“राजस्व वसूली में ढिलाई बर्दाश्त नहीं” – DM जसजीत कौर की सख्ती, कमजोर विभागों पर कसा शिकंजा
5 साल पुराने मामलों तक निपटाने के आदेश, बड़े बकायादारों की सूची बनाकर होगी ताबड़तोड़ वसूली
बिजनौर | 24 अप्रैल 2026 | रिपोर्ट: अवनीश त्यागी, TargetTvLive
बिजनौर में प्रशासनिक मशीनरी को तेज रफ्तार देने के लिए जिलाधिकारी जसजीत कौर ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित मासिक स्टाफ समीक्षा और कर एवं करेत्तर राजस्व बैठक में डीएम ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि राजस्व वसूली में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजस्व कार्यों में देरी पर जीरो टॉलरेंस
बैठक के दौरान डीएम ने सभी उपजिलाधिकारी और तहसीलदारों को निर्देशित किया कि:
- कोई भी राजस्व प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए
- सभी मामलों का गुणवत्ता के साथ समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए
- आपसी समन्वय से काम करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप परिणाम दिए जाएं
👉 उन्होंने स्पष्ट किया कि अब काम में सुस्ती सीधे जवाबदेही तय करेगी।
इन विभागों की खराब प्रगति पर DM नाराज
समीक्षा के दौरान कई अहम विभाग लक्ष्य से पीछे पाए गए, जिनमें शामिल हैं:
- वाणिज्य कर विभाग
- परिवहन विभाग
- विद्युत विभाग
- खनन विभाग
- बाट-माप विभाग
डीएम ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को निर्देश दिया कि: 👉 सभी विभागों से टाइमलाइन आधारित कार्ययोजना तैयार करवाई जाए
👉 प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जाए
बड़े बकायादारों पर चलेगा विशेष अभियान
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि:
- बैंकों के सहयोग से जिले के टॉप बकायादारों की सूची तैयार की जाए
- उनके खिलाफ तेज वसूली अभियान चलाया जाए
👉 संकेत साफ है—अब बड़े डिफॉल्टर प्रशासन के रडार पर हैं।
5 और 3 साल पुराने मामलों का होगा प्राथमिकता से निस्तारण
डीएम ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि:
- 5 वर्ष और 3 वर्ष से अधिक पुराने वादों को प्राथमिकता पर निपटाया जाए
- कोई भी मामला अनावश्यक रूप से लंबित न रहने पाए
👉 इससे राजस्व न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
ऑडिट और आरसी मामलों पर भी सख्ती
बैठक में लंबित ऑडिट प्रकरणों और आरसी (Recovery Certificate) मामलों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए:
- सभी विभाग अपने देयकों का मिलान करें
- राजस्व संग्रह विभाग के साथ समन्वय बनाकर वसूली में तेजी लाएं
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन अंशिका दीक्षित, एडीएम वित्त एवं राजस्व वान्या सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट स्मृति मिश्रा सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार और राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
विश्लेषण: क्या बदलेंगे हालात?
डीएम जसजीत कौर की यह सख्ती साफ संकेत देती है कि:
- बिजनौर में राजस्व प्रशासन को रफ्तार देने की ठोस रणनीति तैयार हो चुकी है
- कमजोर विभागों की जवाबदेही तय होगी
- बड़े बकायादारों पर कार्रवाई से राजस्व में बड़ी बढ़ोतरी संभव
👉 अगर निर्देशों का सख्ती से पालन हुआ, तो आने वाले महीनों में जिले की राजस्व वसूली और प्रशासनिक प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है।
#BijnorNews #DMAction #RevenueRecovery #UPNews #AdministrativeAction #TargetTvLive #AvnishTyagi #BreakingNews #Governance #UPAdministration












