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स्कूल-कॉलेजों में बनेगी जिला स्तरीय निगरानी समिति, ‘परख–मनोदर्पण’ होगा अनिवार्य

बिजनौर में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर बड़ा प्रशासनिक कदम

स्कूल-कॉलेजों में बनेगी जिला स्तरीय निगरानी समिति, ‘परख–मनोदर्पण’ होगा अनिवार्य

बिजनौर | 30 दिसंबर 2025 | डिजिटल डेस्क

छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सरकार और प्रशासन अब केवल बयान नहीं, ठोस सिस्टम खड़ा करने की दिशा में आगे बढ़ गया है। बिजनौर की जिलाधिकारी जसजीत कौर ने साफ शब्दों में कहा है कि छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसे नजरअंदाज करने वाले शैक्षणिक संस्थानों पर सख्ती तय है।

इसी क्रम में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित अहम बैठक में छात्र मानसिक स्वास्थ्य नियमों की निगरानी एवं प्रभावी कार्यान्वयन को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए, जिनका असर सीधे जिले के हर स्कूल और कॉलेज पर पड़ेगा।

अब ‘मेंटल हेल्थ’ भी होगी अकादमिक परफॉर्मेंस जितनी अहम

जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में बच्चों का शैक्षणिक प्रदर्शन तभी बेहतर हो सकता है, जब उनका भावनात्मक और मानसिक संतुलन मजबूत हो।
इसी सोच के तहत—

➡️ जिला स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा
➡️ समिति नियमित रूप से स्कूलों और कॉलेजों का निरीक्षण करेगी
➡️ यह देखा जाएगा कि कोई छात्र तनाव, अवसाद या अकेलेपन से जूझ तो नहीं रहा

हर स्कूल-कॉलेज में होगा ‘Student Support Cell’

अब जिले के प्रत्येक उच्च माध्यमिक विद्यालय और महाविद्यालय में—

✔️ छात्र सहायता कक्ष (Student Support Cell)
✔️ काउंसलिंग हेल्प डेस्क
✔️ प्रशिक्षित परामर्शदाता की उपलब्धता

अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएगी, ताकि छात्र बिना डर या झिझक अपनी समस्या साझा कर सकें।

‘परख’ और ‘मनोदर्पण’ गाइडलाइंस होंगी अनिवार्य

जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिए कि—

🔹 सभी सरकारी व निजी शिक्षण संस्थानों में
🔹 केंद्र व राज्य सरकार की ‘परख’ और ‘मनोदर्पण’ गाइडलाइंस
🔹 का अक्षरशः पालन कराया जाए

किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

योग, ध्यान और स्ट्रेस मैनेजमेंट अब टाइमटेबल का हिस्सा

बैठक में यह भी तय हुआ कि—

  • शैक्षणिक कैलेंडर में योग और ध्यान सत्र
  • तनाव प्रबंधन कार्यशालाएं
  • मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम
  • परीक्षाओं के दौरान विशेष काउंसलिंग सेशन

को अब औपचारिकता नहीं, अनिवार्यता के रूप में लागू किया जाएगा।

हेल्पलाइन नंबर हर दीवार पर दिखेंगे

छात्रों को तुरंत मदद मिल सके, इसके लिए—

📌 स्कूलों की दीवारों
📌 नोटिस बोर्ड
📌 छात्र सहायता कक्ष

पर राज्य व केंद्र सरकार द्वारा जारी मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है।

अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका भी होगी निर्णायक

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि—

  • अभिभावकों की सहभागिता बढ़ाई जाए
  • शिक्षकों को मेंटल हेल्थ से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाए
  • अवसाद, चिंता व अन्य मानसिक समस्याओं की समय पर पहचान के लिए
    • नियमित स्क्रीनिंग
    • काउंसलिंग सत्र

अनिवार्य रूप से आयोजित हों।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण बैठक में
जिला विद्यालय निरीक्षक जयकरण यादव,
जिला कार्यक्रम अधिकारी विमल चौबे,
जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेश्वर सिंह सहित
अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

 Editorial Insight

बिजनौर प्रशासन का यह कदम साफ संकेत देता है कि अब शिक्षा व्यवस्था केवल अंकों तक सीमित नहीं रहेगी।
अगर यह जिला स्तरीय समिति कागजों तक सीमित न रहकर ज़मीनी स्तर पर सक्रिय होती है, तो यह मॉडल प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी मिसाल बन सकता है।

अब असली परीक्षा—नियमों के पालन की है, न कि केवल घोषणाओं की।

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