बिजनौर में राजस्व मोर्चे पर सख्ती, बड़े बकायादारों पर प्रशासन का शिकंजा
सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग बिगड़ी तो होगी कार्रवाई, पुराने वादों के त्वरित निस्तारण के निर्देश
बिजनौर। जनपद में राजस्व वसूली को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। जिलाधिकारी जसजीत कौर के निर्देशों के अनुपालन में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वान्या सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित मासिक राजस्व स्टाफ एवं कर-करेत्तर समीक्षा बैठक में साफ शब्दों में संदेश दे दिया गया कि राजस्व लक्ष्य से पीछे रहने वाले अधिकारियों को अब बख्शा नहीं जाएगा।
बैठक में लक्ष्य के सापेक्ष कम राजस्व वसूली करने वाले विभागों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए एडीएम ने कहा कि राजस्व संग्रह केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सभी अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि वे अपने विभागीय दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ करें।
बड़े बकायादारों पर फोकस, बैंक भी बनेंगे सहयोगी
एडीएम वान्या सिंह ने सभी उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देश दिए कि छोटे मामलों में उलझने के बजाय बड़े बकायादारों को चिन्हित कर उनसे प्रभावी वसूली सुनिश्चित की जाए। इसके लिए बैंकों की सहायता से जिले के बड़े बकायादारों की सूची तैयार करने और रणनीतिक तरीके से वसूली अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्व वसूली में ढिलाई अब सीधे अधिकारियों की जवाबदेही तय करेगी।
5 और 3 साल से पुराने वाद अब नहीं रहेंगे लंबित
बैठक में राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों पर भी गंभीर चर्चा हुई। एडीएम ने निर्देश दिए कि 05 वर्ष एवं 03 वर्ष से अधिक पुराने वादों का निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाए। किसी भी स्तर पर अनावश्यक लंबित मामलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पीठासीन अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा गया कि वे निर्धारित दायरे के अनुसार वादों का निस्तारण सुनिश्चित करें, ताकि आम जनता को समय पर न्याय मिल सके।
सीएम डैशबोर्ड पर नजर, रैंकिंग गिरी तो कार्रवाई तय
कर-करेत्तर राजस्व वसूली में पिछड़ रहे विभागों को कड़ी चेतावनी देते हुए एडीएम ने कहा कि यदि सीएम डैशबोर्ड पर किसी विभाग की रैंकिंग प्रभावित होती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह संदेश स्पष्ट है कि अब आंकड़ों की हेराफेरी नहीं, बल्कि वास्तविक प्रदर्शन ही मायने रखेगा।
लंबित ऑडिट और विभागीय कार्रवाई पर भी कसाव
बैठक में लंबित ऑडिट प्रकरणों, विभागीय जांचों और अन्य प्रशासनिक बिंदुओं की भी समीक्षा की गई। राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी मामलों का निस्तारण शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप और समयबद्ध तरीके से किया जाए।
ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक अंशिका दीक्षित सहित जनपद के सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं राजस्व विभाग से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
विश्लेषण: संदेश साफ—अब लापरवाही नहीं चलेगी
इस बैठक से यह स्पष्ट हो गया है कि बिजनौर प्रशासन राजस्व वसूली और न्यायिक लंबित मामलों को लेकर अब किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है। बड़े बकायादारों पर सीधा फोकस, सीएम डैशबोर्ड से जुड़ी जवाबदेही और पुराने वादों के त्वरित निस्तारण के निर्देश यह संकेत देते हैं कि आने वाले दिनों में जनपद में राजस्व और प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।











