DM की रेड से हड़कंप: मतदान केंद्रों पर बीएलओ गायब, एक स्कूल पर ताला—चुनावी व्यवस्था बेनकाब

डिजिटल एक्सक्लूसिव | ग्राउंड रिपोर्ट
बिजनौर | 31 जनवरी 2026
मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान की जमीनी सच्चाई जानने के लिए जिलाधिकारी जसजीत कौर द्वारा किया गया औचक निरीक्षण प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा गया। बिजनौर तहसील क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों पर बीएलओ की उपस्थिति, कार्य प्रगति और संसाधनों की उपलब्धता की जांच में चौंकाने वाली लापरवाहियां सामने आईं, जिसने निर्वाचन तैयारियों की पोल खोल कर रख दी।
हमीरपुर सुधा: दोनों बीएलओ नदारद, जिम्मेदारी सवालों के घेरे में
जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम प्राथमिक विद्यालय हमीरपुर सुधा में स्थित मतदान केंद्र का निरीक्षण किया। यहां नियुक्त दोनों बीएलओ मौके से अनुपस्थित पाए गए। विद्यालय में उपस्थित सहायक अध्यापक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री श्रीमती जैनब और श्रीमती कीसा को बीएलओ के रूप में नामित किया गया है, लेकिन वे निरीक्षण के समय केंद्र पर मौजूद नहीं थीं।
इस लापरवाही ने मतदाता सूची से जुड़े कार्यों की प्रामाणिकता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए।
शाहबाजपुर: फॉर्म नहीं, काम ठप
इसके बाद जिलाधिकारी आदर्श विद्या निकेतन इंटर कॉलेज, शाहबाजपुर पहुंचीं। यहां बीएलओ जसवंत कुमार (शिक्षामित्र) और जितेंद्र सिंह (अनुदेशक) उपस्थित तो मिले, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि पूरे दिन में एक भी फॉर्म नहीं भरा गया।
जांच में यह भी सामने आया कि फॉर्म-6 सीमित संख्या में उपलब्ध हैं, जबकि फॉर्म-7 पूरी तरह गायब है।
जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि—
“मतदाता सूची से संबंधित सभी फॉर्म हर हाल में बूथ पर उपलब्ध रहें। जो मतदाता स्वयं बूथ तक नहीं पहुंच सकते, बीएलओ उनके घर जाकर फॉर्म भरवाएं।”
तिमारपुर: बंद मिला मतदान केंद्र, व्यवस्था पर बड़ा सवाल
निरीक्षण के अंतिम पड़ाव पर जिलाधिकारी जब प्राथमिक विद्यालय तिमारपुर पहुंचीं, तो वहां मतदान केंद्र का मुख्य द्वार बंद मिला और ताले ने पूरे प्रशासनिक तंत्र की सतर्कता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया। इस दृश्य ने चुनावी तैयारी की वास्तविक स्थिति को उजागर कर दिया।
DM का सख्त संदेश: लापरवाही नहीं होगी माफ
जिलाधिकारी जसजीत कौर ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि निर्वाचन जैसे संवेदनशील और लोकतंत्र के आधार से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अनुपस्थित बीएलओ और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।
क्यों अहम है यह खबर?
मतदाता सूची संशोधन अभियान लोकतांत्रिक प्रक्रिया की रीढ़ है। ऐसे में बीएलओ की अनुपस्थिति, फॉर्मों की कमी और बंद मतदान केंद्र न केवल प्रशासनिक विफलता दर्शाते हैं, बल्कि मतदाता अधिकारों पर भी सीधा असर डालते हैं।
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