शीतलहर का कहर: बिजनौर में कक्षा 8 तक सभी स्कूल बंद, दो दिन का अवकाश घोषित
ठंड और घने कोहरे के बीच प्रशासन का बड़ा फैसला, लाखों छात्रों को राहत
बिजनौर | डिजिटल डेस्क
उत्तर भारत में पड़ रही भीषण ठंड, शीतलहर और घने कोहरे को देखते हुए बिजनौर प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बड़ा निर्णय लिया है। जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में जनपद बिजनौर में कक्षा प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 8 तक के समस्त विद्यालयों में 12 और 13 जनवरी 2026 को अवकाश घोषित कर दिया गया है।
यह आदेश जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कसाना द्वारा जारी किया गया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि ठंड के मौजूदा हालात बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।
किन-किन विद्यालयों पर लागू होगा आदेश?
जारी आदेश के अनुसार यह अवकाश—
- परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय
- मान्यता प्राप्त विद्यालय
- सहायता प्राप्त विद्यालय
- सीबीएसई बोर्ड
- आईसीएसई बोर्ड
- उत्तर प्रदेश बोर्ड
- मदरसा बोर्ड
सभी प्रकार के विद्यालयों में प्री-प्राइमरी से कक्षा 8 तक प्रभावी रहेगा।
ठंड और कोहरे ने बढ़ाई चिंता
पिछले कुछ दिनों से बिजनौर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश में—
- न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट
- सुबह और देर रात घना कोहरा
- दृश्यता में कमी
- बच्चों के बीमार पड़ने की आशंका
लगातार बढ़ रही थी। ऐसे में प्रशासन द्वारा लिया गया यह निर्णय राहत भरा और समयोचित कदम माना जा रहा है।
सख्ती से पालन के निर्देश
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कसाना ने सभी—
- खंड शिक्षा अधिकारियों
- विद्यालय प्रबंधन समितियों
- प्रधानाचार्यों
को निर्देशित किया है कि आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
अभिभावकों और छात्रों को राहत
इस निर्णय से—
- छोटे बच्चों को ठंड से राहत
- अभिभावकों की चिंता कम
- स्कूल आने-जाने में होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका में कमी
आने की उम्मीद है।
क्या आगे भी बढ़ सकता है अवकाश?
मौसम विभाग के अनुसार यदि शीतलहर और कोहरे की स्थिति बनी रहती है, तो अवकाश बढ़ाने या स्कूल समय में बदलाव जैसे फैसले भी लिए जा सकते हैं। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
निष्कर्ष
बिजनौर में स्कूल अवकाश का यह फैसला न केवल प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखने की नीति का भी उदाहरण है। अब निगाहें मौसम के अगले अपडेट और प्रशासन के आगामी निर्णयों पर टिकी हैं।










