परिसर निरीक्षण: कृषि विभाग का “विकास-परिवर्तन” अभियान तेज

दिनांक — 04 दिसंबर 2025, बिजनौर
आज जनपद बिजनौर में जीवन प्रकाश, संयुक्त कृषि निदेशक, मुरादाबाद मंडल द्वारा कृषि विभाग (भूमि संरक्षण इकाई) के अंतर्गत चल रहे विकासात्मक कार्यों, उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था, एवं राजकीय कृषि प्रक्षेत्र पृथ्वीपुर में फसल बुवाई की प्रगति का निरीक्षण किया गया।
प्रमुख निरीक्षण: उर्वरक से लेकर खेत-तालाब तक — दिशा स्पष्ट
उर्वरक वितरण व्यवस्था की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान, सहकारी गन्ना विकास समिति लिमिटेड, बिजनौर के गोदाम का दौरा किया गया — जहां स्टॉक रजिस्टर, साप्ताहिक रजिस्टर और पॉस मशीन (POS machine) आधारित वितरण व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि उर्वरकों की बिक्री किसानों की जोत एवं बोई गई फसल के अनुसार ही होनी चाहिए। इसका उद्देश्य है: वितरण में पारदर्शिता, वास्तविक आवश्यकता अनुसार वितरण, तथा लाभार्थी तक सही मदद पहुँचना।
भूमि संरक्षण इकाई: खेत-तालाब योजना का जायजा
भूमि संरक्षण इकाई द्वारा प्रस्तावित खेत-तालाब योजना के तहत निर्माणाधीन दो तालाब — बाकरपुर गढ़ी एवं रावली — का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान, निर्माण की गुणवत्ता, प्रगति की दर, तथा मानक अनुरूप पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
फसल बुवाई व प्रबंधन: प्रक्षेत्र पृथ्वीपुर की समीक्षा
राजकीय बीज संवर्धन प्रक्षेत्र पृथ्वीपुर में चल रही फसलों की बुवाई की प्रगति का भी जायजा लिया गया। संयुक्त कृषि निदेशक ने फसल प्रबंधन, आधुनिक–प्रगतिशील कृषि तकनीकों, समयबद्ध बुवाई, और गुणवत्ता मानकों के पालन के निर्देश दिए।
अधिकारियों की मौजूदगी — प्रभारी टीम की भागीदारी
निरीक्षण के दौरान निम्न अधिकारी उपस्थित रहे:
- डॉ. घनश्याम वर्मा, उप कृषि निदेशक, बिजनौर
- श्री जसवीर सिंह तेवतिया, जिला कृषि अधिकारी / भूमि संरक्षण अधिकारी, बिजनौर
- श्री उमेश कुमार, अवर अभियंता
- श्री केशव कुमार, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक (ग्रुप–A), कार्यालय भूमि संरक्षण अधिकारी, बिजनौर
इस टीम-दौरे से विभाग की सक्रियता और स्थानीय स्तर पर निरीक्षण-प्रणाली की गंभीरता उजागर होती है।
क्यों है ये निरीक्षण अहम?
- किसानों के हित में सुधार — उर्वरकों और संसाधनों का सही, पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करता है कि खेतों में समय पर और उचित मात्रा में इनपुट मिले।
- जल संसाधन व भूमि प्रबंधन — खेत-तालाब योजना जैसे निर्माणात्मक कदम, जल संरक्षण व भू-उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण।
- खेती की गुणवत्ता व उत्पादन बढ़ाने की ओर — समयबद्ध बुवाई, बीज संवर्धन, आधुनिक कृषि तकनीकों का पालन — सब मिलकर बेहतर फसल और उत्पादन की संभावनाएँ बनाते हैं।
- विश्वास व जवाबदेही — विभागीय निरीक्षण, गोदामों से लेकर खेत तक, किसानों व जनता के लिए जिम्मेवारी व पारदर्शिता दिखाता है।
आगे की राह: धरातल पर बदलाव के संकेत
यह निरीक्षण एक शुरुआत मात्र है — लेकिन यदि निर्देशों का पालन हुआ और वितरण व्यवस्था, तालाब निर्माण व बुवाई योजनाएं समयबद्ध और गुणवत्ता अनुरूप पूरी हुईं, तो बिजनौर में कृषि क्षेत्र में सुधार और किसानों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में निश्चित रूप से सकारात्मक बदलाव की उम्मीद की जा सकती है।











