DM का बड़ा अल्टीमेटम! गंगा में गंदगी फैलाने वालों की अब खैर नहीं, प्रदूषण फैलाया तो भरना होगा भारी जुर्माना

बिजनौर | TargetTvLive | अवनीश त्यागी
बिजनौर में अब गंगा की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने साफ शब्दों में कहा है कि गंगा और अन्य नदियों को गंदा करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ चालान और जुर्माने की कार्रवाई तेज होगी, जबकि अस्पतालों को बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए नई व्यवस्था का पालन करना होगा।
मंगलवार शाम कलेक्ट्रेट सभागार में जिला गंगा समिति, जिला पर्यावरण समिति और जिला वृक्षारोपण समिति की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को एक्शन मोड में काम करने के निर्देश दिए। बैठक में लिए गए फैसले सीधे तौर पर जनपद के पर्यावरण, स्वास्थ्य और हरियाली से जुड़े हुए हैं।
गंगा को गंदा किया तो होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि गंगा समेत जनपद की सभी नदियों में गंदे पानी और कचरे के प्रवाह को हर हाल में रोका जाए। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और जिम्मेदारी तय करते हुए प्रभावी कार्रवाई करें।
उन्होंने घाटों की नियमित सफाई कराने और लोगों को गंगा स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने के भी निर्देश दिए।
प्रदूषण फैलाने वालों पर चलेगा प्रशासन का डंडा
बैठक में वायु प्रदूषण को लेकर भी जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ अधिक चालान किए जाएं और आर्थिक दंड की कार्रवाई को और तेज किया जाए।
प्रशासन का मानना है कि पर्यावरण के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख्ती ही प्रदूषण को नियंत्रित करने का सबसे प्रभावी तरीका है।
अस्पतालों के लिए नया नियम, बारकोड के बिना नहीं होगा बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण
जिले के अस्पतालों, क्लीनिकों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को अब बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए बारकोड प्रणाली अपनानी होगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में शत-प्रतिशत बारकोडिंग सुनिश्चित की जाए और उसी के आधार पर चिकित्सा अपशिष्ट का सुरक्षित निस्तारण कराया जाए।
उन्होंने कहा कि बायो मेडिकल वेस्ट के संग्रहण, पृथक्करण और निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पौधे लगाने के साथ उनकी सुरक्षा भी होगी तय
वृक्षारोपण महाअभियान की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका जीवित रहना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। इसके लिए सभी लगाए गए पौधों की शत-प्रतिशत जियो-टैगिंग कराई जाएगी।
उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि पौधों की नियमित सिंचाई, सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित की जाए, ताकि आने वाले वर्षों में ये पौधे जिले की हरियाली को मजबूत बना सकें।
एक नजर में बैठक के बड़े फैसले
- गंगा और अन्य नदियों में गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
- घाटों की नियमित सफाई और जनजागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
- प्रदूषण नियंत्रण नियमों का उल्लंघन करने वालों पर चालान और जुर्माने की कार्रवाई बढ़ेगी।
- सभी अस्पतालों में बायो मेडिकल वेस्ट की शत-प्रतिशत बारकोडिंग अनिवार्य होगी।
- वृक्षारोपण महाअभियान के सभी पौधों की जियो-टैगिंग कराई जाएगी।
- पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और देखभाल की नियमित निगरानी होगी।
TargetTvLive विश्लेषण
बिजनौर प्रशासन का यह कदम केवल एक सरकारी बैठक नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक स्पष्ट संदेश है। गंगा की स्वच्छता, प्रदूषण पर सख्ती और वृक्षारोपण की डिजिटल निगरानी से यह साफ है कि अब विभागों की जवाबदेही भी तय होगी। यदि इन निर्देशों को जमीनी स्तर पर पूरी गंभीरता से लागू किया गया, तो बिजनौर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में प्रदेश के अग्रणी जनपदों में शामिल हो सकता है।
रिपोर्ट : अवनीश त्यागी
TargetTvLive “सच के साथ, सबसे आगे”
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