“21 जुलाई को बिजनौर कलेक्ट्रेट में किसानों का महासंग्राम! सुनील प्रधान का ऐलान- ‘हक लेकर ही लौटेंगे’, समस्याओं के समाधान तक चलेगा अनिश्चितकालीन धरना”
गांव-गांव पहुंचकर किसानों को किया लामबंद, गन्ना भुगतान, किसानों पर मुकदमे और बिजली के बढ़े लोड समेत कई मुद्दों पर आर-पार की लड़ाई का एलान
बिजनौर | TargetTvLive | अवनीश त्यागी
21 जुलाई को बिजनौर कलेक्ट्रेट किसानों की आवाज से गूंजने वाला है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने किसानों की समस्याओं को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। संगठन के जिला अध्यक्ष सुनील प्रधान ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो कलेक्ट्रेट में शुरू होने वाला धरना अनिश्चितकालीन होगा और तब तक जारी रहेगा, जब तक किसानों को उनका हक नहीं मिल जाता।
महापंचायत को ऐतिहासिक बनाने के लिए सुनील प्रधान ने रविवार को दर्जनों गांवों का दौरा कर किसानों से सीधा संवाद किया और उन्हें 21 जुलाई को बड़ी संख्या में बिजनौर कलेक्ट्रेट पहुंचने का आह्वान किया।
गांव-गांव पहुंची किसान आंदोलन की आवाज
सुनील प्रधान ने झल्लू, गंगोढ़ा, रतनपुर, निजामपुर, मीरपुर, दुर्गापुर, नांगली, शेखपुरा, शंभूवाला और फतेहपुर असल समेत कई गांवों में पहुंचकर किसानों की समस्याओं को सुना और उन्हें महापंचायत में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल एक संगठन का नहीं, बल्कि हर उस किसान की लड़ाई है जो अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है।
“जब तक किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक हमारा धरना खत्म नहीं होगा। किसान अब अपने अधिकार लेकर ही वापस लौटेगा।” — सुनील प्रधान, जिला अध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन
इन बड़े मुद्दों पर घिरेगा प्रशासन
21 जुलाई की महापंचायत में किसानों से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए जाएंगे, जिनमें प्रमुख हैं—
- भिलाई चीनी मिल द्वारा किसानों के बकाया गन्ना भुगतान का मामला।
- किसानों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग।
- बिजली विभाग द्वारा कृषि कनेक्शनों का लोड बढ़ाकर किसानों पर बढ़ रहे आर्थिक बोझ का मुद्दा।
- किसानों के हितों से जुड़े व्यापारिक एवं नीतिगत मामलों का समाधान।
- स्थानीय स्तर पर किसानों को आ रही विभिन्न समस्याओं का स्थायी समाधान।
क्या प्रशासन सुनेगा किसानों की आवाज?
भारतीय किसान यूनियन की ओर से गांव-गांव चलाया जा रहा जनसंपर्क अभियान यह संकेत दे रहा है कि इस बार महापंचायत में बड़ी संख्या में किसानों की भागीदारी देखने को मिल सकती है। यदि धरना अनिश्चितकालीन होता है तो प्रशासन के सामने किसानों की समस्याओं के समाधान को लेकर बड़ा दबाव बन सकता है।
गन्ना भुगतान, बिजली और किसानों पर दर्ज मुकदमों जैसे मुद्दे लंबे समय से किसानों की नाराजगी का कारण बने हुए हैं। ऐसे में 21 जुलाई की महापंचायत जिले की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
TargetTvLive विश्लेषण
यह महापंचायत केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि किसानों के धैर्य और संघर्ष की अग्निपरीक्षा भी है। यदि बड़ी संख्या में किसान कलेक्ट्रेट पहुंचते हैं तो यह आंदोलन प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन किसानों की मांगों को कितनी गंभीरता से लेता है या फिर आंदोलन लंबा खिंचता है।
फिलहाल, भारतीय किसान यूनियन ने अपना संदेश स्पष्ट कर दिया है—“समस्याओं का समाधान नहीं, तो धरना समाप्त नहीं।”
इस दौरान तहसील अध्यक्ष कोमन सिंह, जितेंद्र सिंह, विनीत चौधरी, मोनू प्रधान, रजनीश अहलावत, गौरव जंघाला, मुकेश जंघाला, अरुण कुमार और रवि शेखर तोमर सहित अनेक किसान नेता मौजूद रहे।
Tags
#TargetTvLive #BijnorNews #BKU #SunilPradhan #KisanMahapanchayat #FarmersProtest #SugarcanePayment #BijnorCollectorate #UPNews #AvnishTyagi #BreakingNews #GoogleDiscover #TrendingNews #FarmersVoice #Bijnor












