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स्लोगन से लेकर सेफ्टी मॉडल तक… चांगीपुर मिल में सुरक्षा सप्ताह बना कर्मचारियों का उत्सव

स्लोगन से लेकर सेफ्टी मॉडल तक… चांगीपुर मिल में सुरक्षा सप्ताह बना कर्मचारियों का उत्सव

बिजनौर। औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के उद्देश्य से चांगीपुर चीनी मिल एवं आसवनी इकाई में आयोजित 55वें राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह का समापन उत्साह, जागरूकता और संकल्प के साथ किया गया। पूरे सप्ताह मिल परिसर में सुरक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को लेकर ऐसी गतिविधियां हुईं, जिनसे कर्मचारियों में सुरक्षित कार्य संस्कृति अपनाने का मजबूत संदेश गया।

इस दौरान मिल के अधिकारियों, कर्मचारियों और संविदा कर्मियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे परिसर में एक सकारात्मक और जिम्मेदार कार्य वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रमों के जरिए कर्मचारियों को यह संदेश दिया गया कि सुरक्षा सिर्फ नियम नहीं, बल्कि जीवन और जिम्मेदारी का हिस्सा है

प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण से बढ़ी सुरक्षा जागरूकता

राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह के तहत मिल परिसर में कई रचनात्मक और ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें —

  • सुरक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण विषय पर स्लोगन प्रतियोगिता
  • पोस्टर प्रतियोगिता
  • व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) के सही उपयोग की प्रतियोगिता
  • सुरक्षा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता
  • सुरक्षा मॉडल प्रतियोगिता

इन कार्यक्रमों ने कर्मचारियों को सुरक्षा नियमों को समझने और उन्हें व्यवहार में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

इसके अलावा मिल परिसर में सुरक्षा उपकरणों की विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई, जहां कर्मचारियों को आधुनिक सुरक्षा साधनों और सुरक्षित कार्य प्रणाली के बारे में जानकारी दी गई।

“सुरक्षित कर्मचारी ही उद्योग की असली ताकत”

कार्यक्रम का संचालन सुरक्षा अधिकारी मुकुल प्रताप और सुरक्षा सुपरवाइजर नितेश सिंह ने किया। आयोजन को सफल बनाने में अखिलेश सिंह, जयवीर सिंह, सुमित गर्ग और अभिषेक राणा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष (गन्ना) जितेंद्र मलिक और महाप्रबंधक उत्पादन पवन गुप्ता ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कार्यस्थल पर सुरक्षा नियमों का पालन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि हर कर्मचारी की जिम्मेदारी है

वहीं आसवनी एवं पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के महाप्रबंधक सत्येंद्र गिरी ने कहा कि यदि कर्मचारी सावधानी, प्रशिक्षण और अनुशासन के साथ कार्य करें तो औद्योगिक दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

मिल के प्रेसिडेंट शशी गुप्ता ने अपने संदेश में कहा कि सुरक्षित कार्य प्रणाली अपनाकर कर्मचारी अपने परिवार, उद्योग और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए उद्योग की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं

प्रतियोगिताओं के विजेता

सुरक्षा स्लोगन प्रतियोगिता

  • प्रथम: बीरपाल सिंह (इलेक्ट्रिकल फोरमैन)
  • द्वितीय: रिंकू कुमार जायसवाल (मैच ऑपरेटर)
  • तृतीय: शिव कुमार (उपप्रबंधक, शुगर लैब)

पर्यावरण स्लोगन प्रतियोगिता

  • प्रथम: आदेश सिंह (फर्मेंटेशन ऑपरेटर, आसवनी)
  • द्वितीय: सचिन कुमार (ऑफिसर, कमर्शियल)
  • तृतीय: दिव्य प्रकाश सिंह (डीसीएस ऑपरेटर, बॉयलिंग हाउस)

स्वास्थ्य स्लोगन प्रतियोगिता

  • प्रथम: परवेज आलम (शुगर लैब)
  • द्वितीय: सुरेंद्र कौशिक (जूनियर इंजीनियर, पावर प्लांट)
  • तृतीय: आदित्य चौहान (इंजीनियर, शुगर बॉयलिंग हाउस)

पोस्टर प्रतियोगिता

  • प्रथम: बीरपाल सिंह (इलेक्ट्रिकल फोरमैन)
  • द्वितीय: आशु कुमार (स्टोर सहायक)
  • तृतीय: शिव कुमार सिंह (उपप्रबंधक, शुगर लैब)

सेफ्टी उपकरण पहनने की प्रतियोगिता

  • प्रथम: दयाचंद सिंह
  • द्वितीय: महेंद्र श्रीवास्तव
  • तृतीय: नो सिंह

सुरक्षा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता

  • प्रथम: आशु कुमार (स्टोर सहायक)
  • द्वितीय: माधवराव (तकनीकी विभाग)
  • तृतीय: अखिलेश कुमार (ईटीपी)

सुरक्षा मॉडल प्रतियोगिता

  • प्रथम: डिस्टिलरी की मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल एवं सेफ्टी टीम (संयुक्त)
  • द्वितीय: मनन राजपूत (प्रबंधक, डिस्टिलरी लैब)

उद्योगों में सुरक्षा क्यों बन रही प्राथमिकता

विशेषज्ञों का मानना है कि भारी मशीनों और औद्योगिक प्रक्रियाओं वाले क्षेत्रों में सुरक्षा प्रशिक्षण, जागरूकता और उपकरणों का सही उपयोग बेहद जरूरी है। ऐसे कार्यक्रम कर्मचारियों में सतर्कता बढ़ाते हैं और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभाते हैं।

चांगीपुर चीनी मिल में आयोजित यह सुरक्षा सप्ताह न केवल एक औपचारिक आयोजन रहा, बल्कि सुरक्षित और जिम्मेदार औद्योगिक संस्कृति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

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