आपदा से निपटने को बिजनौर तैयार! 50 ‘आपदा मित्र’ बनेंगे जनपद की सुरक्षा की ढाल, लखनऊ रवाना हुआ विशेष दल

रिपोर्ट अवनीश त्यागी
बिजनौर | 15 जनवरी 2026
आपदा के समय सबसे पहले मदद के लिए आगे आने वाले फर्स्ट रिस्पांडर तैयार करने की दिशा में बिजनौर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। युवा आपदा मित्र योजना के तहत जनपद के 50 चयनित स्वयंसेवकों को 12 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण के लिए एसडीआरएफ लखनऊ रवाना किया गया। इस पहल से भविष्य में आने वाली आपदाओं के दौरान जनहानि व संपत्ति नुकसान को न्यूनतम करने में मदद मिलेगी।
प्रशासन की पहल: आपदा मित्र बनेंगे जनपद की मजबूत कड़ी
अपर जिलाधिकारी (वि/रा) वान्या सिंह की अध्यक्षता में स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण के लिए रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद ये आपदा मित्र जिले में आपदा के समय फर्स्ट रिस्पांडर के रूप में तैनात रहेंगे और प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर राहत एवं बचाव कार्यों को गति देंगे।
एनसीसी, एनएसएस और एनजीओ से हुआ चयन
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग द्वारा एनसीसी, एनएसएस एवं गैर-सरकारी संगठनों से जुड़े युवाओं का चयन किया गया है। इन युवाओं को आपदा की हर चुनौती से निपटने के लिए मानसिक व शारीरिक रूप से सक्षम बनाया जाएगा।
क्या-क्या सिखाया जाएगा प्रशिक्षण में?
जिला आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि 16 जनवरी से शुरू होने वाले 12 दिवसीय प्रशिक्षण में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के दिशा-निर्देशों के अनुसार निम्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा—
- आपदा पूर्व तैयारी एवं प्रबंधन
- भूकंप सुरक्षा उपाय
- खोज एवं बचाव कार्य (Search & Rescue)
- अग्नि सुरक्षा
- बाढ़ एवं जलभराव से निपटने की रणनीति
- आकाशीय बिजली से बचाव
- सीपीआर (CPR) व प्राथमिक उपचार
आपदा मित्रों को मिलेगा विशेष आपातकालीन किट
प्रशिक्षण के बाद सभी स्वयंसेवकों को आपातकालीन सुरक्षा किट उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें शामिल होंगे—
- फर्स्ट एड किट
- लाइफ जैकेट
- टॉर्च
- सुरक्षा हेलमेट
- लाइटर
- बहुउपयोगी रस्सी
- कटर व सीटी
इन उपकरणों की मदद से आपदा के समय त्वरित सहायता संभव हो सकेगी।
सरकार की मंशा: जनहानि को न्यूनतम करना
यह योजना केंद्र सरकार की पहल पर आपदा मोचक निधि से संचालित की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य सामुदायिक जागरूकता बढ़ाकर आपदा के समय होने वाले नुकसान को कम करना है।
प्रशासनिक टीम रही मौजूद
इस अवसर पर उप जिला मजिस्ट्रेट/जिला सूचना अधिकारी हर्ष चावला, जिला आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ प्रशांत श्रीवास्तव सहित आपदा प्रबंधन विभाग की पूरी टीम मौजूद रही।
निष्कर्ष
बिजनौर में आपदा मित्रों का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न सिर्फ प्रशासन की तत्परता को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि आपदा से लड़ाई अब केवल सरकारी नहीं, बल्कि जनभागीदारी आधारित अभियान बनती जा रही है।
#टैग्स
#BijnorNews #AapdaMitra #DisasterManagement #SDRFLucknow #YuvaAapdaMitraYojana #आपदा_मित्र #आपदा_प्रबंधन #उत्तर_प्रदेश_समाचार #BijnorAdministration











