वाल्मीकि समाज का जोरदार विरोध: कांग्रेसी पार्षद अभिषेक तिवारी का पुतला फूंक, जाति टिप्पणी पर भड़का गुस्सा
सफाई कर्मचारी महिला से कथित दुर्व्यवहार पर भड़का आक्रोश, भाजपा SC मोर्चा की प्रदेश सह-संयोजक काजल सूद भी प्रदर्शन में रहीं शामिल
देहरादून। स्थानीय स्तर पर एक कथित जातिसूचक टिप्पणी और जबरन काम कराने के आरोपों ने राजनीतिक और सामाजिक माहौल को गर्मा दिया है। वाल्मीकि समाज के लोगों ने कांग्रेसी पार्षद अभिषेक तिवारी के खिलाफ सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और उनका पुतला फूंका।
आरोप है कि एक सफाई कर्मचारी महिला के साथ जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया गया और दबाव बनाकर कार्य कराया गया। इस घटना के विरोध में वाल्मीकि समाज ने इसे आत्मसम्मान और सामाजिक न्याय का मुद्दा बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई।
“सम्मान से समझौता नहीं”: समाज ने दी चेतावनी
प्रदर्शन में वाल्मीकि समाज के प्रमुख लोग शामिल रहे, जिनमें बॉबी कुमार (प्रधान, खुरबुरा मोहल्ला), मनोज खेरवाल, गुरप्रीत, योगेश वाल्मीकि, अर्पित, प्रवीण सूद, राहुल, सुनीता सैनी, नीतू, पूजा, आरती, हैप्पी पार्चा, आदि पार्चा, अभिषेक, आयुष सूद, विशाल चौधरी, विपिन चंचल, राजू प्रधान, राहुल (मार्टिन) और साहिल प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
राजनीतिक रंग भी चढ़ा
इस प्रदर्शन में भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश से सह-संयोजक (सोशल मीडिया, SC मोर्चा) काजल सूद भी उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति की महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उनकी उपस्थिति से यह मामला सामाजिक मुद्दे के साथ-साथ राजनीतिक विमर्श का भी केंद्र बन गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रकरण स्थानीय निकाय की राजनीति में बड़ा असर डाल सकता है।
कानूनी और प्रशासनिक सवाल
यदि जातिसूचक शब्दों के प्रयोग और जबरन काम कराने के आरोप प्रमाणित होते हैं, तो यह मामला अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आ सकता है। ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष जांच की मांग समाज की ओर से लगातार उठ रही है।
आगे क्या?
अब सबकी नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है। क्या इस मामले में एफआईआर दर्ज होगी? क्या निष्पक्ष जांच के आदेश दिए जाएंगे?
यह घटना केवल एक व्यक्ति या पद से जुड़ा विवाद नहीं, बल्कि सामाजिक सम्मान और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा प्रश्न बन गई है।
#TargetTvLive #ValmikiSamaj #CasteIssue #LocalPolitics #SCMorcha #SocialJustice #BreakingNews #IndiaNews #DigitalNews












