बिजनौर के बहुचर्चित प्रबल हत्याकांड में बड़ा फैसला, 13 साल बाद 7 आरोपी दोषी करार
बिजनौर | डिजिटल डेस्क l अवनीश त्यागी
करीब 13 वर्ष पहले बिजनौर नगर के एक बैंक्वेट हॉल में आयोजित अग्रसेन जयंती कार्यक्रम के दौरान हुई युवक प्रबल की हत्या के मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट-द्वितीय के न्यायाधीश शाहजाद अली ने मामले में सात आरोपियों को दोषी करार दिया है। अब अदालत दोषियों को मिलने वाली सजा पर 31 जुलाई को सुनवाई करेगी।
इस फैसले के साथ एक दशक से अधिक समय से लंबित इस बहुचर्चित हत्याकांड में पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार वर्ष 2013 में नगर के एक बैंक्वेट हॉल में अग्रसेन जयंती समारोह आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और युवक प्रबल पर जानलेवा हमला कर दिया गया। गंभीर रूप से घायल प्रबल की बाद में मृत्यु हो गई थी।
घटना के बाद यह मामला पूरे जनपद में चर्चा का विषय बन गया था। लंबे समय तक चली पुलिस विवेचना, गवाहों के बयान और न्यायिक प्रक्रिया के बाद अब अदालत ने आरोपियों को दोषी माना है।
किन आरोपियों को अदालत ने दोषी ठहराया?
फास्ट ट्रैक कोर्ट-द्वितीय ने निम्नलिखित सात आरोपियों को दोषी करार दिया है—
- संजय गुप्ता (एडवोकेट)
- विनय अग्रवाल
- अपूर्व अग्रवाल
- निखिल अग्रवाल
- अनुज अग्रवाल
- राहुल गुप्ता
- आशीष उर्फ आशु
अदालत ने दोष सिद्ध होने के बाद सभी आरोपियों की सजा निर्धारित करने के लिए 31 जुलाई की तारीख तय की है।
13 साल की न्यायिक प्रक्रिया
यह मामला उन चर्चित मुकदमों में शामिल रहा, जिनमें न्यायिक प्रक्रिया लंबी चली। हत्या जैसे गंभीर मामलों में साक्ष्यों का परीक्षण, गवाहों की जिरह और विभिन्न कानूनी पहलुओं के कारण मुकदमे के निस्तारण में वर्षों लग जाते हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि दोष सिद्ध होना किसी भी आपराधिक मुकदमे का सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है। अब अदालत आरोपियों की भूमिका, अपराध की प्रकृति और अन्य कानूनी बिंदुओं के आधार पर सजा का निर्धारण करेगी।
क्या हो सकती है सजा?
भारतीय न्याय संहिता (या अपराध के समय लागू भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों) के तहत हत्या के मामलों में दोष सिद्ध होने पर अदालत आजीवन कारावास से लेकर परिस्थितियों के आधार पर कठोर दंड निर्धारित कर सकती है। हालांकि, अंतिम सजा का निर्धारण अदालत द्वारा सुनवाई के बाद ही किया जाएगा।
क्यों अहम है यह फैसला?
- 13 वर्ष पुराने बहुचर्चित मामले में दोष सिद्ध।
- सात आरोपियों को अदालत ने दोषी माना।
- लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे पक्ष के लिए महत्वपूर्ण निर्णय।
- 31 जुलाई को सजा का ऐलान होने की संभावना।
- जिले में चर्चित आपराधिक मामलों में न्यायिक प्रक्रिया की मिसाल।
टाइमलाइन: प्रबल हत्याकांड
| वर्ष | घटनाक्रम |
|---|---|
| 2013 | अग्रसेन जयंती कार्यक्रम के दौरान हत्या |
| 2013 | मुकदमा दर्ज और जांच शुरू |
| 2013-2026 | न्यायालय में सुनवाई जारी |
| जुलाई 2026 | सात आरोपी दोषी करार |
| 31 जुलाई 2026 | सजा पर सुनवाई प्रस्तावित |
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | डिजिटल डेस्क
TargetTvLive












