकिन इस पूरी व्यवस्था की सफलता का पैमाना केवल ई-लॉटरी में चयन नहीं होगा। चयनित किसानों को समय पर मशीन मिले, अनुदान की प्रक्रिया सरल रहे और किसान को अनावश्यक विभागीय चक्कर न लगाने पड़ें—यही इस योजना की वास्तविक सफलता होगी।
21 अगस्त की ई-लॉटरी इसलिए भी अहम है क्योंकि इसके बाद तस्वीर साफ हो जाएगी कि अनुदान की कतार में शामिल किसानों में किन्हें कृषि यंत्रों का लाभ मिलने जा रहा है।
किसानों के लिए जरूरी तारीख
तारीख: 21 अगस्त 2026। समय: सुबह 11 बजे
स्थान: विदुर सभागार कक्ष, कलेक्ट्रेट परिसर, बिजनौर
प्रक्रिया: कृषि यंत्रों के लिए ई-लॉटरी
संबंधित किसान: अनुदान संख्या-11 एवं 83 के लिए बुकिंग कराने वाले किसान
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी
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