बिजनौर में बसपा का दमदार शक्ति प्रदर्शन: 2027 के लिए बजा बिगुल, मायावती को फिर CM बनाने का संकल्प
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रिपोर्ट। देव कुमार। TargetTvLive
बिजनौर से बड़ी राजनीतिक खबर
उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपनी मौजूदगी का जोरदार अहसास कराया है। रविवार को बिजनौर स्थित पार्टी कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम ने न सिर्फ कार्यकर्ताओं की ताकत दिखाई, बल्कि 2027 विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की रणनीतिक सक्रियता का भी स्पष्ट संकेत दे दिया।
नए कोऑर्डिनेटरों के स्वागत में उमड़ा जनसैलाब
मुरादाबाद मंडल के नए कोऑर्डिनेटर बनाए गए बीपी सिंह उर्फ बीपी भाई और डॉ. रोनी भाई के स्वागत में हजारों कार्यकर्ता जुटे।
पूरा परिसर फूल-मालाओं, नारों और जोश से गूंज उठा।
“बसपा जिंदाबाद” और “बहन जी को फिर से मुख्यमंत्री बनाना है” जैसे नारों ने माहौल को पूरी तरह राजनीतिक ऊर्जा से भर दिया।
👉 युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की भारी भागीदारी ने इस आयोजन को महज स्वागत समारोह नहीं, बल्कि एक बड़े शक्ति प्रदर्शन में बदल दिया।
2027 चुनाव पर फोकस, बूथ स्तर तक रणनीति
अपने संबोधन में बीपी सिंह ने स्पष्ट किया कि यह जिम्मेदारी सिर्फ पद नहीं, बल्कि संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का मिशन है।
उन्होंने कहा:
- बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय किया जाएगा
- हर कार्यकर्ता को जिम्मेदारी और सम्मान मिलेगा
- पार्टी का जनाधार तेजी से विस्तार किया जाएगा
वहीं डॉ. रोनी भाई ने भी संगठनात्मक मजबूती को चुनावी जीत की कुंजी बताते हुए कार्यकर्ताओं से गांव-गांव तक पार्टी की विचारधारा पहुंचाने का आह्वान किया।
“2027 में बसपा सरकार” का संकल्प
कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर बड़ा राजनीतिक संकल्प लिया:
- 2027 में बसपा की सरकार बनाना
- बहन कुमारी मायावती को पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनाना
- बिजनौर की सभी 8 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल करना
👉 यह सामूहिक घोषणा आगामी चुनावों के लिए पार्टी की स्पष्ट और आक्रामक रणनीति को दर्शाती है।
राजनीतिक विश्लेषण: क्या बदल रहा है समीकरण?
बिजनौर का यह कार्यक्रम कई मायनों में अहम संकेत देता है:
✔️ कैडर की सक्रियता बढ़ी – लंबे समय से शांत दिख रही बसपा अब जमीनी स्तर पर फिर सक्रिय होती दिख रही है।
✔️ नेतृत्व का पुनर्गठन – मंडल स्तर पर नए चेहरों को जिम्मेदारी देकर संगठन में नई ऊर्जा भरने की कोशिश।
✔️ कोर वोट बैंक पर फोकस – बूथ स्तर तक पकड़ मजबूत करने की रणनीति साफ नजर आ रही है।
✔️ सीधा लक्ष्य 2027 – कार्यक्रम में चुनावी लक्ष्य को लेकर स्पष्टता और आक्रामकता दिखी।
👉 राजनीतिक जानकार मानते हैं कि अगर यही रफ्तार बनी रही तो बसपा आगामी चुनाव में एक बार फिर किंगमेकर या मुख्य खिलाड़ी की भूमिका में लौट सकती है।
संदेश साफ—बसपा अब ‘एक्शन मोड’ में
बिजनौर का यह आयोजन सिर्फ स्वागत समारोह नहीं था, बल्कि एक राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन और चुनावी शंखनाद भी था।
बसपा ने साफ कर दिया है कि वह 2027 के चुनाव को लेकर पूरी तरह तैयार है और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में जुट गई है।
आपकी राय क्या है?
क्या बसपा 2027 में वापसी कर पाएगी? अपनी राय कमेंट में जरूर दें।












