GJU परीक्षा 2026: Haldaur Degree College Haldaur सहित 3 केंद्रों पर नकल, 500+ परीक्षार्थी रहे अनुपस्थित

विश्लेषणात्मक समाचार रिपोर्ट | अवनीश त्यागी
मुरादाबाद। 16 जनवरी 2026
GJU Exam 2026 की शुरुआत: शांतिपूर्ण माहौल में हुई पहली परीक्षा
गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025–26 के अंतर्गत स्नातक एवं परास्नातक प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं 16 जनवरी 2026 से प्रारंभ हो गई हैं।
पहले ही दिन विश्वविद्यालय प्रशासन की सख्त व्यवस्था और उड़ाका दल की सतर्कता के चलते परीक्षाएं शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और नकलविहीन वातावरण में सम्पन्न हुईं।
हालांकि, तमाम सख्ती के बावजूद 03 परीक्षार्थियों को नकल करते हुए पकड़ा गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विश्वविद्यालय की जीरो टॉलरेंस नीति अब केवल घोषणा नहीं बल्कि जमीन पर लागू हो चुकी है।
आंकड़ों की भाषा: कितने आए, कितने नहीं?
विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार—
पंजीकरण बनाम उपस्थिति
- कुल पंजीकृत परीक्षार्थी: 11,338
- परीक्षा में सम्मिलित: 10,836
- छात्र: 5,877
- छात्राएं: 4,959
- अनुपस्थित: 502
- छात्र: 366
- छात्राएं: 136
विशेषज्ञों के अनुसार लगभग 4.4% अनुपस्थिति दर यह दर्शाती है कि अधिकांश परीक्षार्थियों ने परीक्षा को गंभीरता से लिया है।
अनुपस्थिति के पीछे स्वास्थ्य, मौसम, दूरी और निजी कारण प्रमुख माने जा रहे हैं।
नकल के मामले: तीन केंद्रों पर UFM दर्ज
पहले दिन Unfair Means (UFM) के कुल 03 मामले सामने आए। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि—
“नकल करने वालों के विरुद्ध बिना किसी दबाव के नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”
📍 UFM दर्ज परीक्षा केंद्र
| परीक्षा केंद्र | UFM मामले |
|---|---|
| Aaban Education Institute, Joya | 1 |
| Haldaur Degree College, Haldaur | 1 |
| Jagdish Saran Hindi PG College, Amroha | 1 |
इन मामलों में 02 पुरुष एवं 01 महिला परीक्षार्थी शामिल हैं।
उड़ाका दल पूरी तरह एक्टिव, औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप
परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विश्वविद्यालय के—
- कुलपति प्रो. सचिन माहेश्वरी
- कुलसचिव गिरीश कुमार द्विवेदी
- परीक्षा नियंत्रक अमृत लाल
के निर्देशन में उड़ाका दल की कई टीमें परीक्षा केंद्रों पर सक्रिय रहीं।
औचक निरीक्षण के चलते कई केंद्रों पर अतिरिक्त सतर्कता देखने को मिली, जिससे परीक्षार्थियों में अनुशासन बना रहा।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश: नकल नहीं, मेहनत ही विकल्प
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी केंद्राधीक्षकों और कक्ष निरीक्षकों को निर्देशित किया है कि—
- किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
- मोबाइल, ब्लूटूथ, स्मार्ट डिवाइस पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा
- संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी
UFM मामलों में दोषी पाए जाने पर परीक्षा रद्द होने से लेकर भविष्य की परीक्षाओं पर रोक तक की कार्रवाई संभव है।
विशेषज्ञों की राय: सख्ती से बढ़ेगी परीक्षा की विश्वसनीयता
शिक्षाविदों का मानना है कि—
- प्रारंभिक दिन की सख्ती पूरे परीक्षा सत्र की दिशा तय करती है
- कम UFM मामले यह संकेत हैं कि अधिकांश छात्र नियमों का पालन कर रहे हैं
- इससे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक साख और डिग्री की विश्वसनीयता बढ़ेगी
आगे की रणनीति: और कड़ा होगा पहरा
विश्वविद्यालय सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में—
- उड़ाका दल की संख्या बढ़ाई जा सकती है
- CCTV निगरानी की समीक्षा की जाएगी
- संवेदनशील विषयों की परीक्षाओं में विशेष सतर्कता बरती जाएगी
गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय की परीक्षा 2026 की शुरुआत यह स्पष्ट संकेत देती है कि प्रशासन नकल-मुक्त, निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
पहले दिन ही नकलचियों पर कार्रवाई कर विश्वविद्यालय ने यह संदेश दे दिया है—
“ईमानदारी से दी गई परीक्षा ही सफलता की असली कुंजी है।”
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