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गांव की गलियों से ग्लोबल मंच तक: बागपत का अमन बना देश का यूथ चैंपियन, मुंबई में होगा राष्ट्रीय सम्मान

गांव की गलियों से ग्लोबल मंच तक: बागपत का अमन बना देश का यूथ चैंपियन, मुंबई में होगा राष्ट्रीय सम्मान


✨ पीड़ा से प्रेरणा, विचार से आंदोलन
✨ 83 लाख युवाओं तक अवसर पहुँचाने वाले युवा की असाधारण यात्रा
✨ मुख्यमंत्री योगी से सम्मान, नोबेल विजेता कैलाश सत्यार्थी संग कदम से कदम


बागपत |
यह कहानी सिर्फ सफलता की नहीं है, यह कहानी है अवसरों की समानता की लड़ाई की। यह कहानी है उस युवा की, जिसने अभाव को अपना हथियार बनाया और उम्मीद को अपना मिशन। बागपत के अमन कुमार आज देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। वर्ष 2025 में उन्हें देश के टॉप 10 यूथ चैंपियन में चुना गया है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के साथ ही अमन को मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में आई वॉलंटियर अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा।
यह सम्मान सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस सोच का है, जो स्वयंसेवा को राष्ट्रनिर्माण की नींव मानती है।
🌱 जहां संघर्ष जन्मा, वहीं से बदलाव शुरू हुआ
अमन कुमार का बचपन सामाजिक और आर्थिक वंचनाओं के बीच बीता। गांव में रहते हुए उन्होंने देखा कि कैसे प्रतिभा होते हुए भी केवल जानकारी और मार्गदर्शन के अभाव में हजारों युवा पीछे रह जाते हैं।
यहीं से उनके भीतर सवाल उठा—
“क्या अवसर सिर्फ शहरों के लिए हैं?”
इसी सवाल ने उन्हें समाधान की राह पर खड़ा कर दिया।
🚀 कॉन्टेस्ट 360: एक क्लिक, लाखों उम्मीदें
अमन ने तकनीक को हथियार बनाया और प्रोजेक्ट कॉन्टेस्ट 360 की शुरुआत की। यह केवल एक डिजिटल प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि युवाओं के लिए अवसरों का महाकुंभ बन गया।
आज—
📊 83 लाख से अधिक युवा इससे जुड़ चुके हैं
🎓 शिक्षा, प्रतियोगिताएं, स्कॉलरशिप और करियर अवसर एक ही स्थान पर
🌍 ग्रामीण, कस्बाई और वंचित युवाओं तक सीधी पहुँच
कॉन्टेस्ट 360 ने साबित किया कि सूचना विशेषाधिकार नहीं, हर युवा का अधिकार है।
🏛️ प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बदलाव
अमन के नवाचार और जमीनी समझ को देखते हुए बागपत प्रशासन ने उन्हें ई-गवर्नेंस से जुड़े महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में भागीदार बनाया।
उनकी सक्रिय भूमिका से विकसित हुए—
📱 कांवड़ यात्रा ऐप
📱 स्वीप बागपत ऐप
📱 सूचना सेतु
📱 बागपत फॉर एनिमल्स
इन पहलों ने शासन और जनता के बीच की दूरी को कम किया और तकनीक को जनसेवा का माध्यम बनाया।
🌍 लोकल एक्शन, ग्लोबल पहचान
अमन कुमार का प्रभाव जिले की सीमाओं से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुँचा।
वे बने—
🟢 यूनिसेफ इंडिया यूथ चैंपियन
🟢 माय भारत मेंटोर
🟢 यूनेस्को ग्लोबल यूथ कम्युनिटी सदस्य
🟢 माय गवर्नमेंट यूथ एंबेसडर
🟢 हंड्रेड ग्लोबल एडवाइजर
🟢 सत्यार्थी यूथ नेटवर्क कैंपेन लीड
नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के नेतृत्व में विश्वभर से चुने गए 25 यूथ चैंपियनों में अमन का चयन होना उनकी अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता का प्रमाण है।
🏆 स्वामी विवेकानंद राज्य युवा पुरस्कार: बागपत के लिए ऐतिहासिक क्षण
वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश सरकार ने अमन कुमार को स्वामी विवेकानंद राज्य युवा पुरस्कार से सम्मानित किया।
➡️ यह सम्मान पाने वाले वे जनपद बागपत के पहले युवा बने।
➡️ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं उन्हें सम्मानित किया।
यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे जनपद के युवाओं के लिए गर्व का क्षण है।
🙌 सम्मान नहीं, जिम्मेदारी मानते हैं अमन
अमन कुमार कहते हैं—
“यह सम्मान उन लाखों युवाओं का है, जो बिना किसी स्वार्थ के समाज और देश के लिए काम कर रहे हैं। अगर मेरी यात्रा किसी एक युवा को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है, तो यही मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि है।”
🔎 क्यों बनते हैं अमन ‘यूथ चैंपियन’? (विश्लेषण)
✔️ संघर्ष को समाधान में बदलने की क्षमता
✔️ तकनीक से सामाजिक असमानता पर प्रहार
✔️ प्रशासन, समाज और युवा शक्ति का सेतु
✔️ स्वयंसेवा को आंदोलन में बदलने का साहस
अमन कुमार यह साबित करते हैं कि नेतृत्व पद से नहीं, उद्देश्य से जन्म लेता है।


📌 निष्कर्ष: नई पीढ़ी का नया नायक
आज जब देश युवा नेतृत्व की नई परिभाषा तलाश रहा है, तब अमन कुमार जैसे चेहरे उम्मीद जगाते हैं।
गांव की मिट्टी में पले-बढ़े इस युवा ने यह दिखा दिया कि—
👉 सपने अगर बड़े हों और नीयत साफ हो, तो सीमाएं खुद टूट जाती हैं।
बागपत का अमन अब सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि देश के युवाओं के लिए एक आंदोलन बन चुका है।

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