“विधांशु को मिली नई उड़ान: भुइयार सोसाइटी का बड़ा कदम, मेधावी छात्र की पढ़ाई रोकना अब नामुमकिन”
₹50,000 की सहायता से बी.टेक छात्र विधांशु की शिक्षा को नई रफ्तार — समाज में मिसाल बना मानवीय सहयोग
बिजनौर से इंस्पायरिंग स्टोरी — शिक्षा के सपनों को मिला मजबूत सहारा
बिजनौर।
समाज यदि एकजुट होकर किसी प्रतिभा का हाथ थाम ले, तो कितनी ही बड़ी मुश्किल क्यों न हो, सपनों को पंख मिल ही जाते हैं। ऐसा ही प्रेरक उदाहरण सामने आया है गांव नांगल सोती से, जहां भुइयार एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी ने बी.टेक के मेधावी छात्र विधांशु कुमार भुइयार को ₹50,000 का सहयोग देकर उनकी उच्च शिक्षा को मजबूती दी है। स्वर्गीय लोकेश कुमार के पुत्र विधांशु आर्थिक चुनौतियों के बावजूद इंजीनियर बनने का सपना लिए आगे बढ़ रहे हैं, और इस सहयोग ने उनके लिए नई राह खोल दी है।
“शिक्षा ही बदलती है किस्मत… और प्रतिभा को चाहिए बस एक मौका” — अध्यक्ष राजेंद्र भुइयार
सहयोग राशि प्रदान करते हुए सोसाइटी के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार भुइयार ने कहा—
“प्रतिभाओं को निखारने के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। कोई भी आर्थिक तंगी किसी छात्र की उड़ान को रोक नहीं सकती—समाज यदि आगे आए तो हर सपना पूरा हो सकता है।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सोसाइटी ने वर्षों पहले यह संकल्प लिया था कि समाज के किसी भी मेधावी छात्र को सिर्फ पैसे की वजह से शिक्षा से वंचित नहीं होने दिया जाएगा।
‘विकास की कुंजी शिक्षा’ — सोसाइटी का बड़ा सामाजिक संकल्प
भुइयार एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी समाज में शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार अग्रणी भूमिका निभा रही है। संस्था का मानना है कि—
✔ शिक्षा से चरित्र बनता है
✔ चरित्र से समाज बनता है
✔ और मजबूत समाज से राष्ट्र का विकास होता है
इसी सोच के साथ सोसाइटी ने विधांशु सहित कई जरूरतमंद व मेधावी छात्रों को अभी तक आर्थिक सहायता, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन प्रदान किया है।
सचिव केशव शरण ने बताया— “हर बच्चे तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाना हमारा मिशन”
सोसाइटी के सचिव केशव शरण ने कहा—
“हमारा उद्देश्य है कि समाज का कोई भी बच्चा आर्थिक तंगी के कारण अपना भविष्य अंधेरे में न धकेल दे। हम लगातार नए शैक्षिक कार्यक्रम चला रहे हैं और सदस्यों का भरपूर सहयोग मिल रहा है।”
उन्होंने यह भी बताया कि समिति कैरियर गाइडेंस, काउंसिलिंग व स्कॉलरशिप सहायता को और व्यापक करने जा रही है।
कोषाध्यक्ष मास्टर तेजपाल सिंह: “शिक्षा में नए पंख लगाने के लिए प्रतिबद्ध”
कोषाध्यक्ष मास्टर तेजपाल सिंह ने कहा—
“समिति ने छात्रों के हित में कई योजनाएँ तैयार की हैं। हम चाहते हैं कि समाज का हर बच्चा ऊँची उड़ान भरे, और कैरियर गाइडेंस के माध्यम से उन्हें सही दिशा भी दी जा सके।”
उन्होंने बताया कि सोसाइटी आगे और अधिक छात्रों तक सहायता पहुँचाने के लिए कई नई योजनाओं पर काम कर रही है।
विधांशु ने जताया आभार: “ये सहयोग मेरे लिए प्रेरणा, न सिर्फ पैसा”
विधांशु कुमार भुइयार ने कहा—
“सोसाइटी ने जो मदद की है, उससे मुझे सिर्फ आर्थिक राहत नहीं मिली बल्कि आगे बढ़ने की एक नई प्रेरणा मिली है। अब मुझे विश्वास है कि मैं अपने सपनों को पूरा कर पाऊँगा।”
उनकी आंखों में उम्मीद की चमक और चेहरे पर आत्मविश्वास ने पूरे कार्यक्रम के माहौल को सकारात्मक बना दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित रहे
अमित कुमार, अनिल कुमार, शिक्षक राहुल सिंह, नवीन बंसीवाल, टीकम सिंह, संदीप सिंह, उमेश सिंह, ज्ञान सिंह, कार्मेंद्र सिंह सहित कई सम्मानित लोग मौजूद रहे और विधांशु के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
समाज आगे आए, तो हर विधांशु बन सकता है इंजीनियर
यह पहल सिर्फ एक छात्र की सहायता भर नहीं है—
यह संदेश है कि यदि सामाजिक संगठन और व्यक्ति आगे बढ़कर सहयोग करें, तो किसी भी बच्चे की शिक्षा अधूरी नहीं रह सकती।
भुइयार एजुकेशनल सोसाइटी की यह संवेदनशील पहल समाज में एक नई सोच, नई उम्मीद और नई दिशा दे रही है।











